📍नई दिल्ली | 12 Dec, 2025, 10:39 AM
LCA Mk-1A Delivery Timeline: हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भारतीय वायुसेना के लिए हल्के लड़ाकू विमान एलसीए एमके-1ए और बेसिक ट्रेनर एचटीटी-40 की डिलीवरी का नया प्लान जारी किया है। कंपनी अब चालू वित्त वर्ष 2025-26 के आखिर तक वायुसेना को पांच एलसीए और तीन ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपेगी। इससे पहले एचएएल ने दस लड़ाकू विमान और 12 ट्रेनर देने की बात कही थी।
सूत्रों का कहना है कि डिलीवरी में बदलाव की वजह इंजन की सप्लाई में देरी, सप्लाई चेन की समस्याएं और कुछ जरूरी हथियारों के परीक्षण समय पर पूरे नहीं होना है। जिसके चलते प्रोडक्शन शेड्यूल पर असर पड़ा है। एचएएल अब इस देरी की भरपाई करने और उत्पादन तेज करने की कोशिश कर रहा है।
LCA Mk-1A कार्यक्रम में देरी की मुख्य वजह इंजन सप्लाई
एलसीए एमके-1ए कार्यक्रम के तहत वायुसेना ने कुल 180 विमान ऑर्डर किए हैं। पहला ऑर्डर फरवरी 2021 में 83 विमानों (73 फाइटर और 10 ट्रेनर) के लिए 48,000 करोड़ रुपये में और दूसरा ऑर्डर 62,000 करोड़ रुपये के सौदे के तहत अगस्त 2025 में 97 विमानों के लिए दिया था। इनमें से कई विमान अगले कुछ सालों में स्क्वाड्रन में शामिल होने वाले थे, लेकिन इंजन सप्लाई समय पर न मिलने से डिलीवरी में देरी हुई है। अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस को इन विमानों के लिए एफ404-आईएन20 इंजन देने हैं।
HAL has revised its delivery targets for LCA Mk-1A and HTT-40 aircraft 🚨
The Indian Air Force will now receive only 8 jets and trainers by March 2026 due to engine supply delays and production hurdles.
A major setback for IAF’s fleet upgrade plan.#DefenceNews #HAL #LCA #Mk1A… pic.twitter.com/OPrrWeEKvD— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 12, 2025
लेकिन अभी तक जीई एयरोस्पेस की तरफ से एचएएल को केवल 5 इंजन ही मिले हैं। वहीं, अगले साल लगभग 20 इंजन मिलने की उम्मीद है। एचएएल का कहना है कि मार्च 2026 तक कम से कम पांच एमके-1ए देने की कोशिश की जाएगी। यह पहले ऑर्डर का हिस्सा है, जिसे अगले 4–5 सालों में पूरा किया जाएगा।
HTT-40 ट्रेनर विमान का भी यही हाल
बेसिक ट्रेनर एचटीटी-40 के लिए भी इंजन सप्लाई में बड़ी देरी हो रही है। इन विमानों में अमेरिकी कंपनी हनीवेल का टीपीई331-12बी टर्बोप्रॉप इंजन लगा है। हनीवेल को 88 इंजन सप्लाई करने हैं। वहीं, सितंबर 2025 में पहला इंजन आना था, लेकिन अब जनवरी 2026 में मिलने की संभावना है। मार्च 2026 तक चार और इंजन मिल सकते हैं। एचएएल को इस वित्त वर्ष में कुल 70 ट्रेनर विमानों के बड़े ऑर्डर में से 12 विमान देने थे, लेकिन इंजन न मिलने से इसमें भी देरी हो रही है।
वायुसेना इन दोनों विमानों पर काफी निर्भर है। एलसीए एमके-1ए वायुसेना के आने वाले सालों में रिटायर हो रहे पुराने एयरक्राफ्ट को रिप्लेस करेगा। वहीं, एचटीटी-40 से नए पायलटों की ट्रेनिंग होती है। इसी वजह से वायुसेना ने एचएएल से उत्पादन तेज करने को कहा है। एचएल ने पिछले महीने नासिक और बेंगलुरु में नए प्रोडक्शन लाइनें शुरू की हैं, ताकि डिलीवरी की रफ्तार बढ़ाई जा सके।
पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नासिक में एलसीए एमके-1ए और एचटीटी-40 के नए प्रोडक्शन प्लांट्स का उद्घाटन किया था, ताकि प्रोडक्शन की रफ्तार बढ़ाई जा सके। एचएएल वायुसेना के लिए 70 एचीटी-40 ट्रेनर बना रहा है, जिनमें से दो ट्रेनर कैटेगरी बी इंजन यानी पुराने इंजनों के साथ उड़ान भर रहे हैं।


