📍जयपुर | 10 Nov, 2025, 8:48 PM
Security Synergy Seminar 2025: जयपुर मिलिट्री स्टेशन में आज से दो दिवसीय “सिक्योरिटी सिनर्जी सेमिनार 2025” की शुरुआत हुई। इस सेमिनार का विषय है ‘व्होल ऑफ नेशन अप्रोच टू काउंटर फ्यूचर कॉन्फ्लिक्ट्स’, यानी भविष्य के संघर्षों से निपटने के लिए एकजुट राष्ट्रीय रणनीति। यह कार्यक्रम सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में और सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज (CLAWS) के सहयोग से आयोजित किया गया है।
साउथ वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह के मुताबिक इस सेमिनार को कराने का उद्देश्य सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, नागरिक प्रशासन, उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर एक इंटीग्रेटेड राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करना है।
अपने उद्घाटन भाषण में आर्मी कमांडर ने कहा कि आज का वैश्विक माहौल अत्यधिक अस्थिर है, जहां अनिश्चितता और बदलते शक्ति संतुलन नई चुनौतियां पेश कर रहे हैं। उन्होंने रूस–यूक्रेन और इजराइल–हमास युद्धों का उदाहरण देते हुए बताया कि अब युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साइबर, सूचना, अर्थव्यवस्था और नागरिक संरचनाओं को भी निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध अब मल्टी-डोमेन स्वरूप ले चुका है, जिसमें साइबर, स्पेस, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसे नए सेक्टर शामिल हैं। इसलिए, सभी राष्ट्रीय शक्तियों डिप्लोमेटिक, इन्फॉर्मेशनल, मिलिट्री और इकॉनॉमिक का तकनीकी सहयोग के साथ इंटीग्रेट होना जरूरी है।
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि वास्तविक राष्ट्रीय मजबूती तब आती है, जब शासन, उद्योग और नागरिक एकजुट होकर काम करें। यही ‘व्होल ऑफ नेशन अप्रोच’ की आत्मा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जय यानी – जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन’ के विजन का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें व्यक्तिगत सोच से ऊपर उठकर राष्ट्रकेंद्रित सोच अपनानी चाहिए।
इस दो दिवसीय सेमिनार में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रणनीतिकार, पूर्व सैनिक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, नौकरशाह, शिक्षाविद, मीडिया प्रतिनिधि और जयपुर की कई विश्वविद्यालयों के 130 छात्र शामिल हुए।
चर्चाओं में उभरते मल्टी-डोमेन खतरों, आतंकवाद-रोधी रणनीतियों और नागरिक–सैन्य सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
Security Synergy Seminar 2025
पहले दिन के सत्र में ‘द स्ट्रेटेजिक इम्पेरेटिव ऑफ व्होल ऑफ नेशन अप्रोच’ और ‘फॉर्जिंग पार्टनरशिप्स– द पिलर्स ऑफ कोलैबोरेशन’ जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दूसरे दिन ‘इन्फॉर्मेशन ऑपरेशंस’ और राज्य-स्तरीय सुरक्षा ढांचे पर विमर्श किया जाएगा।

सेमिनार के दौरान “सिटीजन वारियर्स” का कॉन्सेप्ट भी पेश किया गया, जिसके अनुसार हर नागरिक राष्ट्र का सुरक्षा प्रहरी है। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझेदारी से संभव है। चर्चाओं में मिलिट्री-सिविल फ्यूजन को मजबूत करने, संस्थागत और तकनीकी अंतरालों को पाटने तथा सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
यह सेमिनार आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त बनाने का एक अहम कदम है। सप्त शक्ति कमान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस बात पर केंद्रित रहा कि भारत की सुरक्षा संस्कृति को कैसे सामूहिक प्रयासों और आधुनिक तकनीक के माध्यम से मजबूत किया जा सकता है।
