HomeIndian Navyहोर्मुज से ओमान की खाड़ी तक बढ़ा खतरा, IFC-IOR की रिपोर्ट के...

Increased risk from Hormuz to the Gulf of Oman, on Indian Naval Alerts after IFC-IOR report

According to the report, six different shipping events have been recorded in the eastern part of the Hormuz Jaldambami. These events are particularly around the Gulf of Oman...

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📍नई दिल्ली | 18 Mar, 2026, 12:53 PM

Hormuz Threat Expansion: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच गुरुग्राम स्थित इंडियन नेवी के इन्फॉरमेशन सेंटर ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास का खतरा अब पूर्व की ओर बढ़ता हुआ ओमान की खाड़ी तक पहुंच रहा है। इस चेतावनी को क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह आकलन इंडियन नेवी के सहयोग से काम करने वाले इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) ने किया है, जो कई देशों के साथ मिलकर समुद्री गतिविधियों की निगरानी करता है। (Hormuz Threat Expansion)

Hormuz Threat Expansion: कई देशों के साथ मिलकर हो रही निगरानी

यह केंद्र एक मल्टी-नेशनल प्लेटफॉर्म है, जिसमें 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये सभी देश मिलकर कमर्शियल शिपिंग से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं, जिससे समुद्र में चल रही गतिविधियों की एक स्पष्ट तस्वीर सामने आती है।

इस केंद्र ने हाल ही में अपने अपडेट में बताया कि होर्मुज के आसपास की स्थिति लगातार बदल रही है और खतरा अब धीरे-धीरे ओमान की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है। (Hormuz Threat Expansion)

छह अलग-अलग शिपिंग घटनाएं दर्ज

रिपोर्ट के अनुसार, Hormuz जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में छह अलग-अलग शिपिंग घटनाएं दर्ज की गई हैं। ये घटनाएं खास तौर पर ओमान की खाड़ी के आसपास हुई हैं।

इन घटनाओं के आधार पर यह माना जा रहा है कि खतरा केवल होर्मुज तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसका असर आसपास के समुद्री क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। इसका असर ऊर्जा और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। (Hormuz Threat Expansion)

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एनर्जी सप्लाई पर बढ़ सकता है दबाव

इस स्थिति का असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में बढ़ते जोखिम के कारण वॉर रिस्क इंश्योरेंस की लागत भी बढ़ी हुई बनी हुई है।

इसका मतलब यह है कि जहाजों को इस क्षेत्र से गुजरने के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। (Hormuz Threat Expansion)

भारतीय नौसेना ने बढ़ाई तैनाती

इसी बीच भारतीय Naval ने भी अपनी तैनाती बढ़ा दी है। फिलहाल इस क्षेत्र में यूएवी और सर्विलांस एयरक्राफ्ट्स के साथ 6 से 8 युद्धपोत भी तैनात किए गए हैं, जो भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद कर रहे हैं।

इन युद्धपोतों का मुख्य काम एलपीजी और क्रूड ऑयल लेकर आने वाले जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट करना है। इसके अलावा निगरानी के लिए सर्विलांस एयरक्राफ्ट और यूएवी यानी ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। (Hormuz Threat Expansion)

दो टास्क फोर्स बनाकर किया गया ऑपरेशन

सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना ने इस मिशन के लिए दो अलग-अलग टास्क फोर्स तैयार किए हैं। पहले जहां केवल तीन युद्धपोत तैनात थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़ाकर 6 से 8 कर दी गई है। यह पूरा ऑपरेशन भारत अपने स्तर पर चला रहा है और किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं है। (Hormuz Threat Expansion)

ओमान की खाड़ी में पहले से मौजूद हैं युद्धपोत

भारतीय नौसेना पहले से ही सऊदी अरब के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात रखती है। इनमें से एक युद्धपोत साल 2008 से अदन की खाड़ी में तैनात है, जहां उसका मुख्य काम समुद्री डकैती यानी एंटी-पायरेसी ऑपरेशन को रोकना है। इसके अलावा एक दूसरा युद्धपोत साल 2019 से ओमान की खाड़ी में तैनात है, जो इस क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा का काम करता है।

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हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में बढ़े तनाव के बाद नौसेना ने एक और अतिरिक्त युद्धपोत इस इलाके में तैनात कर दिया है, ताकि सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके। इन युद्धपोतों को अपने रडार, सैटेलाइट और अन्य निगरानी सिस्टम से लगातार जानकारी मिलती रहती है। इसके जरिए वे जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। (Hormuz Threat Expansion)

समुद्र में ही किया जा सकता है ईंधन और सप्लाई ट्रांसफर

भारतीय नौसेना के पास अपने जहाजों को सपोर्ट देने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। जरूरत पड़ने पर ये जहाज ओमान के डुक्म और सलालाह जैसे बंदरगाहों पर जाकर ईंधन भर सकते हैं और जरूरी सामान ले सकते हैं। इसके अलावा नौसेना के पास फ्लीट टैंकर भी होते हैं, जो समुद्र में ही जहाजों तक ईंधन और राशन पहुंचा सकते हैं, जिससे उन्हें बीच रास्ते में कहीं रुकने की जरूरत नहीं पड़ती। (Hormuz Threat Expansion)

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  • News Desk

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