HomeIndian ArmyIndian Army Rescues Bear in Siachen: कनस्तर में फंस गया था भालू...

Indian Army Rescues Bear in Siachen: कनस्तर में फंस गया था भालू के बच्चे का सिर, सियाचिन में भारतीय सेना ने ऐसे बचाया, देखें वीडियो

सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना के जवानों ने एक हिमालयी भूरे भालू के बच्चे का सिर टिन के कनस्तर से निकालकर उसकी जान बचाई। बर्फीले इलाकों में तैनात सैनिकों ने साहस और मानवता दोनों की मिसाल पेश की...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍लेह | 3 Nov, 2025, 3:35 PM

Indian Army Rescues Bear in Siachen: सियाचिन ग्लेशियर में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने एक ऐसा काम किया, जिसने पूरे देश का दिल जीत लिया। यहां बर्फ से ढके इलाकों में सेना के जवानों ने एक हिमालयी भूरे भालू के बच्चे को बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। इस छोटे भालू का सिर टिन के कनस्तर में फंस गया था, जिससे वह कई दिनों तक भूखा-प्यासा बर्फीले इलाके में भटकता रहा। जब सेना के जवानों ने उसे देखा, तो उन्होंने तुरंत रेस्क्यू करने का फैसला लिया।

Siachen 5G Network: सेना की ‘फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स’ ने रचा इतिहास, दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में अब जवानों को मिलेगा 5जी इंटरनेट

सेना की इस पोस्ट पर तैनात जवानों ने बताया कि यह भालू और उसकी मां अक्सर उनकी पोस्ट के पास आते थे। जवान उन्हें खाना भी दिया करते थे। लेकिन कुछ दिनों से यह भालू दिखाई नहीं दे रहा था। एक दिन गश्त के दौरान एक जवान ने देखा कि छोटा भालू कनस्तर में सिर फंसाए इधर-उधर भाग रहा है। वह न तो कुछ देख पा रहा था और न ही ठीक से सांस ले पा रहा था। यह देखकर जवानों ने तुरंत कार्रवाई की और अपने अधिकारी को इसकी जानकारी दी। हालांकि ये वीडियो कब का है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। इंटरनेट पर रिवर्स सर्च में ये वीडियो पिछले साल दिसंबर का बताया जा रहा है।

Indian Army Rescues Bear in Siachen: कंपनी कमांडर ने खुद की पहल

सेना की उस पोस्ट के कंपनी कमांडर ने बिना देर किए छह जवानों के साथ खुद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बर्फ के क्रेवास से बचाते हुए रस्सियों की मदद से भालू को धीरे-धीरे सुरक्षित जगह लाया गया। यह इलाका कर्निस कहलाता है, जो बर्फ का झूलता हुआ हिस्सा होता है और किसी भी वक्त टूट सकता है। कंपनी कमांडर ने खतरा उठाते हुए घुटनों के बल रेंगकर भालू के पास पहुंचे और उसे धीरे से खींचकर सुरक्षित स्थान पर लाए। इसके बाद टिन के कनस्तर को सावधानी से काटकर हटाया गया ताकि भालू को कोई चोट न लगे।

यह भी पढ़ें:  Agniveer Retention Policy: ऑपरेशन सिंदूर में अग्निवीरों को मिलेगा उनकी मेहनत का इनाम! ट्रेनिंग में हो रहा ज्यादा खर्चा, सेना को चाहिए एक्सपर्ट जवान

इस पूरी प्रक्रिया में लगभग सर्जरी जैसी सटीकता बरती गई ताकि उसके कान या गर्दन को कोई नुकसान न पहुंचे। कनस्तर हटाने के बाद जवानों ने उसे खाना और पानी दिया। जब भालू को छोड़ा गया, तो वह कुछ घंटों तक वहीं रुककर जवानों को देखता रहा, मानो धन्यवाद कह रहा हो।

Indian Army Rescues Bear in Siachen: ‘बहादुर’ बना पोस्ट का हिस्सा

रेस्क्यू के बाद जवानों ने इस भालू का नाम अपनी कंपनी के नाम पर “बहादुर” रखा। अब यह ‘बहादुर’ समय-समय पर उस पोस्ट पर लौटकर आता है। जवान बताते हैं कि जब भी कोई उसका नाम पुकारता है, तो वह कहीं से अचानक दिखाई देता है। सैनिक उसे खाना देते हैं और पोस्ट के सैनिक कुत्तों को भी बांधकर रखते हैं ताकि ‘बहादुर’ बिना डर वहां आ सके।

सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा और सबसे ठंडा युद्धक्षेत्र है, जहां तापमान कई बार माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। ऐसे कठिन हालात में भी भारतीय सैनिक न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि इंसानियत और करुणा का भी उदाहरण पेश करते हैं।

इस घटना को सेना के एक अधिकारी (X/@mgnayak5) ने सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा, “यह भालू और उसकी मां पहले रात में आते थे। धीरे-धीरे उनका हम पर भरोसा बढ़ा और वे दिन में भी आने लगे। एक दिन जब भालू दिखाई नहीं दिया, तो हमें चिंता हुई। बाद में पता चला कि उसका सिर कनस्तर में फंसा है। हमने उसे बचाया, और अब वह हमारी पोस्ट का हिस्सा बन गया है।”

यह भी पढ़ें:  War Is Changing, and So Is the Indian Army: Key Takeaways From the Army Chief’s Briefing

जैसे ही यह कहानी सोशल मीडिया पर सामने आई, लोगों ने भारतीय सेना की सराहना की। कई यूजर्स ने इसे “दिल को छू लेने वाली कहानी” बताया। लोगों ने लिखा कि भारतीय सैनिक न केवल सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि वे हर जीव के प्रति संवेदनशील हैं।

यह घटना साबित करती है कि भारतीय सेना सिर्फ युद्धभूमि में ही नहीं, बल्कि मानवता के हर मोर्चे पर भी सबसे आगे है। सियाचिन जैसी कठिन जगह पर तैनात ये जवान देश की सुरक्षा के साथ-साथ प्रकृति और जीवों के प्रति करुणा का असली उदाहरण हैं।

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular