📍नई दिल्ली | 24 Jan, 2026, 5:42 PM
Border 2 Indian Armed Forces: इस साल आई फिल्म बॉर्डर 2 ने एक बार फिर लोगों के दिलों में देशभक्ति का जोश भर दिया है। यह फिल्म सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं दिखाती, बल्कि यह बताती है कि भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना मिलकर देश की रक्षा कैसे करती हैं। फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से प्रेरित है और इसमें सैनिकों के साहस के साथ-साथ उनकी ताकत और हथियारों को भी साफ तौर पर दिखाया गया है।
फिल्म की खास बात यह है कि इसमें पुराने जमाने के हथियारों के साथ-साथ आज के आधुनिक हथियार भी दिखाए गए हैं। (Border 2 Indian Armed Forces)
Border 2 Indian Armed Forces: जमीन पर थल सेना की ताकत
फिल्म में सबसे ज्यादा जोर थल सेना पर है। सीमावर्ती इलाकों में टैंकों के साथ आगे बढ़ते जवान, दुश्मन के ठिकानों पर हमले और आमने-सामने की लड़ाई बहुत ही असली लगती है।
फिल्म में टी-55 टैंक को दिखाया गया है, जो 1971 के युद्ध में भारतीय सेना की बड़ी ताकत था। भारी भरकम शरीर, लंबी तोप और दुश्मन के बंकरों को तबाह करने की क्षमता के साथ यह टैंक पर्दे पर खूब गरजता नजर आता है। कुछ एक्शन सीन्स में टी-72 टैंक जैसे आधुनिक टैंकों की झलक भी दी गई है, ताकि आज की पीढ़ी को मौजूदा सैन्य ताकत का अंदाजा हो सके।
इन्फैंट्री के जवानों के हाथों में एके-47, इंसास राइफल, 7.62 एमएम राइफल और आरपीजी-7 रॉकेट लॉन्चर जैसे हथियार दिखाए गए हैं। दुश्मन के टैंकों पर आरपीजी से हमले वाले सीन दर्शकों की सांसें रोक देते हैं। इसके अलावा मोर्टार, 105 एमएम फील्ड गन और हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल भी फिल्म में बड़े पैमाने पर दिखाया गया है। (Border 2 Indian Armed Forces)
INS विक्रांत बना फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण
फिल्म का सबसे खास हिस्सा है भारतीय नौसेना और आईएनएस विक्रांत। यह भारत का स्वदेशी युद्धपोत है, जिसे फिल्म में समुद्र में भारत की ताकत के रूप में दिखाया गया है। फिल्म के कई सीन समुद्र में सेट हैं, जहां आईएनएस विक्रांत से फाइटर जेट उड़ान भरते नजर आते हैं। डेक पर खड़े नौसैनिक, रडार रूम, मिसाइल सिस्टम और कमांड सेंटर के दृश्य फिल्म को रियल और दमदार बनाते हैं। दर्शकों को यह महसूस होता है कि भारतीय नौसेना समुद्र में कितनी मजबूत स्थिति में है।
आईएनएस विक्रांत पर तैनात मिग-29के फाइटर जेट, कामोव हेलीकॉप्टर, बराक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और एके-630 क्लोज-इन वेपन सिस्टम जैसे हथियारों की झलक फिल्म में दिखाई गई है। कुछ सीन में गैटलिंग गन का इस्तेमाल करते भी दिखाया गया है, जो दुश्मन पर लगातार गोलियों की बारिश करते हैं। फिल्म के पोस्टर में अहान शेट्टी को गैटलिंग गन लेकर दुश्मन पर फायरिंग दिखाया गया है। यह शिप बोर्ड फाइटिंग या कमांडो ऑपरेशन में इस्तेमाल होता है। (Border 2 Indian Armed Forces)
फिल्म के प्रमोशन के दौरान अभिनेता सनी देओल और पूरी टीम का असली आईएनएस विक्रांत पर जाना भी चर्चा में रहा। यह दौरा कारवार नेवल बेस (गोवा के पास) पर हुआ था। वहां उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और सैनिकों से मिले। सनी देओल ने वहां “अवाज कहां तक जानी चाहिए” वाला डायलॉग भी बोला था, जो फिल्म का फेमस डायलॉग है। टीम ने विक्रांत पर म्यूजिक परफॉर्मेंस भी की थी, एक स्पेशल गाना “मिट्टी के बेटे” वहां लाइव गाया था।
आईएनएस विक्रांत भारत की आत्मनिर्भर ताकत का प्रतीक है। यह 2022 में कमीशन हुआ था। 40,000 टन वजन का यह जहाज 262 मीटर लंबा है। इसमें 30 से ज्यादा एयरक्राफ्ट रखे जा सकते हैं। फिल्म में इसे दिखाकर देश को जोश से भर दिया है और यह संदेश दिया कि हमारी नौसेना कितनी मजबूत है। (Border 2 Indian Armed Forces)
वायु सेना का दम: आसमान में भारतीय ताकत
बॉर्डर 2 में वायु सेना की भूमिका भी बेहद अहम है। आसमान में उड़ते फाइटर जेट, दुश्मन के ठिकानों पर बमबारी और जमीन पर लड़ रहे सैनिकों को एयर सपोर्ट – ये सब सीन फिल्म को बड़े पैमाने का एहसास देते हैं।
फिल्म में मिग-21 फाइटर जेट को खास तौर पर दिखाया गया है, जो 1971 के युद्ध का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा आधुनिक टच देने के लिए मिग-29 और सुखोई-30 एमकेआई जैसे विमानों की झलक भी मिलती है।
एयर-टू-ग्राउंड बम, मिसाइल और मी-17 हेलीकॉप्टर से सैनिकों की आवाजाही जैसे दृश्य दिखाते हैं कि वायु सेना किस तरह थल सेना और नौसेना के साथ मिलकर काम करती है। (Border 2 Indian Armed Forces)
जॉइंट ऑपरेशन: तीनों सेनाओं का तालमेल
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें तीनों सेनाओं का जॉइंट ऑपरेशन दिखाया गया है। जमीन पर टैंक आगे बढ़ते हैं, समुद्र से आईएनएस विक्रांत दुश्मन पर दबाव बनाता है और आसमान से फाइटर जेट हमला करते हैं। यह वही रणनीति है, जिसे आधुनिक युद्ध में सबसे अहम माना जाता है।
क्लाइमेक्स में तीनों सेनाओं का एक साथ एक्शन दर्शकों को सीट से बांधकर रखता है। यह साफ संदेश जाता है कि भारत की सुरक्षा सिर्फ एक फोर्स के भरोसे नहीं, बल्कि तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत पर टिकी है। (Border 2 Indian Armed Forces)
हथियारों से ज्यादा जज्बे की जीत
हालांकि फिल्म में हथियारों और तकनीक को शानदार तरीके से दिखाया गया है, लेकिन कहानी का मूल संदेश यही है कि युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं जीता जाता, बल्कि जवानों के साहस, अनुशासन और बलिदान से जीता जाता है।
बॉर्डर 2 में हथियार कहानी को मजबूत बनाते हैं, लेकिन असली नायक वही सैनिक हैं, जो हर हाल में देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं। यही वजह है कि फिल्म देखने के बाद दर्शकों का सिर गर्व और सम्मान से चौड़ा हो जाता है। (Border 2 Indian Armed Forces)





