📍नई दिल्ली/पोरंबदर | 17 Feb, 2026, 5:39 PM
Indian Coast Guard Drug Seizure: अरब सागर में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय कोस्ट गार्ड और गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने मिलकर एक स्पीड बोट से करीब 203 किलोग्राम संदिग्ध क्रिस्टलाइन नशीला पदार्थ बरामद किया है। यह कार्रवाई 16 फरवरी की रात को की गई और इसे हाल के समय की बड़ी समुद्री ड्रग्स विरोधी कार्रवाई माना जा रहा है। बरामद ड्रग की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 2000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
भारतीय कोस्ट गार्ड से मिली जानकारी के मुताबिक, गुजरात एटीएस को पहले से इनपुट मिला था कि समुद्र के रास्ते नशीले पदार्थ की तस्करी की कोशिश हो सकती है। यह इनपुट पुख्ता होने के बाद तुरंत भारतीय कोस्ट गार्ड को साझा किया गया। इसके बाद कोस्ट गार्ड के नॉर्थ वेस्ट रीजन में तैनात एक जहाज, जो पहले से मल्टी-मिशन डिप्लॉयमेंट पर था, उसे तुरंत संदिग्ध नाव की ओर मोड़ दिया गया। (Indian Coast Guard Drug Seizure)
यह पूरी कार्रवाई अरब सागर में तथाकथित इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन यानी आईएमबीएल के पास की गई। यह वह समुद्री इलाका है जहां भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा पास-पास आती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में तस्करी की कोशिश सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होती है।
रात के अंधेरे में कोस्ट गार्ड ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस सिस्टम की मदद से संदिग्ध स्पीड बोट की पहचान कर ली। जैसे ही तस्करों को कोस्ट गार्ड जहाज के पास आने का अंदेशा हुआ, उन्होंने अपनी स्पीड बोट को आईएमबीएल की दिशा में तेज रफ्तार से भगाने की कोशिश की। (Indian Coast Guard Drug Seizure)
🚨 Big Drug Bust at Sea!
In a swift overnight operation on 16 Feb 2026, the Indian Coast Guard and Gujarat ATS intercepted a suspicious speed boat near the notional International Maritime Boundary Line (IMBL).
Acting on specific intelligence from Gujarat ATS, an ICG ship on… pic.twitter.com/9kRWmfCwVH— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) February 17, 2026
शुरुआत में दोनों जहाजों के बीच कुछ दूरी थी, लेकिन कोस्ट गार्ड ने पीछा जारी रखा। समुद्र में तेज रफ्तार पीछा करने के बाद स्पीड बोट को घेरकर रोक लिया गया। इसके बाद कोस्ट गार्ड की टीम ने बोट पर चढ़कर तलाशी ली। (Indian Coast Guard Drug Seizure)
तलाशी के दौरान पता चला कि बोट पर दो लोग सवार थे और दोनों विदेशी नागरिक थे। पूरी नाव की बारीकी से जांच की गई। जांच में नाव के भीतर छिपाकर रखे गए 203 पैकेट बरामद हुए। हर पैकेट का वजन लगभग एक किलोग्राम था। इन पैकेटों में क्रिस्टलाइन जैसा पदार्थ भरा हुआ था, जिसे प्राथमिक तौर पर नशीला पदार्थ माना जा रहा है। हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए केमिकल एनालिसिस किया जाएगा।
कार्रवाई के बाद पकड़ी गई स्पीड बोट, बरामद नशीला पदार्थ और दोनों विदेशी क्रू मेंबर्स को कोस्ट गार्ड जहाज से पोरबंदर लाया गया। यहां आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जब्त किए गए पदार्थ को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह साफ हो सके कि यह किस प्रकार का नारकोटिक ड्रग है।
अधिकारियों का कहना है कि भारतीय कोस्ट गार्ड और गुजरात एटीएस के बीच समन्वय की वजह से यह कार्रवाई संभव हो पाई। पिछले कुछ वर्षों में दोनों एजेंसियों ने मिलकर कई सफल लॉ एन्फोर्समेंट ऑपरेशन किए हैं। समुद्री रास्ते से होने वाली तस्करी को रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है, क्योंकि ड्रग्स तस्करी का सीधा संबंध आतंक फंडिंग और संगठित अपराध से भी हो सकता है। (Indian Coast Guard Drug Seizure)

