📍देहरादून | 13 Dec, 2025, 7:35 PM
IMA POP 2025: थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि सेना की वर्दी कोई नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति आजीवन कर्तव्य है। यह ऐसा दायित्व है, जिसमें जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान भी देना पड़ता है। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) में आयोजित 157वीं पासिंग आउट परेड की समीक्षा करते हुए उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों से कहा कि आने वाला समय चुनौतीपूर्ण होगा, जहां नेतृत्व, नैतिक साहस और सही निर्णय लेने की क्षमता सबसे बड़ी कसौटी बनेगी।
देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (आईएमए) के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वेयर में शनिवार को 157वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर सैकड़ों युवा अधिकारी कैडेटों को भारतीय सेना में कमीशन दिया गया गया।
इस ऐतिहासिक समारोह की समीक्षा थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने की। उन्होंने परेड की सलामी ली और ट्रेनिंग पूरी करने वाले सभी अधिकारी कैडेट्स को बधाई दी। जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना में अधिकारी बनना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति आजीवन कर्तव्य और निस्वार्थ सेवा का संकल्प है। उन्होंने युवा अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे हर परिस्थिति में साहस, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन करेंगे।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का सुरक्षा माहौल तेजी से बदल रहा है, जहां सैन्य शक्ति के साथ-साथ तकनीक, कूटनीति और समाजिक समझ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी हो गया है।
COAS General Upendra Dwivedi reviewed the 157th Passing Out Parade at the Indian Military Academy, Dehradun, marking the commissioning of 525 Indian Officer Cadets and 34 cadets from 14 friendly foreign nations into the Indian Army.
Addressing the young officers, the COAS… pic.twitter.com/lHg9HzzHDI— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 13, 2025
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि बेहतर समन्वय, सही निर्णय और समय पर कार्रवाई से जीता जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना लगातार आधुनिकीकरण और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है और नए अधिकारी इस परिवर्तन का अहम हिस्सा होंगे।
उन्होंने युवा अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने जवानों के लिए उदाहरण बनें, नैतिक मूल्यों का पालन करें और संकट की स्थिति में संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियां हमेशा स्पष्ट नहीं होंगी, लेकिन एक सच्चा अधिकारी वही होता है जो अनिश्चित परिस्थितियों में भी सही नेतृत्व दे सके।
इस अवसर पर थल सेना प्रमुख ने 14 मित्र देशों से आए 34 विदेशी अधिकारी कैडेट्स को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईएमए में बनी यह दोस्ती भविष्य में देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगी। उन्होंने अकादमी के प्रशिक्षकों और स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने कठिन प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया।
परेड का समापन पारंपरिक ‘अंतिम पग’ के साथ हुआ, जब नए अधिकारी पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। समारोह में कुल 559 अधिकारी कैडेट्स को कमीशन प्रदान किया गया। इनमें 157वां रेगुलर कोर्स, 46वां टेक्निकल एंट्री स्कीम कोर्स, 140वां टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स, 55वां स्पेशल कमीशंड ऑफिसर्स कोर्स और टेरिटोरियल आर्मी ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम 2023 कोर्स के कैडेट्स शामिल थे।
परेड के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित भी किया गया। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल अकादमी कैडेट एडजुटेंट निश्कल द्विवेदी को प्रदान किया गया। सिल्वर मेडल बैटालियन अंडर ऑफिसर बादल यादव को और ब्रॉन्ज मेडल सीनियर अंडर ऑफिसर कमलजीत सिंह को मिला। टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम स्थान के लिए ऑफिसर कैडेट जाधव सुजीत संपत और टेक्निकल एंट्री स्कीम-46 में प्रथम स्थान के लिए विंग कैडेट कैप्टन अभिनव मेहरोत्रा को सम्मानित किया गया। स्पेशल कमीशन ऑफिसर कोर्स में ऑफिसर कैडेट सुनील कुमार छेत्री को सिल्वर मेडल मिला, जबकि विदेशी कैडेट्स में प्रथम स्थान बांग्लादेश के मोहम्मद सफीन अशरफ को मिला। ऑटम टर्म 2025 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए इंफाल कंपनी को थल सेना प्रमुख बैनर प्रदान किया गया।



