📍नई दिल्ली | 29 Jan, 2026, 9:05 PM
HAL Pawan Hans Dhruv NG Helicopter Deal: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी पवन हंस लिमिटेड के साथ 10 ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टरों की सप्लाई के लिए डील साइन की है। इस डील की अनुमानित कीमत 1800 करोड़ रुपये से अधिक है। यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब भारत सिविल एविएशन सेक्टर में विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी तकनीक को आगे बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है।
एचएएल ने इस डील की जानकारी 29 जनवरी को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दी है। कंपनी ने बताया कि पवन हंस के साथ यह कॉन्ट्रैक्ट हैदराबाद में साइन किया गया है और यह पूरी तरह डोमेस्टिक ऑर्डर है।
फाइलिंग के अनुसार, यह ऑर्डर साल 2027 तक पूरा किया जाएगा और इसमें हेलीकॉप्टरों के साथ जरूरी स्पेयर पार्ट्स, एक्सेसरीज और सपोर्ट इक्विपमेंट भी शामिल हैं।
HAL Pawan Hans Dhruv NG Helicopter Deal: कॉन्ट्रैक्ट में क्या-क्या शामिल है
इस समझौते के तहत एचएएल पवन हंस को 10 ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टरों की सप्लाई करेगा। इसके साथ ही इन हेलीकॉप्टरों के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए जरूरी स्पेयर और अन्य तकनीकी सपोर्ट भी दिया जाएगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह ऑर्डर पूरी तरह भारतीय संस्थाओं के बीच हुआ है और इसमें किसी अंतरराष्ट्रीय यूनिट की भागीदारी नहीं है।
यह बात खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि सिविल हेलीकॉप्टर सेगमेंट में अब तक विदेशी कंपनियों का दबदबा रहा है।
पवन हंस लिमिटेड भारत की प्रमुख सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी है, जिसका मुख्यालय नोएडा में है। यह कंपनी ऑफशोर ऑपरेशंस, वीआईपी ट्रांसपोर्ट, मेडिकल इमरजेंसी और खासतौर पर ओएनजीसी के लिए समुद्र में हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराती है।
अब तक पवन हंस का बेड़ा ज्यादातर विदेशी हेलीकॉप्टरों पर आधारित रहा है। ऐसे में पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्वदेशी हेलीकॉप्टर को चुनना, भारत की सिविल एविएशन नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर क्या है
ध्रुव एनजी, एचएएल के एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव का नेक्स्ट जेनरेशन वर्जन है, जिसे खास तौर पर सिविल एविएशन के लिए तैयार किया गया है। ध्रुव प्लेटफॉर्म पहले ही भारतीय सेना, वायु सेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड में अपनी क्षमताएं साबित कर चुका है।
नेक्स्ट जेनरेशन वर्जन में बेहतर एवियोनिक्स, आधुनिक ग्लास कॉकपिट, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और सिविल सर्टिफिकेशन के अनुरूप कई बदलाव किए गए हैं। यह हेलीकॉप्टर ऊंचाई वाले इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया गया है, जो पवन हंस जैसे ऑपरेटर के लिए बेहद जरूरी है।
एचएएल के लिए क्यों है यह डील खास
यह समझौता एचएएल के लिए रणनीतिक तौर पर भी बहुत महत्वपूर्ण है। अब तक एचएएल की पहचान मुख्य रूप से एक डिफेंस एयरोस्पेस कंपनी के रूप में रही है। लेकिन कंपनी अब सिविल एविएशन मार्केट में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है।
ध्रुव एनजी जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए एचएएल यह दिखाना चाहता है कि वह सिर्फ सैन्य जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि सिविल सेक्टर के लिए भी विश्व स्तर का आधुनिक हेलीकॉप्टर तैयार कर सकता है।


