📍मुंबई | 8 Jan, 2026, 11:51 AM
Defence Contract: हैदराबाद की इंजीनियरिंग कंपनी लोकेश मशींस लिमिटेड को रक्षा मंत्रालय से एक अहम ऑर्डर मिला है। कंपनी को यह ऑर्डर सरकारी डिफेंस कंपनी एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड से मिला है। इस ऑर्डर की कुल कीमत करीब 22 करोड़ रुपये बताई गई है।
Defence Contract: सुरक्षा बलों में खूब इस्तेमाल होती है 9 एमएम पिस्टल
कंपनी की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कॉन्ट्रैक्ट 9×19 एमएम कैलिबर मशीन पिस्टल के लिए इस्तेमाल होने वाले सब-असेंबली और कंपोनेंट्स की सप्लाई से जुड़ा है। यह वही कैलिबर है, जो भारतीय सुरक्षा बलों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले हथियारों में शामिल है। इस ऑर्डर के तहत लोकेश मशींस को तय समयसीमा के भीतर सभी पार्ट्स की सप्लाई करनी होगी। (Defence Contract)
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया गया है कि इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू 22,00,46,400 रुपये है। कंपनी को यह सप्लाई 19 मार्च 2026 तक या उससे पहले पूरी करनी है। हालांकि, फाइलिंग में यह साफ नहीं किया गया है कि कितने यूनिट्स की सप्लाई की जाएगी या प्रति यूनिट कीमत क्या होगी। इसके अलावा, स्टेज-वाइज डिलीवरी शेड्यूल, इंस्पेक्शन प्रोसेस, वारंटी या देरी होने पर पेनल्टी जैसी शर्तों का भी खुलासा नहीं किया गया है। (Defence Contract)
एडवांस्ड वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड एक सरकारी कंपनी है, जिसका गठन ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के कॉरपोरेटाइजेशन के बाद किया गया था। यह कंपनी 14 अगस्त 2021 को कंपनीज एक्ट 2013 के तहत बनी और 1 अक्टूबर 2021 से इसका व्यावसायिक कामकाज शुरू हुआ। इसका रजिस्टर्ड ऑफिस कानपुर में ऑर्डनेंस फैक्ट्री परिसर, कल्पी रोड पर स्थित है। देशभर में इसके कई प्रोडक्शन और नॉन-प्रोडक्शन यूनिट्स हैं, जो भारतीय सशस्त्र बलों के लिए हथियार और उपकरण तैयार करते हैं। (Defence Contract)
वहीं लोकेश मशींस की बात करें तो यह कंपनी मुख्य रूप से मशीन टूल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी सीएनसी मशीनें, स्पेशल पर्पज मशीनें और ऑटो कंपोनेंट्स बनाती है। हर साल लोकेश मशींस करीब 800 से ज्यादा सीएनसी मशीनें तैयार करती है। कंपनी का इंजीनियरिंग बेस हैदराबाद में है, जिसकी स्थापना 17 दिसंबर 1983 को हुई थी और 1985 से कंपनी ने अपना व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। (Defence Contract)
वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी की नेट सेल्स करीब 50.43 करोड़ रुपये रही थी, जबकि उसी अवधि में नेट प्रॉफिट 0.63 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
आज 8 जनवरी को सुबह करीब 11:30 बजे के आसपास लोकेश मशींस लिमिटेड के शेयर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। एनएसई पर यह शेयर अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक करीब 175 से 178 रुपये के दायरे में ट्रेड करता दिखा। कुछ जगहों पर कीमत लगभग 175.60 रुपये दर्ज की गई, तो कहीं यह 178 रुपये के आसपास नजर आई। (Defence Contract)
अगर बीते एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो लोकेश मशींस का 52 हफ्ते का हाई करीब 329 से 340 रुपये के आसपास रहा है, जबकि 52 हफ्ते का लो लगभग 128 रुपये के पास दर्ज किया गया था। यानी ऊपरी स्तर से यह शेयर अभी काफी नीचे ट्रेड कर रहा है, लेकिन निचले स्तर से इसमें अच्छी रिकवरी भी देखने को मिल चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी से ज्यादा ऊपर गया है। (Defence Contract)
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ऑर्डर यह दिखाते हैं कि अब छोटे और मझोले स्तर की भारतीय कंपनियां भी रक्षा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। निजी क्षेत्र की भागीदारी से न केवल सप्लाई चेन मजबूत हो रही है, बल्कि घरेलू स्तर पर हथियार और उपकरण बनाने की क्षमता भी बढ़ रही है। (Defence Contract)


