📍नई दिल्ली | 28 Jan, 2026, 3:50 PM
Beating Retreat Ceremony 2026: गणतंत्र दिवस की परेड के बाद हर साल जिस कार्यक्रम का देश को बेसब्री से इंतजार रहता है, वह है बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी है। यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन माना जाता है। 29 जनवरी को होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी इस बार भी खास होने जा रही है।
77वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन अवसर पर होने वाली इस सेरेमनी में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के बैंड एक साथ प्रस्तुति देंगे। (Beating Retreat Ceremony 2026)
Beating Retreat Ceremony 2026: क्या होती है बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी
बीटिंग रिट्रीट एक पुरानी सैन्य परंपरा है। इसका इतिहास सदियों पुराना है। पहले के समय में जब युद्ध के बाद शाम ढलने लगती थी, तब सैनिकों को संकेत दिया जाता था कि अब लड़ाई रोक दी जाए और सभी सैनिक अपने-अपने शिविरों में लौट आएं। इसी परंपरा को बीटिंग रिट्रीट कहा गया।
भारत में यह परंपरा आज भी सम्मान के साथ निभाई जाती है। गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद, यानी 29 जनवरी को राष्ट्रपति की मौजूदगी में यह सेरेमनी होती है। इसे भारतीय सेनाओं की एकता, अनुशासन और गौरव का प्रतीक माना जाता है। (Beating Retreat Ceremony 2026)
विजय चौक पर होगा भव्य आयोजन
29 जनवरी की शाम को विजय चौक पूरी तरह रोशनी और संगीत से जगमगा उठेगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहेंगे।
सेरेमनी की शुरुआत होते ही विजय चौक और रायसीना हिल्स का इलाका देशभक्ति के रंग में रंग जाएगा। जैसे-जैसे सूर्य अस्त होगा, संगीत की धुनें माहौल को और भावुक बना देंगी। (Beating Retreat Ceremony 2026)
भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम पर सीटिंग एनक्लोजर
बीटिंग रिट्रीट 2026 की एक खास बात यह भी है कि इस बार विजय चौक के सीटिंग एनक्लोजर को भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम दिए गए हैं। इनमें बांसुरी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सरिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा शामिल हैं।
‘कदम कदम बढ़ाए जा’ से होगी शुरुआत
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी की शुरुआत मास्ड बैंड द्वारा बजाई जाने वाली मशहूर धुन ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ से होगी। यह धुन आजाद हिंद फौज से जुड़ी रही है। इसके बाद अलग-अलग बैंड अपनी प्रस्तुतियां देंगे। पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड ‘अतुल्य भारत’, ‘वीर सैनिक’, ‘मिली झुली’, ‘नृत्य सरिता’, ‘मारूनी’ और ‘झेलम’ जैसी धुनें बजाएगा। इन धुनों में भारतीय संस्कृति और सैन्य गौरव की झलक साफ दिखाई देगी।
वहीं पिछले साल 2025 में पाइप्स एंड ड्रम्स सेक्शन में ‘अमर भारती’, ‘इंद्रधनुष’, ‘जय जनम भूमि’, ‘नाती इन हिमालयन वैली’, ‘गंगा जमुना’ और ‘वीर सियाचिन’ जैसी धुनें बजाई गई थीं। (Beating Retreat Ceremony 2026)
तीनों सेनाओं की ये होंगी धुनें
भारतीय वायु सेना का बैंड ‘ब्रेव वॉरियर’, ‘ट्वाइलाइट’, ‘अलर्ट’ और ‘फ्लाइंग स्टार’ जैसी धुनें बजाएगा। इन संगीत रचनाओं में वायु सेना की ताकत, सतर्कता और आकाश में भारत की सुरक्षा का संदेश छिपा होगा।
वहीं, भारतीय नौसेना का बैंड ‘नमस्ते’, ‘सागर पवन’, ‘मातृभूमि’, ‘तेजस्वी’ और ‘जय भारती’ जैसी धुनों से समंदर में भारत की ताकत और शांति का संदेश देगा।
इसके बाद भारतीय सेना का बैंड ‘विजयी भारत’, ‘आरंभ है प्रचंड है’, ‘ऐ वतन ऐ वतन’, ‘आनंद मठ’, ‘सुगम्य भारत’ और ‘सितारे हिंद’ जैसी भावुक और जोशीली धुनें बजाएगा। यह हिस्सा अक्सर दर्शकों को भावुक कर देता है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड ‘विजय भारत’, ‘हथरोही’, ‘जय हो’ और ‘वीर सिपाही’ जैसी धुनें पेश करेंगे। ये धुनें देश की आंतरिक सुरक्षा में लगे जवानों के साहस और समर्पण को दर्शाती हैं। (Beating Retreat Ceremony 2026)
‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ होगा समापन
कार्यक्रम के आखिरी हिस्से में मास्ड बैंड एक साथ ‘भारत के शान’, ‘वंदे मातरम’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ बजाएंगे। इसके बाद बग्लर्स द्वारा बजाई जाने वाली धुन ‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ सेरेमनी का समापन होगा।
ये होंगे बैंड कंडक्टर
इस साल बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के प्रिंसिपल कंडक्टर स्क्वाड्रन लीडर लेइमापोकपाम रूपचंद्र सिंह होंगे। भारतीय सेना बैंड के कंडक्टर सुबेदार मेजर प्रकाश जोशी, नौसेना बैंड के कंडक्टर एम. एंटनी, वायु सेना बैंड के कंडक्टर वारंट ऑफिसर अशोक कुमार और सीएपीएफ बैंड के कंडक्टर इंस्पेक्टर चेतराम होंगे। जबकि पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड का संचालन सुबेदार एस. पी. चौरसिया करेंगे, जबकि बग्लर्स की कमान सुबेदार मनोज कुमार के हाथों में होगी। (Beating Retreat Ceremony 2026)


