HomeDefence News858 करोड़ की डिफेंस डील, सेना को मिलेगा तुंगुश्का का 'अपग्रेड', नौसेना...

858 करोड़ की डिफेंस डील, सेना को मिलेगा तुंगुश्का का ‘अपग्रेड’, नौसेना को P8I मेंटेनेंस सपोर्ट

पहला कॉन्ट्रैक्ट 445 करोड़ रुपये का है, जिसके तहत भारतीय सेना के तुंगुश्का एयर डिफेंस मिसाइल गन सिस्टम के लिए मिसाइलें/स्पेयर्स खरीदे जाएंगे...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 27 Mar, 2026, 7:03 PM

Tunguska-P8i contracts: भारत सरकार ने डिफेंस सेक्टर को मजबूती देने के लिए शुक्रवार को दो बड़े समझौते किए हैं। कुल 858 करोड़ रुपये के इन सौदों में एक तरफ भारतीय सेना के लिए तुंगुश्का एयर डिफेंस मिसाइल गन सिस्टम के लिए मिसाइलें/स्पेयर्स खरीदे जाएंगे, वहीं दूसरी तरफ नौसेना के खास पी-8आई विमान की देखरेख और मेंटेनेंस की व्यवस्था की जाएगी।

Tunguska-P8i contracts: सेना के लिए तुंगुश्का एयर डिफेंस सिस्टम का अपग्रेड

पहला कॉन्ट्रैक्ट 445 करोड़ रुपये का है, जिसके तहत भारतीय सेना के तुंगुश्का एयर डिफेंस मिसाइल गन सिस्टम के लिए मिसाइलें/स्पेयर्स खरीदे जाएंगे। यह समझौता रूस की कंपनी जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया गया है।

Tunguska-P8i contracts

तुंगुश्का एक ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम है, जो आसमान से आने वाले खतरों को रोकने के लिए इस्तेमाल होता है। इसमें मिसाइल और गन दोनों का कॉम्बिनेशन होता है, जिससे यह कम दूरी पर तेजी से हमला करने वाले टारगेट को भी निशाना बना सकता है। इस सिस्टम की खास बात यह है कि यह सिस्टम ड्रोन और मिसाइलों को निशाना बना सकता है।

आज के समय में ड्रोन, क्रूज मिसाइल और लो फ्लाइंग एयरक्राफ्ट जैसे खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में तुंगुश्का जैसे सिस्टम सेना की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। यह सिस्टम बहुत कम समय में रेस्पॉन्स देता है और चलते-फिरते भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारतीय सेना में यह सिस्टम 1990 में शामिल किया गया था। इसकी मिसाइलों की रेंज 8-10 किमी तक है, जबकि यह पांच किमी दूर से ही गोलियों के जरिए किसी ड्रोन को निशाना बना सकता है। लेकिन समय के साथ यह सिस्टम पुराना हो गया है और इसे अपग्रेड की जरूरत है। इस सौदे के जरिए भारतीय सेना की मल्टी लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम और मजबूत होगी। (Tunguska-P8i contracts)

यह भी पढ़ें:  China PL-15 missiles: बड़ा खुलासा! यूएई की मदद से चीन ने अपनी मिसाइलों को किया अपग्रेड, अमेरिकी जासूसों का दावा

नौसेना के पी8आई विमानों की होगी देश में ही देखरेख

दूसरा कॉन्ट्रैक्ट 413 करोड़ रुपये का है, जो भारतीय नौसेना के पी8आई लॉन्ग रेंज मैरीटाइम रिकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस के लिए किया गया है। यह समझौता बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुआ है।

पी8आई विमान भारतीय नौसेना के सबसे अहम विमानों में से एक है। इसका इस्तेमाल समुद्र में निगरानी, दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और लंबी दूरी तक गश्त करने के लिए किया जाता है।

अब तक इन विमानों की बड़ी मरम्मत और जांच के लिए कई बार विदेश पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन इस नए कॉन्ट्रैक्ट के बाद इनकी डिपो लेवल मेंटेनेंस भारत में ही की जाएगी। (Tunguska-P8i contracts)

Tunguska-P8i contracts

देश में बनेगा मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर

इस समझौते के तहत भारत में ही एमआरओ यानी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सुविधा विकसित की जाएगी। जिसके तहत विमान की गहरी जांच, मरम्मत और जरूरी बदलाव देश के अंदर ही किए जाएंगे।

इससे समय की बचत होगी और ऑपरेशनल उपलब्धता भी बढ़ेगी। यानी विमान ज्यादा समय तक मिशन के लिए तैयार रहेंगे।

यह कदम सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया नीति के तहत उठाया गया है। इसमें खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में 100 प्रतिशत इंडिजिनस कंटेंट यानी स्वदेशी भागीदारी रखी गई है। (Tunguska-P8i contracts)

यह भी पढ़ें:  EX DHARMA GUARDIAN: भारत-जापान के बीच जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज 'धर्म गार्जियन' शुरू, भारतीय सेना फुजी रवाना, जानें क्यों है यह महत्वपूर्ण?

पी8आई विमान क्यों है अहम

पी8आई विमान लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है और समुद्र के बड़े इलाके पर नजर रख सकता है। इसमें एडवांस सेंसर और रडार लगे होते हैं, जो पानी के नीचे छिपी पनडुब्बियों का भी पता लगा सकते हैं। यह विमान भारतीय महासागर क्षेत्र में निगरानी के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके जरिए नौसेना दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखती है और समय रहते कार्रवाई कर सकती है। (Tunguska-P8i contracts)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular