📍नयी दिल्ली | 13 Nov, 2025, 7:32 PM
T-90 Tank INVAR missile: रक्षा मंत्रालय और भारत डायनामिक्स लिमिटेड के बीच आज साउथ ब्लॉक में INVAR एंटी-टैंक मिसाइलों के लिए 2,095.70 करोड़ रुपये के सौदे पर दस्तखत हुए। यह खरीद ‘बाय (इंडियन)’ कैटेगरी में की गई है, यानी आत्मनिर्भर पहल के तहत ये मिसाइलें भारत में ही बनेंगी।
यह कॉन्ट्रैक्ट टी-90 भीष्म टैंकों की फायरपावर और घातकता बढ़ाने के लिए किया गया है। INVAR मिसाइल को रूस की 9M119M रिफ्लेक्स के नाम से भी जाना जाता है, वहीं अब टेक्नॉलजी ट्रांसफर के तहत बीडीएल इन्हें भारत में ही बनाएगा।
T-90 Tank INVAR missile: क्या है INVAR मिसाइल
INVAR मिसाइल को इनर्शियल वैरिएंट कहा जाता है, यानी एक ऐसी मिसाइल जो इनर्शिया और लेजर गाइडेंस दोनों का इस्तेमाल करती है। INVAR मिसाइल 125एमएम टैंक गन से दागी जाने वाली लेजर-गाइडेड एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। इस मिसाइल की प्रभावी रेंज लगभग 5 किलोमीटर तक है और यह दिन और रात दोनों में काम कर सकती है। मिसाइल में टैंडम हीट वारहेड होता है, जो रिएक्टिव आर्मर को भेद कर अंदर तक हमला कर सकता है। इसमें गाइडेंस सिस्टम सेमी-ऑटोमैटिक लेजर बीम राइडिंग (SACLOS) है, यानी टारगेट पर लेजर बीम रखने पर मिसाइल खुद ही टारगेट तक पहुंच जाती है।
भारतीय आर्मर्ड रेजिमेंट्स में टी-90 मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी) प्लेटफार्म हैं और इनकी घातकता बढ़ने से मैकेनाइज्ड ऑपरेशन में बढ़ोतरी मिलेगी। INVAR मिसाइल सीधे टी-90 के 125 एमएम गन से फायर होती है, जिसके चलते अलग से लॉन्चर चलाने की जरूरत नहीं रहती और चलते-फिरते भी यह इस्तेमाल की जा सकती है। रक्षा सूत्रों का कहना है कि इस खरीद से सीमा पर तैनात टैंक यूनिट्स की मारक क्षमता और रेस्पॉन्स टाइम पर भी असर पड़ेगा।
T-90 Tank INVAR missile: टी-90 टैंकों पर फिलहाल कोनकोर्स-एम
भारतीय सेना के पास अभी तक टी-90 टैंकों पर कोनकोर्स-एम मुख्य एंटी-टैंक मिसाइल लगी हुई थी। लेकिन यह सोवियत मूल की पुरानी मिसाइल है और इसकी अधिकतम मारक क्षमता लगभग 4 किलोमीटर से भी कम है। इसके अलावा यह रिएक्टिव आर्मर (ERA) से लैस आधुनिक टैंकों को भेदने में नाकाफी है। चीन का टाइप-99ए
और पाकिस्तान का अल-खालिद टैंक दोनों ही रिएक्टिव आर्मर से लैस हैं। दोनों में ERA प्लस और एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम लगा है। वहीं, 2022 में डीआरडीओ के टेस्ट में INVAR ने ERA से लैस टी-72 टैंक मॉडल को 4.8 किमी से नष्ट किया था, जबकि कोनकोर्स फेल हो गई थी।
India has taken another major step toward self-reliance in defence as the Ministry of Defence signs a Rs 2,095.70 crore deal with Bharat Dynamics Limited (BDL) for INVAR Anti-Tank Missiles.
These laser-guided, high-precision missiles will significantly upgrade the firepower of… pic.twitter.com/4JjFzdt7QN— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 13, 2025
सेना की आंतरिक रिपोर्टों और पिछले ऑपरेशंस के अनुभवों में यह कमी सामने आई कि कोनकोर्स की रेंज और वारहेड क्षमता मॉडर्न बैटलफील्ड की जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रही थी। इसी कमी को दूर करने के लिए टी-90 टैंकों के लिए लंबी रेंज, ज्यादा सटीकता और रिएक्टिव आर्मर भेदने वाली INVAR मिसाइल की खरीद को प्राथमिकता दी गई।
T-90 Tank INVAR missile: 2,300 से 2,600 INVAR मिसाइलें बनेंगी
इस सौदे की लागत 2,095.70 करोड़ रुपये हैं। जिसके तहत भारतीय सेना को लगभग 2,300 से 2,600 INVAR मिसाइलें मिलेंगी। सूत्रों के मुताबिक बीडीएल की एक मिसाइल की अनुमानित कीमत 80-90 लाख रुपये के बीच है। इतनी मिसाइलें मिलने से 250 से 300 T-90 टैंकों को हर एक पर 8 से 10 मिसाइलों के हिसाब से पूरी तरह लैस किया जा सकेगा। यह खरीद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इजराइली स्पाइक एंटी टैंक गाइडेंस मिसाइल की कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये प्रति मिसाइल है, जबकि INVAR न केवल तीन गुना सस्ती होगी, बल्कि स्वदेशी भी होगी।
T-90 Tank INVAR missile: बी़डीएल पहले से बना रहा है कई मिसाइलें
बीडीएल के बयान में कहा गया है कि INVAR का निर्माण लाइसेंस प्रोडक्शन के जरिए देश में किया जा रहा है और इस परियोजना में छोटे तथा मध्यम उद्योग भी हिस्सेदारी कर रहे हैं। बीडीएल के पास मिसाइल बनाने का पहले से ही अनुभव है और वह आकाश, नाग तथा अन्य मिसाइलों को भी बनाता है। INVAR का प्रोडक्शन और सप्लाई का काम 2026 से शुरू होने की संभावना है। साथ ही इसकी ट्रेनिंग और इंटीग्रेशन के लिए भी प्रोटोकॉल तय किये जायेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह खरीद डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स और घरेलू उद्योग की क्षमताओं को मजबूत करेगी और तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय सप्लाई चेन को बढ़ावा मिलेगा। कॉन्ट्रैक्ट में शामिल प्रावधानों के तहत बीडीएल और उसकी सप्लाई चेन मेक-अपोनेंट्स तक टेक्नॉलजी तथा गुणवत्ता मानकों के मुताबिक काम करेंगे।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कॉन्ट्रैक्ट की आवश्यकता और स्वदेशी उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि यह कदम सेना की जरूरतों को पूरा करेगा और रक्षा निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगा।
T-90 Tank INVAR missile: मैकेनाइज्ड टुकड़ियों के लिए भी उपयोगी
सैन्य सूत्रों का कहना है कि टी-90 टैंकों में INVAR लगाए जाने के बाद उनकी मारक क्षमता में सुधार होगा और यह टैंक-बेस्ड वैश्विक स्तर की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा। सूत्रों ने बताया कि INVAR में टॉप-अटैक मोड और रिएक्टिव आर्मर को भेदने की क्षमता है, जिससे यह एडवांस इन्फैंट्री कॉम्बैट तथा मैकेनाइज्ड टुकड़ियों के लिए भी उपयोगी है।



