📍नई दिल्ली/गोवा | 31 Mar, 2026, 6:30 PM
Shachi Offshore Patrol Vessel: गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने पहले नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल ‘शाची’ को आज नौसेना को डिलीवर किया। इस जहाज को यार्ड 1280 के नाम से तैयार किया गया है और यह कुल 11 ऐसे जहाजों की सीरीज का पहला प्लेटफॉर्म है। लॉन्चिंग के दौरान पारंपरिक तरीके से जहाज को पानी में उतारा गया, जिसे नौसेना में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
इस मौके पर डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि यह नए क्लास के युद्धपोत की शुरुआत है, जो भारत की समुद्री क्षमता को नए स्तर पर ले जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह जहाज कई सालों की योजना, डिजाइन और मेहनत का परिणाम है और इससे भारतीय नौसेना की भूमिका हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे भी और मजबूत होगी।
Shachi Offshore Patrol Vessel: ‘शाची’ नाम का क्या है मतलब
इस जहाज का नाम ‘शाची’ रखा गया है, जो भारतीय पौराणिक परंपरा से लिया गया है। इस नाम का अर्थ होता है सहायता देने वाली। नौसेना के अनुसार, यह नाम जहाज की भूमिका के मुताबिक है, क्योंकि ऐसे जहाज कई तरह के मिशन में मददगार होते हैं।
जहाज के प्रतीक चिन्ह में उर्सा मेजर नक्षत्र और लाल-सफेद लाइटहाउस दिखाया गया है। यह समुद्र में मार्गदर्शन और सुरक्षा का संकेत देता है।
⚓️ Big Boost to Indigenous Shipbuilding: NGOPV ‘Shachi’ Launched in Goa 🇮🇳
A major milestone for India’s maritime strength!
The first Next Generation Offshore Patrol Vessel (NGOPV) – ‘Shachi’ (Yard 1280) was successfully launched at Goa Shipyard Limited (GSL), Goa on 31 March… pic.twitter.com/Gzz3MaYdau— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) March 31, 2026
दो शिपयार्ड में बन रहे हैं जहाज
नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) प्रोजेक्ट के तहत कुल 11 जहाज बनाए जा रहे हैं। इनका निर्माण गोवा और कोलकाता, दोनों जगहों पर एक साथ किया जा रहा है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड और कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं। दो शिपयार्डों में बनाने का मकसद यह है कि इससे जहाजों की डिलीवरी समय पर हो सके और नौसेना को जल्दी नई क्षमता मिल सके। (Shachi Offshore Patrol Vessel)
क्या काम करेंगे यह जहाज
ये नए ऑफशोर पेट्रोल वेसल कई तरह के काम के लिए तैयार किए गए हैं। इनका इस्तेमाल समुद्र में निगरानी करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा ये जहाज सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काम आएंगे, जहां समुद्र में फंसे लोगों को बचाने की जरूरत होती है। समुद्री इलाकों में मौजूद ऑयल रिग्स और अन्य महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा में भी इनकी भूमिका होगी।
इन जहाजों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ यानी एचएडीआर ऑपरेशन में भी इस्तेमाल हो सकें। प्राकृतिक आपदा के समय राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव कार्य करने में ये काफी मददगार होते हैं। (Shachi Offshore Patrol Vessel)
शाची में क्या हैं खूबियां
‘शाची’ जैसे जहाज पुराने ऑफशोर पेट्रोल वेसल की तुलना में ज्यादा आधुनिक हैं। इसमें नए तरह के सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे इसकी ऑपरेशन क्षमता बेहतर हुई है। इसमें एडवांस रडार और सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे समुद्र में दूर तक निगरानी की जा सकती है।
जहाज में हेलीकॉप्टर ऑपरेशन के लिए डेक और हैंगर की सुविधा दी गई है। इससे जरूरत पड़ने पर हवाई मदद भी ली जा सकती है। यह जहाज लंबे समय तक समुद्र में रहकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इन्हें इस तरह बनाया गया है कि ये तटीय इलाकों से लेकर गहरे समुद्र तक आसानी से ऑपरेशन कर सकें।
इस जहाज का डिजाइन और निर्माण भारत में ही किया गया है। इसमें बड़ी मात्रा में स्वदेशी तकनीक और सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। (Shachi Offshore Patrol Vessel)
नौसेना के लिए क्यों है अहम
भारतीय नौसेना पहले से ही ऑफशोर पेट्रोल वेसल का इस्तेमाल करती रही है, लेकिन अब नए जहाजों के आने से उसकी क्षमता और बढ़ेगी। खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए ऐसे जहाजों की जरूरत महसूस की जा रही थी।
इस मौके पर भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल जैसे प्लेटफॉर्म को नौसेना में शामिल करना जरूरी कदम है, जिससे वर्तमान और उभरती चुनौतियों के लिए तैयार रहा जा सके। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान की सोच को मजबूत करती है और यह भी दिखाती है कि भारत अब जटिल नौसैनिक प्लेटफॉर्म को खुद डिजाइन और तैयार करने की क्षमता हासिल कर चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे के भू-राजनीतिक माहौल को आकार देने में भारतीय नौसेना की भूमिका लगातार बढ़ रही है। हाल के वैश्विक घटनाक्रम यह भी दिखाते हैं कि एक मजबूत नौसेना कितनी जरूरी है। बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और संघर्षों के बीच भारतीय नौसेना देश की समुद्री शक्ति का प्रमुख प्रतीक बनी हुई है और कूटनीति व क्षेत्रीय स्थिरता में भी अहम भूमिका निभा रही है। (Shachi Offshore Patrol Vessel)
मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की क्षमता
इन जहाजों को मल्टी-डोमेन ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है। ये एक साथ कई तरह के मिशन को अंजाम दे सकता हैं। इस तरह के प्लेटफॉर्म आधुनिक जरूरतों के अनुसार तैयार किए जा रहे हैं, ताकि अलग-अलग परिस्थितियों में उनका उपयोग किया जा सके। (Shachi Offshore Patrol Vessel)

