📍नई दिल्ली | 22 Oct, 2026, 12:21 PM
China Type 08 Anti-Drone Cage: चीन के शिनजियांग में पाकिस्तानी सेना के साथ चल रहे ‘काराकोरम-2026’ अभ्यास में पीएलए के आर्मर्ड व्हीकल्स कोप केज के साथ दिखाई दिए हैं। पाकिस्तान के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान अपने टाइप-08 इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल पर एंटी-ड्रोन केज लगा दिखा।
यह अभ्यास 14 अक्टूबर को शुरू हुआ था। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल चेन शी ने 10 अक्टूबर को इसकी घोषणा की थी। अभ्यास में पहली बार दोनों देशों की नियमित इन्फैंट्री युनिट्स बड़े स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण कर रही हैं। इसमें ड्रोन से निगरानी, सटीक हमले, आर्मर्ड व्हीकलों की आवाजाही और सैनिकों की तलाशी एवं क्लीयरेंस कार्रवाई जैसे अभ्यास शामिल हैं।
China Type 08 Anti-Drone Cage: टाइप-08 वाहन पर क्यों लगाया एंटी-ड्रोन केज?
टैंकों पर कोप केज लगाना आम है। कोप केज लगाने का चलन रूस-युक्रेन युद्ध के दौरान देखने को मिला था। वहीं टाइप-08 (ZBL-08) चीन का आठ पहियों वाला आर्मर्ड इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल (आईएफवी) है। इसे सैनिकों को युद्धइलाके तक पहुंचाने और उनके साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार किया गया है। इस तरह के वाहन सैनिकों को हल्की गोलाबारी और कुछ अन्य खतरों से सुरक्षा देते हैं। हालांकि, ड्रोन से होने वाले हमले आर्मर्ड व्हीकल्स के लिए एक अलग चुनौती बन गए हैं।
काराकोरम-2026 अभ्यास के दौरान दिखाई दिए टाइप-08 की छत और किनारों पर धातु की जाली जैसा स्ट्रक्चर दिखाई दिया। यह वाहन के बाहरी हिस्से और उसके मेन स्ट्रक्चर के बीच अतिरिक्त दूरी बनाती है। इस तरह के स्ट्रक्चर को एंटी-ड्रोन केज या प्रोटेक्शन ग्रिल कहा जाता है। (China Type 08 Anti-Drone Cage)
एफपीवी ड्रोन हमलों का खतरा
युद्ध में छोटे ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और हमले, दोनों के लिए किया जा रहा है। इनमें FPV यानी फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन भी शामिल हैं। ऑपरेटर कैमरे से मिलने वाली लाइव तस्वीरों के आधार पर इन्हें कंट्रोल कर सकता है। कुछ एफपीवी ड्रोन में विस्फोटक पेलोड भी लगाया जा सकता है।
ऐसे ड्रोन आकार में छोटे होने के कारण कई परिस्थितियों में उन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है। वे कम ऊंचाई पर उड़ते हुए आर्मर्ड व्हीकलों के करीब पहुंच सकते हैं। इससे वाहन की छत, खुले हिस्सों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
एंटी-ड्रोन केज ड्रोन सीधे वाहन तक पहुंचने से रोकने या विस्फोट के असर को कम करने में मदद करता है। (China Type 08 Anti-Drone Cage)
काराकोरम-2026 में ड्रोन और आर्मर्ड व्हीकल
इस अभ्यास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ड्रोन से निगरानी, टारगेट की पहचान, सटीक हमले और उसके बाद सैनिकों की कार्रवाई को आपस में जोड़ना है। इसमें अलग-अलग उपकरणों का इस्तेमाल एक क्रम में किया जा रहा है, ताकि सैनिक को संयुक्त कमान के तहत काम करने का अभ्यास हो सके।
ड्रोन का इस्तेमाल किसी इलाके की निगरानी और संभावित खतरे की पहचान के लिए किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जाती है। Armored Vehicle सैनिकों को उस इलाके तक पहुंचाने में मदद करते हैं, जहां पैदल सैनिकों को तलाशी या क्लीयरेंस ऑपरेशन करना होता है।
इस अभ्यास में स्नाइपर ट्रेनिंग, ड्रोन से हमले, आर्मर्ड व्हीकल्स की मूवमेंट और इमारतों के भीतर निगरानी के लिए रोबोटिक डॉग का इस्तेमाल भी शामिल है। (China Type 08 Anti-Drone Cage)
पाकिस्तान के साथ बढ़ा सैन्य सहयोग
काराकोरम-2026 चीन और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य सहयोग का हिस्सा है। इससे पहले दोनों देशों के बीच वायुसेना का ‘शाहीन’ और नौसेना का ‘सी गार्डियन्स’ अभ्यास भी होता रहा है। लेकिन इस बार रेगुलर इन्फैंट्री युनिट्स के साथ किया गया है।
चीन इस अभ्यास के लिए हथियार और सैन्य उपकरण उपलब्ध करा रहा है। इन उपकरणों में क्यूबीजेड-191 असॉल्ट राइफल, क्यूजेबी-201 स्क्वाड मशीन गन, स्नाइपर हथियार, टाइप-11 व्हील्ड आर्मर्ड व्हीकल, टाइप-08 इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल, आर्टिलरी और अन्मैन्ड प्लेटफॉर्म शामिल हैं। (China Type 08 Anti-Drone Cage)
पहाड़ी इलाकों पर फोकस
काराकोरम-2026 का आयोजन चीन के शिनजियांग इलाके के कोरला में किया जा रहा है। अभ्यास का उद्देश्य आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है।
पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों में सैन्य अभियान के दौरान वाहनों की आवाजाही, सैनिकों की तैनाती, निगरानी और रसद की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। ऐसे इलाकेों में ड्रोन से निगरानी होने पर सैनिकों और वाहनों की गतिविधियों को छिपाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इस अभ्यास से सबसे बड़ा संकेत यह मिलता है कि चीन और पाकिस्तान युद्ध के मैदान में अपनी ताकत साबित करने के बजाय छोटे ड्रोन से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव करने का अभ्यास कर रहे हैं। कराकोरम-2026 अभ्यास के दौरान दोनों देश यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि सुरक्षित आर्मर्ड व्हीकलों, बिना पायलट वाले टोही ड्रोनों और जॉइंट कमांड सिस्टम का इस्तेमाल आतंकवाद विरोधी अभियानों में किस तरह किया जा सकता है। छोटे ड्रोन की मौजूदगी में सैनिकों की सुरक्षा बनाए रखना और अभियान को प्रभावी ढंग से चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। (China Type 08 Anti-Drone Cage)
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