📍वाराणसी | 21 Oct, 2026, 4:20 PM
IAF Wings Over Ganges Air Show 2026: भारतीय वायुसेना अपनी 94वीं वर्षगांठ के मौके पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में खास एयर शो आयोजित कर रही है। ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम से होने वाले इस एयर शो में 100 विमान हिस्सा लेंगे। इस दौरान राफेल, सुखोई-30एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर, एलसीए तेजस और मिग-29 जैसे फाइटर जेट एक साथ आसमान में उड़ान भरते दिखाई देंगे। कार्यक्रम में लाइव हथियारों के साथ विमान प्रदर्शन, मॉक डॉगफाइट और हवा में फ्यूल भरने का डेमोंस्ट्रेशन भी शामिल है।
22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को होने वाले इस एयर शो में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त भागीदारी भी देखने को मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को नमो घाट पर आयोजित होने वाले अंतिम कार्यक्रम में शामिल होंगे।
IAF Wings Over Ganges Air Show 2026: 12 एयरबेस से उड़ान भरेंगे 100 विमान
इस एयर शो की सबसे बड़ी खासियत इसमें शामिल विमानों की संख्या और उनके बीच तालमेल है। भारतीय वायुसेना के अनुसार, करीब 100 विमानों को देश के 12 अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरकर वाराणसी पहुंचना है।
इसमें 52 फाइटर जेट, 32 हेलीकॉप्टर और 15 ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। इतने बड़े एयर शो के लिए विमानों की उड़ान, उनके रूट, समय और अलग-अलग फॉर्मेशन के बीच तालमेल बनाए रखना जरूरी होता है।
कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के विमानों और प्लेटफॉर्म को भी एक साथ शामिल किया जा रहा है।
पहली बार छह फ्रंटलाइन फाइटर जेट एक साथ दिखेंगे
एयर शो में ‘प्रचंड’ नाम की एरोहेड फॉर्मेशन खास आकर्षण होगी। इसमें छह अलग-अलग फ्रंटलाइन फाइटर जेट एक साथ उड़ान भरेंगे। इनमें सुखोई-30एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 शामिल हैं।
एरोहेड फॉर्मेशन में विमान एक तीर के अगले हिस्से जैसी आकृति बनाकर उड़ते हैं। इसमें हर विमान को अपनी निर्धारित जगह और दूरी बनाए रखनी होती है। तेज रफ्तार से उड़ते हुए कई विमानों के बीच यह तालमेल पायलटों की ट्रेनिंग और उड़ान नियंत्रण क्षमता की परीक्षा भी होता है।
इस प्रदर्शन की एक और खास बात यह है कि फाइटर जेट असली हथियारों के साथ उड़ान भरेंगे। इनमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए कुछ हथियार भी शामिल होंगे। (IAF Wings Over Ganges Air Show 2026)
दो बनाम एक की मॉक डॉगफाइट
एयर शो के दौरान दर्शकों को एरियल फाइट का एक सिमुलेटेड प्रदर्शन भी दिखाया जाएगा। इसे मॉक डॉगफाइट कहा जाता है। इसमें दो जगुआर फाइटर जेट तेज रफ्तार से हमला करने की भूमिका निभाएंगे, जबकि एक सुखोई-30एमकेआई उन्हें इंटरसेप्ट करने का अभ्यास करेगा।
इस सिमुलेशन में जगुआर विमान मालवीय ब्रिज की दिशा में हाई-स्पीड अटैक का प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद सुखोई-30एमकेआई ऊपर से आकर उन्हें रोकने की भूमिका निभाएगा।
वास्तविक एरियल फाइट में इंटरसेप्शन का मतलब किसी दूसरे विमान की उड़ान का पता लगाकर उसके करीब पहुंचना और उसे रोकने या उसकी गतिविधियों पर नियंत्रण रखने की कोशिश करना होता है। इसमें रडार से मिली जानकारी, पायलट की प्रतिक्रिया, विमान की गति और उड़ान की दिशा जैसे कई पहलू अहम होते हैं। (IAF Wings Over Ganges Air Show 2026)
पहली बार एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग
‘महादेव’ फॉर्मेशन भी इस एयर शो का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसमें आईएल-78 मिड-एयर रिफ्यूलिंग विमान के साथ तीन मिराज-2000 फाइटर जेट उड़ान भरेंगे।
इस प्रदर्शन की खासियत यह है कि पहली बार आईएल-78 विमान तीन लड़ाकू विमानों के साथ एक साथ एरियल डिस्प्ले करेगा।
आईएल-78 एक Air-to-Air Refueling विमान है। इसका इस्तेमाल हवा में उड़ रहे दूसरे विमानों को ईंधन देने के लिए किया जाता है। इस तकनीक की मदद से लड़ाकू विमान बिना जमीन पर उतरे अपनी उड़ान जारी रख सकते हैं और लंबी दूरी के मिशन पूरे कर सकते हैं।
हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया में दोनों विमानों को निर्धारित गति और ऊंचाई पर बेहद सटीक तालमेल बनाए रखना पड़ता है। फ्यूल ट्रांसफर के दौरान दूरी और विमान की स्थिति में मामूली अंतर भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का P-8I मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट भी शामिल होगा। यह विमान चेन्नई के पास अरक्कोनम से उड़ान भरकर ग्वालियर के ऊपर मिराज-2000 विमानों के साथ तालमेल बनाएगा और फिर वाराणसी पहुंचेगा।
पी-8आई का मुख्य काम समुद्री निगरानी, समुद्र में संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना और नौसैनिक अभियानों में मदद करना है। (IAF Wings Over Ganges Air Show 2026)
इन्फ्रारेड कैमरे से रिकॉर्ड होगा सुखोई का हाई-स्पीड मैन्युवर
एयर शो में तकनीक का इस्तेमाल केवल विमान उड़ाने तक सीमित नहीं रहेगा। एक सुखोई-30एमकेआई दर्शकों के सामने तेज रफ्तार से वर्टिकल मैन्युवर करेगा, जबकि दूसरा सुखोई-30एमकेआई करीब 8,000 फीट की ऊंचाई से इस पूरे प्रदर्शन को रिकॉर्ड करेगा।
इसके लिए दूसरे विमान में इन्फ्रारेड इमेजिंग पॉड का इस्तेमाल किया जाएगा।
इन्फ्रारेड इमेजिंग तकनीक किसी वस्तु से निकलने वाली गर्मी के आधार पर उसकी तस्वीर तैयार करती है। सैन्य विमानों में इस तरह के सिस्टम का इस्तेमाल रात में या कम विजिबिलिटी में निगरानी और टारगेट की पहचान जैसे कामों के लिए भी किया जाता है।
इस एयर शो में इसका इस्तेमाल हवाई मैन्युवर को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाएगा। इससे दर्शकों को फाइटर जेट की उड़ान और उसके तेज गति वाले करतबों को तकनीकी नजरिए से देखने का मौका मिलेगा। (IAF Wings Over Ganges Air Show 2026)
सूर्य किरण और सारंग की टीम भी दिखाएगी करतब
कार्यक्रम के अंत में भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम प्रदर्शन करेंगी। सूर्य किरण टीम अपने फॉर्मेशन फ्लाइंग और विमानों के बीच सटीक तालमेल के लिए जानी जाती है। इसके प्रदर्शन में कई विमान एक साथ उड़ते हुए अलग-अलग फॉरमेशन बनाते हैं। (IAF Wings Over Ganges Air Show 2026)
एयर शो में दिखेंगी 17 खास फॉर्मेशन, जानिए कौन-सा विमान क्या करेगा
काशी
तीन किरण विमान वी आकार की विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन जीत का प्रतीक है। इस दौरान विमान आसमान में तिरंगे के रंग बिखेरते नजर आएंगे।
वरुण
भारतीय वायुसेना और थल सेना के तीन एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर इसमें हिस्सा लेंगे। ये हेलीकॉप्टर रस्सियों की मदद से जवानों को नीचे उतारने का प्रदर्शन भी करेंगे। इस प्रक्रिया को स्लिदरिंग ऑपरेशन कहा जाता है।
केदार
एक राफेल लड़ाकू विमान काशी फॉर्मेशन के पीछे उड़ान भरेगा। यह कम ऊंचाई पर कई सटीक हवाई करतब दिखाएगा।
हनुमान और सारनाथ
हनुमान फॉर्मेशन में एक सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमान कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाएगा। इसके बाद सारनाथ फॉर्मेशन में एक हार्वर्ड विमान सटीक हवाई करतब दिखाएगा। एयर शो में सेना का पुराना सारनाथ विमान भी मौजूद रहेगा।
ओमकार और गंगा
ओमकार फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इनमें राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायुसेना का ध्वज नजर आएगा।
इसके बाद गंगा फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे और आसमान से फूलों की वर्षा करेंगे।
रुद्र
एक सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमान तेज रफ्तार से दर्शकों के सामने से गुजरेगा। इस प्रदर्शन में विमान की गति और उड़ान क्षमता देखने को मिलेगी।
भगीरथी
दो स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर एक साथ डायमंड फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की संयुक्त उड़ान का प्रदर्शन करेगा।
त्रिदेव
इस फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का कामोव-31 हेलीकॉप्टर आगे रहेगा। उसके साथ भारतीय वायुसेना का एक एएलएच एमके-3 और थल सेना का एक एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर उड़ान भरेगा।
तीनों हेलीकॉप्टर विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसका उद्देश्य थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल और संयुक्त अभियान की क्षमता को दिखाना है।
अलकनंदा
इस फॉर्मेशन में दो चिनूक और दो एएलएच एमके-4 हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। ये उल्टे विक्ट्री फॉर्मेशन में नजर आएंगे। इनमें से एक चिनूक हेलीकॉप्टर पीछे की ओर रहेगा।
English
एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान मंच के सामने से विक्ट्री फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन परिवहन और निगरानी विमानों की क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
कैलाश
एक सी-130 और दो एएन-32 विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन भारतीय वायुसेना की परिवहन क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
त्रिलोचन
एक एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यूएंडसी) विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेगा। इसके साथ दो मिग-29 लड़ाकू विमान सुरक्षा के लिए उड़ान भरेंगे। एईडब्ल्यूएंडसी विमान हवा में रहते हुए दुश्मन के विमानों और अन्य गतिविधियों का पता लगाने में मदद करता है।
नटराज
भारतीय नौसेना का पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। यह फॉर्मेशन समुद्र में निगरानी और हवाई लड़ाकू क्षमता के बीच तालमेल को दिखाएगा।
महादेव
एक आईएल-78 हवाई ईंधन भरने वाला टैंकर विमान तीन मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। आईएल-78 हवा में ही लड़ाकू विमानों में ईंधन भर सकता है, जिससे उनकी उड़ान का समय और ऑपरेशनल रेंज बढ़ाई जा सकती है।
विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ
विश्वनाथ फॉर्मेशन में तीन सुखोई-30एमकेआई विमान विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। इसके बाद पशुपति फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड फॉर्मेशन में नजर आएंगे।
इसके तुरंत बाद नीलकंठ फॉर्मेशन में तीन राफेल लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे।
Сountry
इस फॉर्मेशन में भारतीय वायुसेना के छह अलग-अलग लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरेंगे। इनमें सुखोई-30एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 शामिल होंगे।
ये सभी विमान ऐरोहेड यानी तीर के आकार की फॉर्मेशन बनाएंगे। यह प्रदर्शन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाई गई भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता, सटीक हमले की ताकत और ऑपरेशनल तैयारी को समर्पित होगा।
अस्सी
स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान एलसीए तेजस इस फॉर्मेशन का मुख्य आकर्षण होगा। तेजस कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाएगा। यह प्रदर्शन भारत की स्वदेशी विमान निर्माण तकनीक और लड़ाकू विमान की उड़ान क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
दशाश्व
इस फॉर्मेशन में सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान सबसे आगे उड़ान भरेगा। उसके पीछे सूर्यकिरण टीम के नौ हॉक विमान शानदार फ्लाईपास्ट करेंगे।
इसके बाद भारतीय वायुसेना की मशहूर सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम आसमान में अपने करतब दिखाएगी। टीम के विमान एक साथ सटीक तालमेल के साथ उड़ान भरते हुए कई आकर्षक फॉर्मेशन बनाएंगे। (IAF Wings Over Ganges Air Show 2026)
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