📍भोपाल | 29 Nov, 2025, 9:27 PM
Indian Navy Car Expedition: भोपाल के द्रोणाचल मिलिट्री कैंटोनमेंट में आज भारतीय नौसेना के इंडियन नेवी कार एक्सपीडिशन को औपचारिक रूप से फ्लैग-ऑफ किया गया। यह कार यात्रा मुंबई स्थित नेवल डॉकयार्ड की 290वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित की गई है, ताकि देश की समुद्री विरासत और तीनों सेनाओं के बीच मजबूत संबंधों को प्रदर्शित किया जा सके।
मध्य प्रदेश के मिलिट्री एरिया भोपाल कैंट में शनिवार सुबह को सुदर्शन चक्र कॉर्प्स के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने भारतीय नौसेना के इंडियन नेवी कार एक्सपीडिशन को औपचारिक रूप से फ्लैग-ऑफ किया।
यह कार एक्सपीडिशन मुंबई स्थित नेवल डॉकयार्ड की स्थापना के 290 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। यह डॉकयार्ड वर्ष 1735 में स्थापित हुआ था और तब इसे बॉम्बे डॉकयार्ड के नाम से जाना जाता था। इसका इतिहास लगभग 300 वर्षों से भी ज्यादा पुराना है और इसे एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित समुद्री प्रतिष्ठानों में गिना जाता है।
सन् 1725 से 1821 के बीच इस डॉकयार्ड में 100 टन से बड़े 150 से अधिक जहाज बनाए गए थे। इनमें एचएमएस हिंदुस्तान, एचएमएस एशिया और एचएमएस कॉर्नवालिस जैसे कई महत्वपूर्ण युद्धपोत शामिल थे, जिनका उपयोग बाद में ब्रिटिश रॉयल नेवी ने भी किया। यही नहीं, वर्ष 1750 में यहां एशिया का पहला ड्राई डॉक बॉम्बे डॉक तैयार किया गया, जो आज भी ऑपरेशन में है। इसके बाद बना डंकन डॉक लंबे समय तक यूरोप के बाहर सबसे बड़ा ड्राई डॉक माना गया।
इतिहास ही नहीं, यह डॉकयार्ड 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका में रहा। नौसेना के जहाजों की मरम्मत और मॉडिफिकेशन यहीं किए गए थे। यह स्थान आज भारत के आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण का अहम केंद्र माना जाता है।
भोपाल से शुरू हुई इंडियन नेवी कार एक्सपीडिशन कुल 21 दिनों की यात्रा पर है, जिसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा। इस अभियान में कुल 12 आइकॉनिक वाहन शामिल हैं और हर चरण में लगभग 40 प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें नौसेना के अधिकारी और डिफेंस सिविलियंस शामिल हैं। यह कार रैली मुंबई, शिमला, कल्पा और किन्नौर जैसे स्थानों से होकर गुजरेगी और देशभर में लोगों को नौसेना के इतिहास, क्षमता और राष्ट्र-सेवा से जोड़ने का संदेश देगी।
