📍नई दिल्ली | 1 Feb, 2026, 2:32 PM
Defence Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश करते हुए रक्षा मंत्रालय को अब तक का सबसे बड़ा बजट दिया है। इस बार डिफेंस सेक्टर के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा है। इसके साथ ही भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
सरकार ने इस बजट को “विकसित भारत @2047” और “आत्मनिर्भर भारत” के विजन से जोड़ते हुए तैयार किया है। सीमा पर हालात, चीन और पाकिस्तान से जुड़ी चुनौतियां, साइबर और ड्रोन जैसे नए खतरे – इन सबको ध्यान में रखते हुए रक्षा बजट में बढ़ोतरी की गई है। (Defence Budget 2026)
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े आवंटन के बावजूद शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिली। बजट के दिन ही बीईएल, एचएएल, जीआरएसई, कोचिन शिपयार्ड, मझगांव डॉक, बीईएमएल और भारत फोर्ज जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में चले गए। (Defence Budget 2026)
Defence Budget 2026: रक्षा बजट में क्या-क्या खास रहा
इस बार रक्षा मंत्रालय को मिला कुल 7.8 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय बजट का बड़ा हिस्सा है। इसमें से करीब 2.19 लाख करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी नए हथियारों, प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी खरीदने के लिए रखे गए हैं। सरकार का दावा है कि इस रकम का बड़ा हिस्सा स्वदेशी रक्षा उद्योग से खरीद पर खर्च किया जाएगा।
बजट में यह भी साफ किया गया है कि एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल यानी एमआरओ से जुड़े कुछ रॉ मटेरियल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी। इससे देश में ही एमआरओ हब को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कुल रक्षा खर्च को मिलाकर देखा जाए तो यह करीब 5.95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें सैलरी, पेंशन और ऑपरेशनल खर्च भी शामिल हैं। पेंशन का हिस्सा करीब 1.41 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। (Defence Budget 2026)
फिर भी डिफेंस स्टॉक्स क्यों गिरे?
इतना मजबूत बजट आने के बाद भी डिफेंस स्टॉक्स में गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 3 से 4 फीसदी तक नीचे चला गया।
बजट वाले दिन बाजार में जिन प्रमुख डिफेंस स्टॉक्स में गिरावट दिखी, उनमें भारत फोर्ज, एचएएल, बीईएल, डाटा पैटर्न्स, कोचिन शिपयार्ड, मझगांव डॉक और जीआरएसई शामिल रहे। कुछ शेयरों में गिरावट 5 से 6 फीसदी तक भी देखने को मिली।
इस गिरावट के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। (Defence Budget 2026)
उम्मीदें ज्यादा, हकीकत थोड़ी कम
बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशकों को इस बार रक्षा बजट से 20 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। हालांकि लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी अपने आप में बड़ी है, लेकिन उम्मीदों के मुकाबले यह आंकड़ा थोड़ा कम लगा।
खासतौर पर कुछ निवेशक चाहते थे कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में और ज्यादा आक्रामक बढ़ोतरी हो, ताकि सीधे-सीधे डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर बुक पर असर दिखे। (Defence Budget 2026)
ओवरवैल्यूएशन और प्रॉफिट बुकिंग
एक बड़ी वजह यह भी है कि पिछले एक साल में कई डिफेंस स्टॉक्स ने 100 से 200 फीसदी तक का रिटर्न दिया था। मझगांव डॉक, जीआरएसई और कोचिन शिपयार्ड जैसे शेयर पहले ही काफी ऊपर जा चुके थे।
ऐसे में बजट के दिन निवेशकों ने मुनाफा वसूलना यानी प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि अच्छे बजट के बावजूद शेयरों में गिरावट देखने को मिली। (Defence Budget 2026)
पूरे बाजार का असर भी दिखा
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि बजट के दिन सिर्फ डिफेंस सेक्टर ही नहीं, बल्कि पूरा शेयर बाजार दबाव में रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट आई। जब समग्र बाजार कमजोर होता है, तो मजबूत सेक्टर के शेयर भी उसकी चपेट में आ जाते हैं। डिफेंस स्टॉक्स भी इसी ट्रेंड का हिस्सा बने और उनमें बिकवाली बढ़ गई। (Defence Budget 2026)
नई बड़ी घोषणाओं की कमी
कुछ निवेशकों को उम्मीद थी कि बजट में डिफेंस एक्सपोर्ट, एफडीआई लिमिट या किसी बड़े नए प्रोजेक्ट को लेकर कोई चौंकाने वाली घोषणा होगी।
हालांकि बजट में लंबी अवधि की योजनाओं का जिक्र जरूर है, लेकिन कोई ऐसी नई स्कीम या नीति सामने नहीं आई, जिससे बाजार को तुरंत उत्साह मिले। इसी वजह से भी निवेशकों की प्रतिक्रिया थोड़ी ठंडी रही। (Defence Budget 2026)
लंबी अवधि में सेक्टर अब भी मजबूत
हालांकि अल्पकाल में डिफेंस स्टॉक्स में गिरावट दिखी है, लेकिन जानकार मानते हैं कि लंबी अवधि में सेक्टर की कहानी अब भी मजबूत है।
राफेल फाइटर जेट्स की आगे की डील, प्रोजेक्ट 75आई के तहत नई सबमरीन्स, ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम्स, एयर डिफेंस और नेवल शिपबिल्डिंग – ये सभी ऐसे क्षेत्र हैं, जहां आने वाले सालों में बड़े ऑर्डर निकल सकते हैं।
बीईएल, एचएएल, मझगांव डॉक, जीआरएसई और कोचिन शिपयार्ड जैसी कंपनियां सीधे इन प्रोजेक्ट्स से जुड़ी हैं। (Defence Budget 2026)
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को घबराने की बजाय लंबी अवधि के नजरिये से देखा जाना चाहिए। मजबूत ऑर्डर बुक, सरकार का सपोर्ट और आत्मनिर्भर भारत की नीति – ये सभी फैक्टर डिफेंस सेक्टर को आने वाले समय में फायदा पहुंचा सकते हैं।
संक्षेप में कहा जाए तो बजट 2026 ने रक्षा क्षेत्र की नींव और मजबूत की है। शेयर बाजार की मौजूदा प्रतिक्रिया थोड़े समय के लिए हो सकती है, जबकि असली असर आने वाले महीनों और वर्षों में दिखने की उम्मीद है। (Defence Budget 2026)


