📍नई दिल्ली | 14 Feb, 2026, 10:47 PM
Army Chief Australia Visit: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हो रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते हालात और बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच दोनों देश अपने सैन्य संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश में हैं।
Army Chief Australia Visit: रिश्ते को और मजबूत करने की तैयारी
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मिलिटरी-टू-मिलिटरी सहयोग को और गहरा करना है। खास तौर पर ट्रेनिंग, जॉइंट एक्सरसाइज, प्रोफेशनल एक्सचेंज और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देश पहले से ही कई सैन्य अभ्यासों और रणनीतिक संवादों के जरिए एक-दूसरे के करीब आए हैं। अब इस रिश्ते को और मजबूत करने की तैयारी है। (Army Chief Australia Visit)
इस दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्सेज के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। बातचीत का मुख्य फोकस सेना-से-सेना सहयोग बढ़ाने पर रहेगा। इसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग, प्रोफेशनल एक्सचेंज और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दे शामिल होंगे। दोनों देश पहले से ही कई जॉइंट एक्सरसाइज में हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें “ऑस्ट्राहिंद” एक्सरसाइज भी शामिल है। इस अभ्यास में दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के साथ मिलकर काउंटर-टेरर ऑपरेशन, शहरी युद्ध और सामरिक ड्रिल का अभ्यास करते हैं। 2026 में इसका अगला संस्करण भारत में आयोजित किया जाना है। (Army Chief Australia Visit)
🇮🇳🤝🇦🇺 Army Chief Gen Upendra Dwivedi to Visit Australia (16–19 Feb 2026)
Chief of the Army Staff General Upendra Dwivedi will visit Australia to strengthen India–Australia defence ties.
He will meet senior Australian Defence leaders, including Lt Gen Simon Stuart, and discuss… pic.twitter.com/43YlRYlZTV— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) February 14, 2026
जनरल द्विवेदी अपने दौरे की शुरुआत सिडनी से करेंगे। वहां वे ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्सेज के फोर्सेज कमांड, स्पेशल ऑपरेशंस कमांड और सेकंड डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। सेकंड डिवीजन के सैनिक भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास “ऑस्ट्राहिंद” में भाग लेते हैं। यह अभ्यास हर साल बारी-बारी से दोनों देशों में आयोजित किया जाता है। 2026 में इसका अगला संस्करण भारत में होना तय है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान आने वाले संस्करण की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। (Army Chief Australia Visit)
सिडनी के बाद सेना प्रमुख कैनबरा जाएंगे। वहां उनका औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद उनकी मुलाकात ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट से होगी। खास बात यह है कि दोनों अधिकारी अमेरिका के यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के 2015 बैच के पूर्व छात्र रहे हैं। इससे उनके बीच प्रोफेशनल समझ पहले से मौजूद है। मुलाकात के दौरान दोनों देशों के सैन्य संबंधों, आधुनिकीकरण और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से बातचीत होगी। (Army Chief Australia Visit)
कैनबरा में ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्सेज मुख्यालय में एक राउंड टेबल चर्चा भी आयोजित की जाएगी। इसमें रक्षा सहयोग, आधुनिक तकनीक, भविष्य के युद्ध की तैयारी और मल्टी डोमेन ऑपरेशन जैसे विषय शामिल रहेंगे। आज के समय में युद्ध केवल जमीन पर नहीं लड़ा जाता, बल्कि हवा, समुद्र, साइबर और अंतरिक्ष तक फैला हुआ है। ऐसे में दोनों देशों के लिए एक-दूसरे के अनुभव और रणनीति को समझना जरूरी माना जा रहा है। (Army Chief Australia Visit)
सेना प्रमुख ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज और ऑस्ट्रेलियन कमांड एंड स्टाफ कॉलेज भी जाएंगे, जहां वे अधिकारियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के सचिव से भी मुलाकात करेंगे। जॉइंट ऑपरेशंस कमांड मुख्यालय का दौरा कर वे ऑस्ट्रेलिया के इंटीग्रेटेड और मल्टी डोमेन ऑपरेशन सिस्टम के बारे में जानकारी लेंगे। आज के समय में युद्ध केवल जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि हवा, समुद्र, साइबर और अंतरिक्ष तक फैल चुका है। ऐसे में दोनों देशों के लिए एक-दूसरे के अनुभव साझा करना महत्वपूर्ण है।
अपने दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी ऑस्ट्रेलियन वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी देंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच सैन्य परंपराओं और बलिदान की साझा विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है। वे ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय रक्षा पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात करेंगे। इससे भारतीय सशस्त्र बलों और पूर्व सैनिकों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। (Army Chief Australia Visit)
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। दोनों देश क्वाड समूह का हिस्सा हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर देते हैं। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त अभ्यास और आपसी सूचना साझेदारी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा है। हालांकि यह दौरा सैन्य स्तर पर भरोसा और तालमेल बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
हाल ही में 2025 में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच संवाद हुआ था, जिसमें समुद्री सुरक्षा, सूचना साझा करना और आपसी सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी थी। उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के रूप में इस दौरे को देखा जा रहा है। (Army Chief Australia Visit)
पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख आए थे भारत
इससे पहले 11 अगस्त 2025 ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर भारत आए थे। उनकी यह यात्रा 11 से 14 अगस्त तक चली। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना था। दोनों देशों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग बढ़ रहा है। इसी दिशा में जनरल स्टुअर्ट और जनरल द्विवेदी के बीच विस्तार से बातचीत हुई थी। चर्चा में मिलिटरी-टू-मिलिटरी कॉपरेशन, आधुनिकीकरण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण जैसे विषय शामिल रहे। (Army Chief Australia Visit)
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास “ऑस्ट्राहिंद” भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा। अपनी यात्रा के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल स्टुअर्ट ने आगरा में 50 (इंडिपेंडेंट) पैराशूट ब्रिगेड का भी दौरा किया था। इससे उन्हें भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों और क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर मिला थ। खास बात यह है कि यह दौरा पारस्परिक था। (Army Chief Australia Visit)
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच “ऑस्ट्राहिंद” अभ्यास 2022 से शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान, सामरिक अभ्यास और आपसी तालमेल बढ़ाना है। हर साल इस अभ्यास का स्तर और दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा भारत ने 2025 में “टैलिस्मन सेबर” नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भी हिस्सा लिया था, जिसकी अगली कड़ी 2027 में प्रस्तावित है। (Army Chief Australia Visit)
जनरल द्विवेदी ने पिछले कुछ महीनों में जापान, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका जैसे देशों का भी दौरा किया है। इन सभी यात्राओं का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना रहा है। ऑस्ट्रेलिया का यह दौरा भी उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने भरोसेमंद साझेदारों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। (Army Chief Australia Visit)

