📍हैदराबाद | 27 Oct, 2025, 3:44 PM
Zen Technologies defence stock: भारतीय डिफेंस कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के शेयर शुक्रवार को करीब 6.54 फीसदी गिर गए। कंपनी के दूसरे तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। मुनाफे में थोड़ी बढ़त दिखी, वहीं साल-दर-साल रेवेन्यू में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
शेयर बाजार में कंपनी का स्टॉक शुक्रवार को 1,329.05 रुपये पर खुला और दिन के दौरान 1,305.60 रुपये के निचले स्तर तक गया। गुरुवार को यह शेयर 1,397.05 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब 12,000 करोड़ रुपये से थोड़ा ऊपर है।
जेन टेक्नोलॉजीज ने तिमाही के दौरान 174 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 28.1 फीसदी कम रहा। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में रेवेन्यू 10.1 फीसदी बढ़ा है।
कंपनी का नेट प्रॉफिट इस तिमाही में 62 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 53 करोड़ से 17 रुपये ज्यादा है। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि में यह 63 करोड़ रुपये था, यानी साल-दर-साल आधार पर 1.6 फीसदी की गिरावट रही।
कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 41 फीसदी से घटकर 37 फीसदी रह गई, लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन में सुधार हुआ और यह 51.88 फीसदी पर पहुंचा गया। कंपनी ने बताया कि मुनाफे में 26 करोड़ रुपये की “अन्य आय” शामिल थी।
जेन टेक्नोलॉजीज कंपनी का टर्नओवर पिछले साल की तुलना में कम रहा, लेकिन मजबूत ईबीआईटीडीए मार्जिन ने प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखी। कंपनी की दूसरी यूनिट्स एप्लाइड रिसर्च इंटरनेशनल और यूनिस्ट्रिंग टेक सोल्यूशन्स ने अच्छे रिजल्ट दिए हैं।
कंपनी के पास सितंबर 2025 तक 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की लिक्विडिटी है और यह रिसर्च एंड डेवलपमेंट में लगातार निवेश कर रही है।
वहीं, “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सरकार की आपातकालीन रक्षा खरीद प्रक्रियाओं के कारण कुछ सामान्य टेंडर की मंजूरी में देरी हुई है, लेकिन ऑर्डर बुक पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
कंपनी ने तिमाही के दौरान रक्षा तकनीक के चार अहम सेक्टर रोबोटिक्स, ड्रोन, नेवल सिस्टम्स और लोइटरिंग म्यूनिशन में स्ट्रेटेजिक एक्विजिशन्स पूरे किए। इन सौदों में एप्लाइड रिसर्च इंटरनेशनल, भैरव रोबोटिक्स, वेक्टर टेक्निक्स और टिसा एयरोस्पेस शामिल हैं।
इन एक्विजिशन्स से कंपनी के पास 121 से अधिक बौद्धिक संपद और तैयार आर एंड डी प्रोटोटाइप्स आए हैं। इससे प्रोडक्शन डेलपमेंट की रफ्तार करीब दो साल तक बढ़ जाएगी और क्रॉस-सेलिंग के मौके भी बढ़ेंगे।
सितंबर 2025 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 675.04 करोड़ रुपये रही। इसमें 190.53 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी सहायक कंपनियों की है। घरेलू ऑर्डर 554.12 करोड़ रुपये और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर 120.92 करोड़ रुपये के हैं।
डिस्क्लेमर: शेयरों में निवेश करने से वित्तीय नुकसान का जोखिम होता है। इसलिए, निवेशकों को शेयरों में निवेश या ट्रेडिंग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। निवेश करने से पहले कृपया अपने निवेश सलाहकार से सलाह लें।


