📍पोखरण, राजस्थान | 26 Feb, 2026, 1:55 PM
Vayushakti 2026: राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा फायरपावर डेमो ‘वायु शक्ति 2026’ अब अपने आखिरी फेज में पहुंच गया है। 26 फरवरी को हुई फुल ड्रेस रिहर्सल में वायुसेना ने अपनी पूरी तैयारी का प्रदर्शन किया, जिसमें सभी टारगेट सफलतापूर्वक न्यूट्रलाइज कर दिए गए। इसके साथ ही वायुसेना 27 फरवरी को होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता, सटीकता और तुरंत जवाबी कार्रवाई को दिखाने के लिए आयोजित किया जाता है। इस बार का आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें आधुनिक युद्ध की सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दिन, शाम और रात तीनों समय के ऑपरेशन्स को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद वायुसेना पहली बार इतने बड़े स्तर पर एक्सरसाइज का आयोजन कर रही है। वायु शक्ति की फुल ड्रेस रिहर्सल 24 फरवरी को आयोजित की गई थी, जिसमें फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने मिलकर कई तरह के मिशन पूरे किए। (Vayushakti 2026)
रक्षा समाचार ने सबसे पहले बताया था कि देश के पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय वायुसेना बड़े अभ्यास की तैयारी कर रही है, जिसके लिए नोटम– नोटिस टू एयरमैन भी जारी किया गया था।
Vayushakti 2026: सभी प्रमुख एयरक्राफ्ट शामिल
इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना ने अपने लगभग सभी प्रमुख एयरक्राफ्ट को शामिल किया है। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और हॉक जैसे फाइटर जेट शामिल हैं। इनके साथ-साथ एएन-32, सी-130जे, सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-295 जैसे ट्रांसपोर्ट विमान भी इस अभ्यास का हिस्सा हैं। हेलीकॉप्टरों में अपाचे, एलसीएच प्रचंड, एमआई-17, चिनूक और एएलएच जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
वायु शक्ति 2026 में कुल मिलाकर 77 फाइटर विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान करीब 277 हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनमें लगभग 12,000 किलो विस्फोटक शामिल हैं। अभ्यास के लिए 23 अलग-अलग टारगेट तैयार किए गए हैं, जो जमीन और हवा दोनों तरह के खतरों को दर्शाते हैं। (Vayushakti 2026)
फुल ड्रेस रिहर्सल में रात-दिन ऑपरेशन
फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान वायुसेना ने दिन से लेकर रात तक लगातार ऑपरेशन किए। सभी टारगेट्स को सटीक तरीके से निशाना बनाया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टरों ने रॉकेट फायरिंग और प्रिसिजन स्ट्राइक का प्रदर्शन किया, जबकि फाइटर जेट्स ने हाई स्पीड अटैक मिशन पूरे किए।
इस अभ्यास में आर्मी के साथ जॉइंट ऑपरेशन भी शामिल रहा। इसमें एम777 हॉवित्जर गन और एल70 एयर डिफेंस गन का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा स्पेशल फोर्सेस ने भी अपनी भूमिका निभाई। अनमैन्ड सिस्टम यानी ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम को भी इस अभ्यास में शामिल किया गया, जिससे आधुनिक युद्ध की तैयारी को दिखाया गया। (Vayushakti 2026)
30 seconds. One historic reveal.#IAF showcases the S-400 in action possibly the longest-range intercept ever recorded.
Strength in range. Precision in response.#VayuShakti26 #IAF #S400 #AirPower #IndiaDefence @IAF_MCC @hqwaciaf pic.twitter.com/58MFaMblIJ— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) February 26, 2026
27 फरवरी को होगा मुख्य कार्यक्रम
वायु शक्ति 2026 का मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को शाम 4:40 बजे शुरू होगा। इसमें 43 अलग-अलग सेगमेंट में ऑपरेशन्स का प्रदर्शन किया जाएगा। यह कार्यक्रम शाम 5:10 बजे से लेकर रात 7:45 बजे तक चलेगा।
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। जानकारी के मुताबिक, वे कार्यक्रम से पहले स्वदेशी एएलएच हेलीकॉप्टर में उड़ान भी भरेंगी। मौसम खराब होने की स्थिति में 28 फरवरी को रिजर्व डे रखा गया है। (Vayushakti 2026)
ऑपरेशन सिंदूर की दिखेगी झलक
इस अभ्यास में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी दिखाया जाएगा। यह ऑपरेशन मई 2025 में किया गया था, जिसमें वायुसेना ने लंबी दूरी से सटीक हमले कर दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाया था। वायु शक्ति 2026 में उसी तरह की क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें मल्टी-डोमेन ऑपरेशन और एयर सुपीरियरिटी पर जोर रहेगा।
तेजस की भागीदारी पर संशय
इस बार के अभ्यास में एलसीए तेजस को शामिल किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन फुल ड्रेस रिहर्सल में यह विमान नजर नहीं आया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य कार्यक्रम में भी इसकी भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि बाकी सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म इस अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। (Vayushakti 2026)
मानवीय सहायता और राहत मिशन भी शामिल
वायु शक्ति 2026 सिर्फ युद्ध क्षमता दिखाने तक सीमित नहीं है। इसमें ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ यानी आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों की क्षमता भी दिखाई जाएगी। इसमें एयरलिफ्ट, रेस्क्यू और इवैक्यूएशन ऑपरेशन शामिल हैं, जो देश और विदेश दोनों जगहों पर किए जा सकते हैं।
महिला पायलट भी अहम भूमिका में
इस अभ्यास की एक खास बात यह भी है कि इसमें महिला पायलटों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। वे हाई विजिबिलिटी मिशन में हिस्सा ले रही हैं और फाइटर और हेलीकॉप्टर ऑपरेशन का हिस्सा हैं। (Vayushakti 2026)
पूरे आयोजन की जिम्मेदारी साउथ वेस्ट एयर कमांड पर
इस बड़े आयोजन की योजना और संचालन की जिम्मेदारी साउथ वेस्ट एयर कमांड को दी गई है। इसमें कई सिविल और डिफेंस मेहमानों के साथ विदेशी प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। (Vayushakti 2026)

