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पोखरण में ऑपरेशन सिंदूर का रीक्रिएशन! 77 फाइटर जेट और 43 हेलीकॉप्टर के साथ एयरफोर्स Vayu Shakti में दिखाएगी प्रिसिजन स्ट्राइक पावर

इस बार के वायु शक्ति-26 में करीब 11,835 किलोग्राम नेट एक्सप्लोसिव क्वांटिटी (एनईक्यू) के बराबर गोला-बारूद इस्तेमाल किया जाएगा...

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📍नई दिल्ली | 12 Feb, 2026, 12:41 AM

Exercise Vayu Shakti 2026: भारतीय वायु सेना एक बार फिर अपनी ताकत और सटीक हमले की क्षमता का प्रदर्शन करने जा रही है। इस महीने 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर स्थित भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक पोखरण एयर-टू-ग्राउंड फायरिंग रेंज में एक्सरसाइज वायु शक्ति-26 का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास में वायु सेना ऑपरेशन सिंदूर जैसी “प्रिसिजन टार्गेटिंग” यानी सटीक निशानेबाजी की झलक दिखने को मिलेगी।

वायु शक्ति हर कुछ सालों में आयोजित होने वाला बड़ा अभ्यास है, जिसमें देश के सामने वायु सेना अपनी पूरी मारक क्षमता, एयर डिफेंस ताकत और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस का प्रदर्शन करती है। इस बार का यह अभ्यास बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों को दोबारा से दिखाया जाएगा। (Exercise Vayu Shakti 2026)

Exercise Vayu Shakti 2026: मिलेगी ऑपरेशन सिंदूर की झलक

7 मई की सुबह तड़के भारतीय वायुसेना ने आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही उसने पाकिस्तान की ओर से की गई हवाई घुसपैठ की कोशिशों को भी नाकाम किया। इसके लिए वायुसेना ने पुराने सोवियत दौर के सिस्टम और आधुनिक स्वदेशी व आयातित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। इनमें आकाश, एमआर-एसएएम, पेचोरा और ओसा-एके जैसे एयर डिफेंस सिस्टम शामिल थे।

इन कार्रवाइयों के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कम से कम 11 एयरबेस को नुकसान पहुंचाया। शुरुआती दौर में 7 मई को भारतीय डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई द्वारा संपर्क करने पर पाकिस्तान ने बातचीत से इनकार कर दिया था। लेकिन बाद में हालात बदलने पर वही पाकिस्तान युद्धविराम के लिए मजबूर हो गया था। (Exercise Vayu Shakti 2026)

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वायु शक्ति अभ्यास के दौरान नकली दुश्मन ड्रोन को गिराने के लिए काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (सीयूएएस) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल, स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम, अपग्रेडेड एल-70 गन और अन्य प्लेटफॉर्म से फायरिंग की जाएगी।

वायु सेना यह दिखाएगी कि कैसे अलग-अलग वेपन सिस्टम एक साथ काम करते हैं और कैसे जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा कवच तैयार किया जाता है। (Exercise Vayu Shakti 2026)

कितनी बड़ी होगी यह एक्सरसाइज?

इस बार के वायु शक्ति-26 में करीब 11,835 किलोग्राम नेट एक्सप्लोसिव क्वांटिटी (एनईक्यू) के बराबर गोला-बारूद इस्तेमाल किया जाएगा। कुल 277 हथियारों का प्रयोग 43 अलग-अलग फायरिंग सीक्वेंस में 23 टारगेट्स पर किया जाएगा।

करीब 120 विमान और हेलीकॉप्टर इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। इनमें 77 फाइटर जेट, 43 हेलीकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल होंगे।

फाइटर बेड़े में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, हॉक, जगुआर, मिग-29, मिराज-2000 और तेजस एमके-1 शामिल रहेंगे। यही विमान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी मुख्य भूमिका में थे। (Exercise Vayu Shakti 2026)

फोकस में रहेगा राफेल

वायु सेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने एक्सरसाइज वायु शक्ति के कर्टेन रेजर में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में राफेल फाइटर जेट “हीरो” साबित हुआ था। इस अभ्यास में भी राफेल की सटीक मारक क्षमता दिखाई जाएगी।

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हालांकि सुरक्षा कारणों से लंबी दूरी की स्टैंड-ऑफ वेपंस का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा, क्योंकि इस अभ्यास को देखने के लिए विदेशी ऑब्जर्वर भी मौजूद रहेंगे। फोकस सटीक निशाने और इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस पर रहेगा। (Exercise Vayu Shakti 2026)

दिखेंगे ये मिसाइल सिस्टम

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायु सेना ने आकाश, एमआर-सैम, पेचोरा और ओसा-एके जैसी मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल कर दुश्मन की हवाई घुसपैठ को नाकाम किया था। इस बार भी इन सिस्टम की क्षमता का प्रदर्शन पोखरण में देखने को मिलेगा।

अभ्यास का मकसद यह दिखाना है कि पुरानी सोवियत-युग के सिस्टम और नई स्वदेशी व आयातित तकनीक मिलकर कैसे मजबूत एयर डिफेंस कवच बनाती हैं। (Exercise Vayu Shakti 2026)

Exercise Vayu Shakti 2026

वायु शक्ति-26 में क्या नया होगा?

इस बार वायु शक्ति-26 में कई नई चीजें देखने को मिलेंगी। इसमें पहली बार सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट रात में असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल करेगा। यानी कम रोशनी और कठिन हालात में रनवे पर उतरने का अभ्यास होगा।

सी-130जे सुपर हरक्यूलिस छोटा रनवे चुनकर उतरेगा, गरुड़ कमांडो को उतारेगा और कुछ ही मिनटों में फिर उड़ान भर लेगा। इस दौरान अटैक हेलीकॉप्टर लैंडिंग क्षेत्र को सुरक्षित करेंगे।

इस बार अभ्यास में एक और खास बात देखने को मिलेगी। पहली बार इजरायली स्पाइक फैमिली की स्पाइक एनएलओएस मिसाइल का प्रदर्शन किया जाएगा। यह मिसाइल एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दागी जाएगी। यह लंबी दूरी की सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइल है, जो बियोंड द विजुअल रेंज वाले टारगेट्स को भी मार सकती है। इसकी मारक क्षमता करीब 50 किलोमीटर तक है। यानी यह दूर छिपे हुए या सुरक्षित ठिकानों पर भी सुरक्षित दूरी से हमला करने में सक्षम है। इसे एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दागा जाएगा। यह मिसाइल 50 किलोमीटर तक लाइन ऑफ साइट से परे टारगेट को मार सकती है। (Exercise Vayu Shakti 2026)

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इसके अलावा रुद्र, प्रचंड, चेतक, एएलएच एमके-IV, चिनूक, रिमोटली पॉयलेटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए) और अपाचे हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे।

मानवता और आपदा प्रबंधन की भी मिलेगी झलक

वायु सेना केवल युद्ध क्षमता ही नहीं दिखाएगी, बल्कि ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ यानी आपदा राहत में अपनी भूमिका भी प्रदर्शित करेगी।

सी-17, सी-130जे और सी-295 जैसे विमान दिखाएंगे कि कैसे संघर्ष क्षेत्रों या आपदा प्रभावित इलाकों में तेजी से एयरलिफ्ट और निकासी अभियान चलाया जाता है। (Exercise Vayu Shakti 2026)

स्क्वाड्रन की कमी से जूझ रही है वायुसेना

इस अभ्यास के बीच एक अहम मुद्दा फाइटर स्क्वाड्रन की कमी भी है। वायु सेना के पास इस समय 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि तय संख्या 42.5 है। सूत्रों के मुताबिक डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। इसके अलावा करीब 100 से 120 स्कैल्प क्रूज मिसाइल खरीदने की चर्चा भी है, जिनका इस्तेमाल पिछले साल आतंकवादी ठिकानों पर किया गया था। (Exercise Vayu Shakti 2026)

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