📍मुंबई | 31 Oct, 2025, 6:18 PM
MALE RPAS UAS: भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टूब्रो और अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स इंक ने भारत में मीडियम ऑल्टिट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (MALE) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) बनाने के लिए साझेदारी का एलान किया है। यह समझौता भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स को अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स) बनने का दशकों का अनुभव है। वहीं, लार्सन एंड टूब्रो के पास इंजीनियरिंग, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन में महारत है। दोनों कंपनियां मिलकर भारत में कॉम्बैट-प्रूवेन मेल रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम प्लेटफॉर्म्स बनाएंगी, जो पूरी तरह से मेड इन इंडिया होंगे।
MALE RAPS UAS: 87 मेल आरपीएएस के लिए साझेदारी
यह साझेदारी भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के 87 मेल आरपीएएस कार्यक्रम के तहत की जा रही है। इस कार्यक्रम में लार्सन एंड टूब्रो मुख्य बोलीदाता होगी और जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स तकनीकी साझेदार के तौर पर काम करेगी। इस सहयोग के जरिए जनरल एटॉमिक्स की एमक्यू-सीरीज रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम का उत्पादन भारत में किया जाएगा। ये सिस्टम दुनिया के कई देशों में निगरानी और स्ट्राइक मिशनों में काम आ रहे हैं और लाखों उड़ान घंटे भर चुके हैं।
कंपनी का कहना है कि यह कार्यक्रम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत चलाया जाएगा। इसमें जरूरी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और इंडिजीनियस कंटेंट के मानदंडों को पूरा किया जाएगा। यह पहल भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने और विदेशी निर्भरता घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एल एंड टी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यम ने कहा, “यह साझेदारी भारत के लिए अत्याधुनिक अनमैन्ड प्लेटफॉर्म्स को स्वदेशी रूप से बनाने का अनोखा अवसर है। जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स के साथ मिलकर हमें गर्व है कि यह साझेदारी भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेगी।”
वहीं, जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विवेक लाल ने कहा, “एल एंड टी के साथ सहयोग भारत के आत्मनिर्भरता विजन को आगे बढ़ाने वाला कदम है। जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स की तकनीक और एल एंड टी की निर्माण क्षमता मिलकर भारतीय सशस्त्र बलों के लिए मेल आरपीएएस का निर्माण करेगी।”


