📍मसूरी, उत्तराखंड | 29 Nov, 2025, 5:16 PM
Civil-Military Fusion: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत में सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान में प्रशासनिक मशीनरी और सशस्त्र बलों ने एक साथ मिलकर जिस तरह समन्वय दिखाया, उसने देश में जनता का भरोसा मजबूत किया और हालात को नियंत्रित रखने में बड़ी भूमिका निभाई।
मसूरी में आयोजित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकवादी कैंपों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि भारत ने संतुलित और नॉन-एस्कलेटरी प्रतिक्रिया दी, लेकिन पड़ोसी देश के व्यवहार के चलते बॉर्डर एरिया में हालात सामान्य होने में दिक्कतें आईं। इसके बावजूद, देश के प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने समय पर महत्वपूर्ण जानकारी जनता तक पहुंचाई और देशभर में आयोजित मॉक ड्रिल्स को सफलतापूर्वक आयोजित किया। (Civil-Military Fusion)
राजनाथ सिंह ने यंग सिविल सर्वेंट्स से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रशासन भी संकट की हर स्थिति में उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि जैसे सैनिक हमेशा हर स्थिति के लिए तैयार रहते हैं, वैसे ही युवा प्रशासनिक अधिकारी भी किसी भी चुनौती के लिए तैयार रहें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” और “रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म” के मंत्र का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कई ग्लोबल वित्तीय संस्थाएं, जैसे मॉर्गन स्टेनली, अब अनुमान लगा रही हैं कि भारत अगले दो-तीन सालों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। (Civil-Military Fusion)
उन्होंने कहा कि सिविल सेवक केवल “रूल मेकर्स” नहीं, बल्कि जनता के हितों के संरक्षक और सुविधा प्रदान करने वाले “एनैब्लर्स” होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को ईमानदारी, नैतिकता और सार्वजनिक जवाबदेही के साथ काम करने की सलाह दी।
तकनीक के महत्व पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज की तारीख में टेक्नोलॉजी शासन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। जनधन योजना, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और इनकम टैक्स विभाग की फेसलेस असेसमेंट स्कीम इसका उदाहरण हैं। उन्होंने रक्षा मंत्रालय की संपूर्ण (एआई-ड्राइवन आटोमेशन सिस्टम) का जिक्र करते हुए कहा कि यह पारदर्शिता के साथ रक्षा खरीद प्रक्रिया को विश्लेषित करने और भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद कर रही है। (Civil-Military Fusion)
उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग जनता की पहुंच, पारदर्शिता और समावेशन बढ़ाने के लिए होना चाहिए, लेकिन यह कभी अंतिम लक्ष्य नहीं बनना चाहिए।
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने युवा अधिकारियों को संवेदनशील बने रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी समाज के वंचित या कमजोर वर्गों के लोगों से मिलें, तो उन्हें उनकी कठिनाइयों को समझना चाहिए, क्योंकि कई बार लोगों की परेशानियां सिर्फ उनके प्रयासों से नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से भी तय होती हैं। यही सोच एक अधिकारी को वास्तव में “पीपल-सेंट्रिक” बनाती है। (Civil-Military Fusion)
समारोह में उन्होंने महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी की तारीफ करते हुए कि यूपीएससी के इस वर्ष के परिणाम में पहले स्थान सहित टॉप पांच में तीन महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने कहा कि 2047 तक बड़ी संख्या में महिलाएं कैबिनेट सचिव के स्तर तक पहुंचेंगी और भारत की विकास यात्रा को नेतृत्व देंगी। (Civil-Military Fusion)
