📍नई दिल्ली/जयपुर | 24 Dec, 2025, 7:00 AM
Army Day Parade 2026: 15 जनवरी 2026 को जयपुर एक बड़े एतिहासिक समारोह का गवाह बनने जा रहा है। इस बार 78वीं आर्मी डे परेड जयपुर के पब्लिक रोड (जगतपुरा की महल रोड) पर होगी। परेड की इस बार खास बात यह है कि इसमें दर्शकों को ऑपरेशन सिंदूर की झलक देखने को मिलेगी। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाए अपने शौर्य को एक अनूठे माध्यम से दर्शकों के सामने रखेगी।
Army Day Parade 2026: करीब 40 मिनट की परेड
करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस रास्ते पर करीब 40 मिनट की परेड देखने के लिए 25 हजार लोगों के बैठने का खास इंतजाम होगा। तीन-तीन लेवल की गैलरी बनाई जा रही हैं, ताकि छात्र, आम लोग, और खास मेहमान सेना के जज्बे और शौर्य को करीब से देख सकें। परेड में नेपाल आर्मी बैंड भी दूसरी बार शामिल होगा।
Army Day Parade 2026: ऑपरेशन सिंदूर की झांकी
इस बार परेड का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा ऑपरेशन सिंदूर। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जिस तरीके से जवाब दिया, उसकी झलक दुनिया के सामने रखी जाएगी। इस ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए कुछ हथियार और सिस्टम पहली बार पब्लिक के सामने दिखेंगे। एक खास टेबल्यू (झांकी) भी होगी, जहां दिखेगा कि सेना ने किस तरह सटीक खुफिया जानकारी, आधुनिक हथियार और मजबूत एयर डिफेंस के सहारे दुश्मन के मंसूबे नाकाम किए।
Army Day Parade 2026: पहली बार भैरव बटालियन मार्च
साथ ही पहली बार भैरव बटालियन भी मार्च करती दिखेगी। यह यूनिट खास चुनौतियों के लिए तैयार की गई है। पहाड़ी इलाकों में ऑपरेशन, सीमापार कार्रवाई, आतंकवाद विरोधी मिशन इन सभी में इसके जवान माहिर हैं। भैरव बटालियन की मौजूदगी बताती है कि भारतीय सेना लगातार खुद को नए खतरे के हिसाब से बदल रही है।
Army Day Parade 2026: अपाचे और प्रचंड का फ्लाईपास्ट
जयपुर के आसमान में भी नजारे कम नहीं होंगे। स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड, अमेरिकी अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, रुद्र और चेतक, ये सारे हेलीकॉप्टर जयपुर के आसमान में फ्लाईपास्ट करेंगे। प्रचंड पर सबकी खास नजर रहेगी। यह दुनिया का पहला अटैक हेलीकॉप्टर, जो सियाचिन जैसी 16 हजार फीट ऊंची जगहों पर भी ऑपरेशन कर सकता है। ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में इसकी भूमिका बहुत अहम रही है।
Army Day Parade 2026: मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर भी मौजूद
इसके अलावा सेना दिवस परेड में टैंक, तोप और रॉकेट सिस्टम अपनी ताकत दिखाएंगे। टी-90 भीष्मा टैंक, एमबीटी अर्जुन, बीएमपी-2, के-9 वज्र, नागास्त्र-1 लॉइटरिंग म्यूनिशन, धनुष तोप, एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर, स्मर्च और ग्रैड मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सभी मौजूद रहेंगे। एम-777 तोप तो खास ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी है, क्योंकि इसी ने दुर्गम इलाकों में आतंकी ठिकाने तबाह किए थे। इन हथियारों को देखकर हर कोई समझ पाएगा कि सेना किन साधनों के सहारे देश की हिफाजत करती है।
एयर डिफेंस सिस्टम भी परेड का हिस्सा होंगे। आकाश मिसाइल सिस्टम, एमआर-एसएएम, शिल्का और दूसरे सिस्टम्स की मौजूदगी साफ बताएगी कि भारत की हवाई सुरक्षा कितनी मजबूत है। ऑपरेशन सिंदूर के वक्त इन्हीं सिस्टम्स ने दुश्मन की हर चाल को नाकाम किया था।
परेड में रोबोटिक म्यूल, काउंटर-यूएएस सिस्टम भी शामिल
मौजूदा दौर की झलक दिखाते हुए, परेड में रोबोटिक म्यूल, काउंटर-यूएएस सिस्टम और आर्मी डॉग स्क्वॉड भी नजर आएंगे। रोबोटिक म्यूल मुश्किल इलाकों में जवानों के लिए सामान और हथियार ढोते हैं। काउंटर ड्रोन सिस्टम दिखाएंगे कि सेना ड्रोन जैसी नई चुनौतियों से कैसे निपट रही है।
रेजिमेंट्स, एनसीसी कैडेट्स और वेटरंस भी इस परेड का हिस्सा होंगे। असम रेजिमेंट, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, मद्रास रेजिमेंट, आर्टिलरी यूनिट्स, स्काउट्स भी परेड में मार्च करेंगे। परमवीर चक्र, अशोक चक्र, वीर चक्र विजेता और वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिक भी कदमताल करते दिखेंगे।
14 जनवरी को वेटरन्स डे के मौके पर पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा। 15 जनवरी को मुख्य परेड से पहले अलंकरण समारोह भी होगा।
शौर्य संध्या में 1000 ड्रोन का शो
वहीं, 15 जनवरी को शौर्य संध्या का आयोजन एसएमएस स्टेडियम में किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे। कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड शो के जरिए ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित हमले की री-एनैक्टमेंट दिखाई जाएगी। 1000 ड्रोन शो भारतीय सेना के इतिहास और ऑपरेशन सिंदूर की झलक को पेश करेंगे।
इसके अलावा 8 से 12 जनवरी तक भवानी इंस्टीट्यूट में ‘नो योर आर्मी’ एग्जिबिशन लगेगी, जहां मिसाइल-बॉम्ब सिमुलेटर और अलग-अलग इलाकों में सेना के ऑपरेशंस का डेमो दिखाया जाएगा।
बता दें कि भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल केएम कारियप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे। उनकी याद में उस दिन को पहला आर्मी डे माना जाता है।


