📍नई दिल्ली | 11 Nov, 2025, 1:00 PM
Delhi Blast Update: दिल्ली के रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने जांच की रफ्तार और तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और साथ ही आसपास के इलाकों में मोबाइल डंप डेटा जुटाया जा रहा है। यह डेटा उन सभी मोबाइल फोनों से संबंधित है जो ब्लास्ट के वक्त रेड फोर्ट और उसके आसपास के इलाके में एक्टिव थे।
अधिकारियों का कहना है कि इस डंप डेटा से उन फोन नंबरों का पता लगाया जा सकेगा जिनका ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई कार से संपर्क हुआ था। जांच टीम का मानना है कि कार में सवार लोग ब्लास्ट से पहले आपस में बातचीत कर रहे थे, इसलिए पार्किंग एरिया और उसके आस-पास का डेटा बेहद अहम हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद का मोबाइल डेटा भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरी साजिश में किन लोगों के बीच संपर्क या बातचीत हुई थी। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि ब्लास्ट से पहले और बाद में किन लोगों के बीच कॉल या मैसेजिंग हुई।
💔 Heart-wrenching visuals from Delhi after the Red Fort blast
The family of 22-year-old Pankaj Sahni has identified his body at Maulana Azad Medical College mortuary. They are taking him home in an ambulance – a scene filled with grief and silence.
At the same time, another body… pic.twitter.com/OBgcNphbWP— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 11, 2025
सोमवार शाम हुआ यह धमाका दिल्ली के दिल कहे जाने वाले इलाके में हुआ था, जब एक हरियाणा नंबर की हुंडई आई20 कार रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास अचानक फट गई। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां जल गईं। इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई हुंडई आई20 कार फरीदाबाद में सेक्टर-37 स्थित एक सेकंड हैंड कार डीलर से खरीदी गई थी। इस कार को कई बार खरीदा और बेचा गया था। पहले यह कार मोहम्मद सलमान की थी, जिसने इसे नदीम को बेचा, फिर यह गाड़ी सेकंड हैंड कार डीलर के पास पहुंची। बाद में यह कार आमिर ने खरीदी, जिसने इसे तारीक को दी। जांच एजेंसियों को शक है कि तारीक का संबंध फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मोहम्मद उमर नाम के व्यक्ति ने बाद में यह कार अपने कब्जे में ली थी। फिलहाल इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस ने कुछ को हिरासत में लिया है।
धमाके से कुछ ही घंटे पहले, पुलिस ने फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की थी, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे खतरनाक केमिकल शामिल थे। इन सामग्रियों से सैकड़ों आईईडी बनाए जा सकते थे।
सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टर आदिल अहमद राथर और मुजम्मिल गनई को कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। दोनों का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों से बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन गिरफ्तारियों के बाद ही आतंकी मॉड्यूल में अफरातफरी मच गई और इसी घबराहट में ब्लास्ट को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
फिलहाल, एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मिलकर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। जांच टीमें सीसीटीवी फुटेज, फोन कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया डेटा के जरिए इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि ब्लास्ट के पीछे कौन लोग थे और किसने यह पूरी साजिश रची।


