back to top
Saturday, August 30, 2025
HomeDefence NewsIndia-China Relations: सीमा विवाद के बाद पहली बार मिलेंगे राजनाथ सिंह और...

India-China Relations: सीमा विवाद के बाद पहली बार मिलेंगे राजनाथ सिंह और उनके चीनी समकक्ष

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
Read Time 0.4 mintue

📍नई दिल्ली | 14 Nov, 2024, 1:08 PM

India-China Relations: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगले हफ्ते अपने चीनी समकक्ष डोंग जुन से मुलाकात करेंगे, जो पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर हाल ही में हुई सेना की वापसी के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च-स्तरीय बैठक होगी। यह मुलाकात ASEAN रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन (ADMM-Plus) के दौरान लाओस में होगी।

India-China Relations: Rajnath Singh Set to Meet Chinese Counterpart in First High-Level Dialogue Post LAC Truce

पिछले महीने, भारत और चीन की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग इलाकों में साझा गश्त की थी। यह गश्त उस समय हुई जब दोनों देशों ने इन क्षेत्रों से सेनाओं के हटने के बाद शांति बनाए रखने के लिए साप्ताहिक समन्वित गश्त पर सहमति व्यक्त की। यह कदम 2020 में गलवान घाटी में हुए टकराव के बाद बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

21 अक्टूबर को भारत ने चीन के साथ एक समझौता किया, जिसके तहत दोनों देशों की सेनाएं LAC पर सीमित गश्त करेंगी। यह समझौता चार साल से चल रहे सीमा विवाद को समाप्त करने के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिसे 2020 के गलवान संघर्ष के बाद शुरू हुए सैन्य गतिरोध के रूप में देखा गया था।

ADMM-Plus एक वार्षिक बैठक है जिसमें ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस और अमेरिका सहित आठ देशों के रक्षा मंत्री भाग लेते हैं। इस साल की बैठक में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की संभावना है।

अप्रैल 2023 में भारत में हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री ली शांगफू से मुलाकात की थी। इस बैठक में भी सीमा मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई थी। इससे पहले 2020 में मास्को में हुई SCO बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंघे से मुलाकात की थी, जो गलवान संघर्ष के कुछ महीनों बाद हुई थी।

यह भी पढ़ें:  Takshashila Survey 2024: भारत-चीन संबंधों को लेकर क्या सोचती है जनता, लोग बोले- चीन में होता लोकतंत्र तो ऐसे होते हालात

हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की। यह मुलाकात LAC समझौते पर हस्ताक्षर के बाद हुई, जिससे दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक और कदम बढ़ा।

लाओस में होने वाली आगामी बैठक दोनों देशों के बीच जटिल संबंधों में संवाद बनाए रखने और एक-दूसरे के प्रति समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरीhttp://harendra@rakshasamachar.com
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवादों, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। 📍 Location: New Delhi, in 🎯 Area of Expertise: Defence, Diplomacy, National Security

1 COMMENT

Most Popular

Recent Comments

Share on WhatsApp