📍अंबाला (हरियाणा) | 29 Oct, 2025, 12:58 PM
President In Rafale: भारत की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सुप्रीम कमांडर इन चीफ द्रौपदी मुर्मू ने आज हरियाणा के अंबाला एयरबेस से फ्रेंच मूल के राफेल फाइटर जेट में 30 मिनट की सुपरसोनिक उड़ान भरी। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने राफेल विमान में उड़ान भरी है। इससे पहले वे 2023 में असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 में उड़ान भर चुकी हैं। इस तरह द्रौपदी मुर्मू भारत की एकमात्र राष्ट्रपति बन गई हैं जिन्होंने दो अलग-अलग फाइटर जेट्स में सॉर्टी की है। वहीं, उसके साथ दूसरे जहाज में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भी उड़ान भरी।
सुबह करीब 9:45 बजे राष्ट्रपति मुर्मू अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं। भारतीय वायुसेना की 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गहनी ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें राफेल के दो-सीटर ट्रेनर वेरिएंट आरबी-008 में बिठाया।

उड़ान से पहले राष्ट्रपति को वायुसेना के स्टैंडर्ड सेफ्टी ट्रेनिंग और जी-सूट, ऑक्सीजन मास्क, हेलमेट पहनाया गया। टेकऑफ सुबह 10:12 बजे हुआ और उड़ान लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई तक गई।
🇮🇳✈️ #WATCH | Historic Moment!
President Droupadi Murmu takes a sortie in the Rafale fighter jet at Ambala Air Base, Haryana.
Indian Air Force Chief Air Chief Marshal A.P. Singh also flies in another Rafale during the mission.
The President’s aircraft was piloted by Group Captain… pic.twitter.com/siUmT73QUZ— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) October 29, 2025
उड़ान के दौरान राफेल ने 700 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरी। इस दौरान उन्होंने 200 किमी का एरिया कवर किया। राष्ट्रपति ने इस दौरान लो-लेवल फ्लाइट, हाई-जी टर्न्स और सुपरसोनिक ब्रेक्स को महसूस किया। फ्लाइंग एरिया पंजाब-हरियाणा की सीमा के ऊपर सीमित एयरस्पेस में था। लगभग 10:42 बजे राफेल विमान ने सुरक्षित रूप से लैंडिंग की।

President In Rafale: राष्ट्रपति ने क्या कहा
लैंडिंग के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा, “मैंने हमारे वायु योद्धाओं का साहस और कुशलता करीब से देखी। राफेल हमारी वायुसेना की ताकत और गौरव का प्रतीक है।”
वहीं, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनके साथ फॉर्मेशन फ्लाइट में दूसरे राफेल में उड़ान भर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इस सॉर्टी के दौरान 9G मैन्यूवर्स भी किए, जो बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि यह हमारे पायलटों की उत्कृष्ट ट्रेनिंग का प्रमाण है।
President In Rafale: 2006 में शुरू हुआ सिलसिला
26 जून 2006 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पहले राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 74 साल की उम्र में फाइटर जेट में उड़ान भरी थी। उन्होंने पुणे से सुखोई-30 में 1.8 मैक की स्पीड पर उड़ान भरी थी। इसके बाद 25 नवंबर 2009 में प्रतिभा पाटिल ने सुखोई में उड़ान भरकर ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। वहीं, 8 अप्रैल 2023 में द्रौपदी मुर्मू ने असम के तेजपुर से चीन सीमा के करीब सुखोई-30 में 1.5 मैक की स्पीड पर उड़ान भरी थी और अब 2025 में उन्होंने राफेल में उड़ान भरकर इतिहास दोहराया है।

President In Rafale: ग्रुप कैप्टन अमित गहनी थे पायलट
आज की उड़ान में राष्ट्रपति के साथ पायलट रहे ग्रुप कैप्टन अमित गहनी भारतीय वायुसेना की 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ के कमांडिंग ऑफिसर हैं। उनके पास राफेल उड़ाने का 2000 घंटे से अधिक का अनुभव है। इसी स्क्वाड्रन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था।
वायुसेना की ओर से बताया गया कि राष्ट्रपति की उड़ान के दौरान पूरे समय लाइव मॉनिटरिंग, अवॉक्स कवर और मौसम की रीयल-टाइम निगरानी रखी गई।
सोशल मीडिया पर छाया राष्ट्रपति का राफेल मिशन
राष्ट्रपति की उड़ान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #PresidentInRafale तेजी से ट्रेंड करने लगा। दो घंटे के भीतर इस हैशटैग के तहत पांच लाख से अधिक पोस्ट किए गए। भारतीय वायुसेना ने अपने आधिकारिक अकाउंट से लिखा, “महामहिम राष्ट्रपति ने आसमान को छुआ, हमारा गर्व बढ़ाया।”
लोगों ने राष्ट्रपति की तस्वीरों और वीडियो पर गर्व और खुशी जताई। कई यूजर्स ने लिखा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने न सिर्फ इतिहास रचा बल्कि हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा किया।


