HomeIndian ArmyExplained: जंग में कैसे लड़ती है भारतीय सेना? गणतंत्र दिवस परेड में...

Explained: जंग में कैसे लड़ती है भारतीय सेना? गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दिखेगा पूरा बैटल फॉर्मेशन

इस बार की परेड इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें पहली बार आम लोग यह देख पाएंगे कि भारतीय सेना युद्ध के समय कैसे आगे बढ़ती है...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 23 Jan, 2026, 7:54 PM

Battle Array Republic Day 2026: इस बार गणतंत्र दिवस परेड सिर्फ हर साल होने वाले मार्च-पास्ट और हथियारों की झलक तक सीमित नहीं रहेगी। 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर पहली बार आम जनता ‘बैटल एरे’ यानी युद्ध जैसी सैन्य संरचना को करीब से देख पाएगी। यह वही क्रम होगा, जिसमें सेना असली युद्ध के समय आगे बढ़ती है, सबसे पहले निगरानी, फिर हमला, उसके बाद सुरक्षा और आखिर में लॉजिस्टिक्स यानी रसद व्यवस्था।

इस बार की परेड इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें पहली बार आम लोग यह देख पाएंगे कि भारतीय सेना युद्ध के समय कैसे आगे बढ़ती है। बैटल एरे के जरिए सेना की जॉइंटनेस, आत्मनिर्भर भारत, और डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन की झलक एक ही जगह देखने को मिलेगी। (Battle Array Republic Day 2026)

Battle Array Republic Day 2026: पहली बार ‘बैटल एरे’ फॉर्मेशन

गणतंत्र दिवस परेड से पहले आयोजित प्रेस ब्रीफ को संबोधित करते हुए दिल्ली एरिया के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों (विशिष्ट सेवा मेडल) ने बताया कि इस बार इंडियन आर्मी का दस्ता ‘बैटल एरे’ फॉर्मेशन में कर्तव्य पथ से गुजरेगा। बैटल एरे का मतलब है युद्ध जैसी रचना, जिसमें सेना के अलग-अलग हिस्से उसी क्रम में आगे बढ़ते हैं, जैसे वे असली लड़ाई में करते हैं।

उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब गणतंत्र दिवस परेड में इस तरह की कॉम्बटाइज्ड प्रेजेंटेशन दिखाई जाएगी। यानी प्लेटफॉर्म सिर्फ खड़े-खड़े नहीं दिखेंगे, बल्कि यह बताया जाएगा कि युद्ध के दौरान कौन-सा हिस्सा पहले आता है और कौन-सा बाद में। (Battle Array Republic Day 2026)

सबसे आगे होंगे निगरानी और टोही दस्ते

बैटल एरे की शुरुआत इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस यानी निगरानी और टोही दस्तों से होगी। इसमें हाई मोबिलिटी रेक्की व्हीकल्स, सर्विलांस ड्रोन, बैटलफील्ड सर्विलांस रडार और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल्स से लैस वाहन शामिल होंगे।

इन दस्तों का काम युद्ध से पहले दुश्मन की स्थिति, मूवमेंट और ठिकानों की जानकारी जुटाना होता है। यही वजह है कि बैटल एरे में इन्हें सबसे आगे रखा गया है। (Battle Array Republic Day 2026)

मैकेनाइज्ड फोर्स और टैंकों की एंट्री

इसके बाद मैकेनाइज्ड फोर्स यानी बख्तरबंद और टैंक यूनिट्स दिखाई देंगी। इस बार परेड में 61 कैवेलरी का माउंटेड कॉलम भी दिखेगा, जो भारतीय सेना की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित कैवेलरी यूनिट है। इसके साथ-साथ टी-90 भीष्म टैंक, एमबीटी अर्जुन, बीएमपी-2 सारथ, और नाग मिसाइल सिस्टम (नामिस-2) को भी उसी क्रम में दिखाया जाएगा, जैसे वे युद्ध के दौरान आगे बढ़ते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर ड्रोन, एटीजीएम काउंटर सिस्टम और एडवांस्ड सेंसर भी माउंटेड दिखाई देंगे। (Battle Array Republic Day 2026)

आसमान से मिलेगा एयर सपोर्ट

बैटल एरे में जमीन के साथ-साथ एयर सपोर्ट भी दिखाया जाएगा। इसमें एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव, रुद्र, अपाचे-64, और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड शामिल होंगे। इन हेलीकॉप्टरों को दिखाने का मकसद है कि युद्ध के समय जमीनी दस्तों को हवाई कवर कैसे मिलता है। (Battle Array Republic Day 2026)

यह भी पढ़ें:  Ladakh: माइनस 10 डिग्री टेंपरेचर में भारतीय सेना ने दिखाया दमखम, 12,000 फीट पर खड़ा किया ब्रिज!

आर्टिलरी और मिसाइल सिस्टम का दम

इसके बाद परेड में लंबी दूरी की मार करने वाले हथियार दिखाए जाएंगे। इनमें एटीएजीएस (एडवांस्ड टोइड आर्टिलरी गन सिस्टम), धनुष 155 एमएम तोप, और यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (यूआरएलएस) और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल होंगी। यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 150 से 300 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम हैं।

यह हिस्सा दिखाएगा कि किस तरह लंबी दूरी से दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला किया जाता है, ताकि आगे बढ़ रही टुकड़ियों को रास्ता साफ मिले। (Battle Array Republic Day 2026)

बैटल एरे में एयर डिफेंस

बैटल एरे में एयर डिफेंस को भी उसी तरह दिखाया जाएगा, जैसे युद्ध में होता है। इसमें एल-70, आकाश मिसाइल सिस्टम, और बराक-8 जैसे मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम शामिल होंगे। ये सिस्टम जमीन पर मौजूद सैनिकों और प्लेटफॉर्म्स को हवाई हमलों से सुरक्षा देते हैं।

इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर की झलक

बैटल एरे का एक अहम हिस्सा होगा इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर (आईओसी)। यही वह जगह होती है, जहां युद्ध के दौरान अलग-अलग सेंसर, ड्रोन और रडार से मिली जानकारी को एक साथ देखा और समझा जाता है। परेड में इसे प्रतीकात्मक रूप से दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि आधुनिक युद्ध में फैसले कैसे लिए जाते हैं। (Battle Array Republic Day 2026)

ड्रोन, रोबोटिक सिस्टम और नई तकनीक

इस बार परेड में अनमैंड ग्राउंड व्हीकल्स (यूजीवी), ऑल टेरेन व्हीकल (एटीवी), लाइट स्ट्राइक व्हीकल (एलएसवी), रोबोटिक म्यूल्स, और रोबोटिक डॉग्स भी दिखाई देंगे। इसके साथ ड्रोन शक्ति वाहन भी होगा, जो ड्रोन की मरम्मत, बैटरी चार्जिंग और फील्ड सपोर्ट के लिए इस्तेमाल होता है। (Battle Array Republic Day 2026)

यह भी पढ़ें:  Rudra Brigade Vs IBG: रूद्र ब्रिगेड के बाद भारतीय सेना का अगला कदम, पूर्वी भारत में बनाए जाएंगे चार इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप

लॉजिस्टिक्स और एनिमल कंटिंजेंट

बैटल एरे का आखिरी हिस्सा लॉजिस्टिक्स यानी रसद और सपोर्ट सिस्टम का होगा। इसमें वे वाहन और साधन दिखाए जाएंगे, जो सैनिकों तक गोला-बारूद, ईंधन और जरूरी सामान पहुंचाते हैं।

इसके साथ-साथ एनिमल कंटिंजेंट भी परेड में शामिल होगा। इसमें बैक्ट्रियन कैमल्स, जंस्कार पोनी, और डॉग्स विद हैंडलर्स दिखाए जाएंगे। ये जानवर हिमालय और सियाचिन जैसे दुर्गम इलाकों में सेना के लिए आज भी बेहद अहम हैं। (Battle Array Republic Day 2026)

पहली बार भैरव लाइट कमांडो बटालियन

इस साल परेड में भैरव लाइट कमांडो बटालियन भी पहली बार दिखाई देगी। यह यूनिट तेज़ कार्रवाई और विशेष अभियानों के लिए तैयार की गई है।

पूरा प्रदर्शन 15 मिनट का

यह पूरा बैटल एरे प्रदर्शन करीब 15 मिनट में पूरा होगा। परेड में कुल 18 मार्चिंग कंटिंजेंट और 13 बैंड हिस्सा लेंगे। इसके साथ-साथ फ्लाई-पास्ट में राफेल, एसयू-30, पी-8आई, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच और एमआई-17 जैसे विमान और हेलीकॉप्टर अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। (Battle Array Republic Day 2026)

कितने लोग होंगे परेड का हिस्सा

इस साल परेड में करीब 6,050 जवान हिस्सा लेंगे। इसमें परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता भी शामिल होंगे। कुल मिलाकर सेना के छह मार्चिंग कंटिंजेंट होंगे, जबकि नौसेना और वायुसेना एक-एक मार्चिंग कंटिंजेंट के साथ परेड में शामिल होंगी। (Battle Array Republic Day 2026)

फ्लाई-पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम

परेड के दौरान 29 एयरक्राफ्ट का फ्लाई-पास्ट होगा, जिसमें फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। परेड के अंत में करीब 2,500 कलाकारों का सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जो भारत की सभ्यता, संस्कृति और प्रगति को दर्शाएगा।

यह भी पढ़ें:  GPS Spoofing Delhi Blast Link: क्या एक ही साजिश से जुड़े हैं दिल्ली ब्लास्ट और जीपीएस स्पूफिंग के तार? क्या भारत पर हुआ हाइब्रिड टेररिज्म अटैक?

परेड में 514 महिला कैडेट्स

इस वर्ष 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी पहले से कहीं अधिक देखने को मिलेगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, परेड और उससे जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में कुल करीब 514 महिला कैडेट्स और प्रतिभागी शामिल होंगी। इनमें सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सहयोगी दस्तों की महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में महिला कलाकार भाग लेंगी। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल महिला कैडेट्स अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आएंगी, जिनमें मार्चिंग कंटिंजेंट, सहायक दल और आयोजन से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं। (Battle Array Republic Day 2026)

गणतंत्र दिवस की शुरुआत कैसे होगी

मेजर जनरल ढिल्लों ने बताया कि 77वीं गणतंत्र दिवस परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होगी। यह परेड रायसीना हिल्स और विजय चौक से होते हुए कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, तिलक मार्ग के रास्ते आगे बढ़ेगी। परेड की कुल अवधि लगभग 90 मिनट होगी।

गणतंत्र दिवस के दिन सबसे पहले देश के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। माननीय प्रधानमंत्री नेशनल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को नमन करेंगे। इसके बाद परेड की औपचारिक शुरुआत होगी। माननीय राष्ट्रपति सलामी लेंगी और राष्ट्रगान के दौरान इस वर्ष के मुख्य अतिथियों का स्वागत किया जाएगा।

इस बार परेड के मुख्य अतिथि यूरोपियन यूनियन से होंगे। यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट परेड में मौजूद रहेंगी। यूरोपियन यूनियन का दस्ता कर्नल रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में परेड में शामिल होगा। (Battle Array Republic Day 2026)

Author

  • Explained: जंग में कैसे लड़ती है भारतीय सेना? गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दिखेगा पूरा बैटल फॉर्मेशन

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

Most Popular