HomeIndian NavyINS Ikshak Indian Navy: नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी सर्वे शिप ‘इक्षक’,...

INS Ikshak Indian Navy: नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी सर्वे शिप ‘इक्षक’, देश की समुद्री सीमाओं की करेगा निगरानी

इक्षक तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में हाइड्रोग्राफिक सर्वे करेगा। यानी यह समुद्र की सतह और तल के भूगोल का अध्ययन कर बंदरगाहों, जलमार्गों और नौवहन चैनलों की सटीक जानकारी जुटाएगा...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍कोच्चि | 6 Nov, 2025, 3:52 PM

INS Ikshak Indian Navy: भारतीय नौसेना ने आज कोच्चि के नेवल बेस में आयोजित भव्य समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की मौजूदगी में आईएनएस इक्षक को औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। यह सर्वे वेसल (लार्ज) क्लास का तीसरा जहाज है और इसे दक्षिणी नौसेना कमान कोच्चि में तैनात किया गया है। इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह जहाज न केवल भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना का भी जीवंत उदाहरण है।

INS Ikshak commissioning: भारतीय नौसेना में शामिल होगा तीसरा स्वदेशी सर्वे जहाज ‘इक्षक’, समंदर में बनेगा मार्गदर्शक 

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कोच्चि स्थित सदर्न नेवल कमांड के नौसैनिक अड्डे पर आयोजित समारोह में कहा, “आईएनएस इक्षक हमारे देश की तकनीकी उत्कृष्टता, स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और समुद्री दृष्टि का प्रतीक है। यह जहाज भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर हमारी विश्वसनीयता को भी मजबूत करेगा।”

INS Ikshak Indian Navy: भारत के समुद्री परिवर्तन का प्रतीक

एडमिरल त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया का समुद्री क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। तकनीक, भू-राजनीति और रणनीति के नए समीकरण समुद्रों को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज समुद्री क्षेत्र संसाधनों, प्रभाव और कनेक्टिविटी की प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गया है। ऐसे समय में हमें स्थिरता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, “जब वैश्विक समुद्र अशांत हों, तो दुनिया एक स्थिर प्रकाशस्तंभ की तलाश करती है। भारत आज उस भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय नौसेना इस दृष्टि की मूर्त रूप है, एक ऐसी शक्ति जो समुद्रों पर विश्वास, साझेदारी और सामूहिक हितों की रक्षा करती है।

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना की सर्वे जहाजों ने पिछले एक साल में मॉरीशस, म्यांमार और वियतनाम को हाइड्रोग्राफिक मदद दी है। यह भारत की साझा समुद्री समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें:  Autonomous Underwater Vehicles: भारतीय नौसेना के क्यों बेहद खास हैं ये अंडर वाटर व्हीकल्स? बिना किसी ऑपरेटर के सीक्रेट तरीके से समुद्र के अंदर मिशन को देंगे अंजाम

उन्होंने कहा कि आईएनएस संधायक जैसे जहाज हाल ही में सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया तक की यात्राएं पूरी कर चुकी हैं, जो भारत की ‘महासागर’ विजन की सच्ची झलक है।

हाइड्रोग्राफिक डेटा अब रणनीतिक जरूरत

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि इक्षक, संधायक और निर्देशक जैसी सर्वे वेसल्स नौसेना और वाणिज्यिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, “ये जहाज समुद्र को समझने योग्य और सुरक्षित बनाते हैं। ये हर सर्वे मिशन के साथ समुद्री मार्गों को और सटीक बनाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन और समुद्री खनिजों की खोज जैसे नए क्षेत्रों में सटीक हाइड्रोग्राफिक डेटा अब रणनीतिक आवश्यकता बन गया है।

उन्होंने कहा, “इक्षक जैसी जहाजें केवल सर्वे प्लेटफॉर्म नहीं हैं, बल्कि ये समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।”

INS Ikshak Indian Navy
INS Ikshak Indian Navy

‘आत्मनिर्भरता’ को नई दिशा देने वाला जहाज

एडमिरल त्रिपाठी ने गर्व के साथ बताया कि इक्षक जैसे शिप 80 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री से बने हैं। उन्होंने कहा, “हर नए जहाज के साथ नौसेना ‘खरीदने वाली नौसेना’ से ‘निर्माण करने वाली नौसेना’ बन चुकी है। यह आत्मनिर्भर भारत की सच्ची भावना का प्रतीक है।”

उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय नौसेना देश की आत्मनिर्भरता, नवाचार और औद्योगिक विकास की अग्रणी शक्ति बन चुकी है।

एडमिरल ने बताया कि इक्षक जैसी जहाजों में महिला अधिकारियों और नाविकों के लिए विशेष आवासीय डिजाइन सुधार किए गए हैं, जो नौसेना की प्रगतिशील सोच को दर्शाते हैं।

GRSE और नौसेना की तारीफ

नौसेना प्रमुख ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, कोलकाता की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “सीएमडी कमोडोर पीआर हरी और उनकी पूरी टीम ने न केवल एक विश्वस्तरीय जहाज तैयार किया है, बल्कि भारतीय जहाज निर्माण में उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है।”

उन्होंने डिजाइनरों, तकनीकी विशेषज्ञों और सभी सहयोगियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी मेहनत ने जहाज के परीक्षण और डिलीवरी को समय पर पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

एडमिरल त्रिपाठी ने इक्षक के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन टी.वी. सिंह और उनकी टीम को संबोधित करते हुए कहा, “अब यह जहाज आपके हाथों में है। आपको इसमें जान डालनी है, परंपराएं बनानी हैं और इसका चरित्र गढ़ना है। यह आपका कर्तव्य है कि आप ‘निर्भय वीर पथ प्रदर्शक’ के मूलमंत्र पर खरे उतरें।”

यह भी पढ़ें:  Exercise RAM PRAHAR: हरिद्वार में जुटी भारतीय सेना, रैम प्रहार में वेस्टर्न कमांड ने दिखाई युद्ध की तैयारियां

उन्होंने कहा कि नौसेना को उम्मीद है कि इक्षक की टीम अपनी लगन और साहस से इसे गर्व का प्रतीक बनाएगी। “यह जहाज केवल स्टील और सिस्टम का मेल नहीं, बल्कि इसे आपके जज्बे से आत्मा मिलेगी।”

क्या है ‘इक्षक’ का मतलब

‘इक्षक’ का संस्कृत में अर्थ होता है, “मार्गदर्शक”, और यह नाम अपने उद्देश्य के बिल्कुल अनुरूप है। यह जहाज समुद्र में नए रास्ते खोजने, नेविगेशन के लिए नक्शे बनाने और भारत की समुद्री सीमाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आईएनएस इक्षक को कोलकाता की गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेडने (जीआरएसई) ने बनाया है। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक कंपोनेंट्स और टेक्नोलॉजी भारत में ही तैयार किए गए हैं।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ‘इक्षक’ का निर्माण आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान के तहत किया गया है। इस प्रोजेक्ट में भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का भी बड़ा योगदान रहा है।

‘इक्षक’ को चार सर्वे जहाजों के उस कॉन्ट्रैक्ट के तहत बनाया गया है। यह सौदा रक्षा मंत्रालय और जीआरएसई के बीच 30 अक्टूबर 2018 को हुआ था। जिसकी लागत 2,435 करोड़ रुपये थी। इस प्रोजेक्ट का पहला जहाज आईएनएस संध्याक दिसंबर 2021 में नौसेना में शामिल हुआ था।

INS Ikshak Indian Navy: आईएनएस इक्षक में क्या हैं खूबियां

आईएनएस इक्षक (INS Ikshak Indian Navy) 110 मीटर लंबा और 3,300 टन वजनी है और यह जहाज आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें हाई-रिजॉल्यूशन मल्टी-बीम इको साउंडर, ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल, रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल और चार सर्वे मोटर बोट लगाई गई हैं।

यह भी पढ़ें:  Anjadip ASW: उथले समुद्र में दुश्मन पनडुब्बियों की अब खैर नहीं, भारत में बना तीसरा एंटी-सबमरीन जहाज नौसेना को सौंपा

यह इक्विपमेंट्स समुद्र की गहराई मापने, समुद्री नक्शे बनाने और नौवहन मार्ग तय करने में इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा, जहाज में एक हेलिकॉप्टर डेक भी है, जिससे यह मल्टी-डोमेन मिशन भी पूरा कर सकता है।

इक्षक तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में हाइड्रोग्राफिक सर्वे करेगा। यानी यह समुद्र की सतह और तल के भूगोल का अध्ययन कर बंदरगाहों, जलमार्गों और नौवहन चैनलों की सटीक जानकारी जुटाएगा।

INS Ikshak Indian Navy
INS Ikshak Indian Navy

समुद्री सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत

इक्षक के जरिए भारतीय नौसेना अब समुद्र में भौगोलिक और मैरीटाइम लिमिट्स का सर्वे भी कर सकेगी। यह जहाज एक्सक्लूसिव इकॉनमिक जोन और एक्सटेंडेड कॉन्टिनेंटल शेल्व तक के इलाकों का सर्वे करने में सक्षम है।

यह न सिर्फ समुद्री नक्शे तैयार करेगा, बल्कि समुद्री सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। इस जहाज से मिलने वाले आंकड़े नौवहन, समुद्री यातायात नियंत्रण और रक्षा अनुसंधान के लिए बेहद उपयोगी होंगे।

मल्टीपर्पज रोल निभाएगा आईएनएस इक्षक

यह जहाज सर्वे और हाइड्रोग्राफिक स्टडी के अलावा, आपात स्थिति में सर्च एंड रेस्क्यू, चिकित्सा सहायता और अल्पकालिक हॉस्पिटल शिप के रूप में भी काम कर सकेगा। इसके अलावा, यह जहाज समुद्र में जियोफिजिकल और ओशनोग्राफिक डेटा भी जुटाएगा, जो डिफेंस रिसर्च और स्ट्रेटेजी के लिए बेहद जरूरी है।

‘इक्षक’ (INS Ikshak Indian Navy) के शामिल होने से भारतीय नौसेना की सर्वे और चार्टिंग क्षमता और भी मजबूत हो गई है। रक्षा मंत्रालय ने 2023 में नेक्स्ट जेनरेशन सर्वे वेसल्स की खरीद को मंजूरी दी थी, जो भविष्य में इस नेटवर्क को और व्यापक बनाएंगे। वहीं, भारत अब समुद्री सर्वे तकनीक में भी आत्मनिर्भर बन रहा है और विदेशी तकनीक पर अपनी निर्भरता लगातार घटा रहा है।

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular