📍नई दिल्ली | 7 Nov, 2024, 5:13 PM
10 Years of OROP: वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना के लागू होने के 10 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़े दशकों से चली आ रही इस योजना पर अब तक किए गए वित्तीय व्यय को दर्शाते हैं। इस योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि वाले रैंक के पूर्व सैनिकों के बीच पेंशन में असमानता को दूर करना है। आइए जानते हैं कि OROP पर अब तक कितना खर्च हुआ है और इसके प्रमुख चरणों के वित्तीय आंकड़े क्या कहते हैं:
1. जानें कितना हुआ खर्च
पिछले 10 वर्षों में OROP के लिए वित्तीय आवंटन में तेजी से वृद्धि हुई है। 2014 में इसके लागू होने के बाद से अब तक इस योजना पर कुल 1,24,974.34 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। OROP के विभिन्न चरणों (OROP-I, OROP-II और मौजूदा OROP-III) में इस व्यय में लगातार वृद्धि देखी गई है:
- OROP-I (2014): पहले चरण में 20.60 लाख पेंशनर्स को लाभ पहुंचाया गया और कुल 82,203.08 करोड़ रुपये का खर्च हुआ।
- OROP-II: इस चरण में लाभार्थियों की औसत संख्या बढ़कर 25.14 लाख हो गई, जिससे व्यय में और वृद्धि हुई।
- OROP-III (2024): वर्तमान में यह चरण 21.56 लाख पेंशनर्स को लाभ पहुंचा रहा है, जिसमें सितंबर 2024 तक 82,203.08 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।
2. OPRO-3 में कितना हुआ खर्च
2024 में शुरू हुए OROP-III में जुलाई 2024 से फरवरी 2025 तक अनुमानित वित्तीय प्रभाव 4,468.83 करोड़ रुपये का रहा। सितंबर 2024 तक इसमें से 895.53 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिससे सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों को लाभ हुआ है।
3. पेंशन संशोधन और नीति
OROP का एक प्रमुख पहलू पेंशन का हर पांच साल में पुनरीक्षण है, जिससे पेंशन को वर्तमान वेतनमान के अनुसार समायोजित किया जाता है। जुलाई 2024 में नवीनतम संशोधन से सरकार ने इस नीति को बरकरार रखने की अपनी मंशा को दर्शाया है।
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों पर प्रभाव
OROP योजना वर्तमान में 25.14 लाख से अधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान करती है। इस योजना ने न केवल आर्थिक संबल दिया है, बल्कि हमारे देश की रक्षा में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों का मनोबल भी ऊंचा किया है।
OROP के 10 साल
OROP के 10 साल पूरे होने के साथ, यह योजना पूर्व सैनिकों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के मजबूत संकल्प को दर्शाती है। 2014 से अब तक 1.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जिससे इस योजना की व्यापकता और इसकी निरंतरता का संकेत मिलता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर ट्वीट किया: “आज के दिन #OneRankOnePension (OROP) लागू हुई थी। यह हमारे बहादुर पूर्व सैनिकों के साहस और बलिदान को एक श्रद्धांजलि थी। पिछले दशक में लाखों पेंशनर्स और उनके परिवारों ने इस ऐतिहासिक पहल से लाभ उठाया है। OROP सिर्फ आंकड़े नहीं है, बल्कि हमारी सरकार की हमारे सशस्त्र बलों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
On this day, #OneRankOnePension (OROP) was implemented. This was a tribute to the courage and sacrifices of our veterans and ex-service personnel who dedicate their lives to protecting our nation. The decision to implement OROP was a significant step towards addressing this…
— Narendra Modi November 12, 2018
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “OROP प्रधानमंत्री @narendramodi जी की नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उनकी सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है। OROP के माध्यम से 25 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों को लाभ मिला है।” OROP योजना के ये 10 साल एक मजबूत और स्थायी नीति के माध्यम से हमारे देश के बहादुर पूर्व सैनिकों की सेवा का सम्मान करते हैं।
The #OneRankOnePension (OROP) has been an important pillar of Prime Minister Shri @narendramodi’s policy towards the Armed Forces. The Government under his leadership is committed to take care of the soldiers and their families.
More than 25 lakh veterans have been benefitted… pic.twitter.com/L4UHkacwmK
— Rajnath Singh November 12, 2018
Author
Harendra Chaudhary is active in defence journalism and is associated with RakshaSamachar.com. They have long been covering strategic news, defence policies and national security related issues involving Indian Army, Navy and Air Force. In his career of journalism, Harendra has written detailed articles on Parliament’s activities, military campaigns, India-Pak and India-China border dispute, defence procurement and ‘Make in India’ defence projects. They are known for deep understanding and analytical approach of defense cases.












