📍नई दिल्ली | 16 Nov, 2025, 8:44 PM
LCA Tejas vs JF-17: दुनिया के सबसे बड़े एविएशन इवेंट्स में से एक दुबई एयरशो 2025 में इस बार फिर भारत और पाकिस्तान के दो प्रमुख लड़ाकू विमान एक ही मंच पर दिखाई देंगे। भारतीय वायुसेना का स्वदेशी एलसीए तेजस और पाकिस्तानी वायुसेना का जेएफ-17 थंडर दुबई में आमने-सामने होंगे। यह दूसरा मौका है जब दोनों फाइटर जेट एक ही एयरशो में हिस्सा लेंगे। इससे पहले ऐसा 2023 में हुआ था।
Dubai Airshow 2025: सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और LCA तेजस दिखाएंगे दुबई एयरशो में जलवा
एयरशो 17 से 21 नवंबर तक अल मक्तूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों की एयरफोर्स, 1,500 से ज्यादा एग्जीबिटर्स और 200 से अधिक एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं।
भारतीय वायुसेना की तैयारियां इस बार पहले से ज्यादा मजबूत हैं। वायुसेना ने दुबई में तीन तेजस फाइटर जेट भेजे हैं, जो स्टैटिक और फ्लाइंग डिस्प्ले दोनों में हिस्सा लेंगे। इनके साथ भारत की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भी पहुंच चुकी है। यह टीम हॉक एमके-132 ट्रेनर जेट्स पर शानदार हवाई करतब दिखाने के लिए मशहूर है। सपोर्ट स्टाफ और उपकरणों को सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130जे सुपर हरक्यूलस विमान से दुबई पहुंचाया है।
Exercise #Garuda25 is underway! 🇮🇳🇫🇷
An Indian Air Force contingent has arrived at Mont-de-Marsan, France, for the 8th edition of the bilateral air exercise with the French Air & Space Force (FASF), scheduled from 16–27 November 2025.
The IAF is participating with Su-30MKI… pic.twitter.com/zknJSQwEqC— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 15, 2025
तेजस भारत का स्वदेशी एय़रक्राफ्ट है। इसका डिजाइन हल्का है, मैन्यूवरेबिलिटी बेहतरीन है और इसमें आधुनिक एवियोनिक्स लगे हैं। तेजस के एमके-1ए वर्जन में एईएसए रडार, अस्त्र बीवीआर मिसाइल, और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम शामिल हैं। यह 4.5-जेनरेशन का एयरक्राफ्ट है। 2023 के मुकाबले इस बार तेजस की फ्लाइंग परफॉरमेंस और एडवांस तकनीक में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा, क्योंकि पिछले एक साल में तेजस मार्क1ए ने कई महत्वपूर्ण अपग्रेड पूरे किए हैं।
वहीं, पाकिस्तान की ओर से जेएफ-17 थंडर इस एयरशो में भाग ले रहा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान इस बार इसका नया ब्लॉक-III वर्जन पेश करेगा। जेएफ-17 को पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त रूप से डेवलप किया गया है। इसमें केएलजे-7ए एईएसए रडार और रूसी आरडी-93 इंजन लगा है। कई देशों को पाकिस्तान इसे एक्सपोर्ट करने की कोशिश करता रहा है।
दुबई एयरशो में तेजस और जेएफ-17 का आमना-सामना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों विमान अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी हैं। अर्जेंटीना, मिस्र, मलेशिया और नाइजीरिया जैसे देशों ने दोनों में अपनी रूचि दिखाई है। इस एयरशो दोनों विमानों की वास्तविक क्षमता और फ्लाइंग परफॉर्मेंस को एक ही जगह देखने का मौका मिलेगा।
भारत के रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ इस एयरशो में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। वे यूएई के नेताओं से मुलाकात करेंगे और एक बड़े इंडस्ट्री राउंड टेबल की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें भारत, यूएई, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और यूरोप की कंपनियां हिस्सा लेंगी। इसका मकसद भारत में रक्षा तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग बढ़ाना है।
LCA Tejas vs JF-17
दुबई एयरशो में भारत ने एक बड़ा इंडिया पवेलियन भी लगाया है, जहां एचएएल, डीआरडीओ, कोरल टेक्नोलॉजीज, डेंटल हाइड्रोलिक्स, इमेज सिनर्जी और एसएफओ टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स पेश कर रही हैं। इसके अलावा भारत की 19 प्राइवेट कंपनियां जैसे भारत फोर्ज, ब्रह्मोस एयरोस्पेस और टेक महिंद्रा अलग से अपने स्टॉल लगा रही हैं। भारत के 15 स्टार्टअप भी पहली बार इस एयरशो में भाग ले रहे हैं।
इस एयरशो को एविएशन दुनिया में महत्व इसलिए भी मिलता है क्योंकि यहां रुस के सुखोई-57, अमेरिका के एफ-16, बी-52, और बोइंग 777एक्स जैसे बड़े विमान भी देखने को मिलेंगे।


