📍नई दिल्ली | 3 Mar, 2026, 5:14 PM
ALH Mk-III and VL-Shtil Deal: भारत सरकार ने अपनी समुद्री सुरक्षा और वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए 5,083 करोड़ रुपये के दो अहम रक्षा कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं। इस डील के तहत भारतीय कोस्ट गार्ड के लिए एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) Mk-III (मैरीटाइम रोल) और भारतीय नौसेना के लिए वर्टिकल लॉन्च श्टिल मिसाइल सिस्टम खरीदे जाएंगे। इन दोनों प्रोजेक्ट्स का मकसद समुद्री सुरक्षा, निगरानी और एयर डिफेंस क्षमता को और मजबूत करना है।
ALH Mk-III and VL-Shtil Deal: कोस्ट गार्ड को मिलेंगे आधुनिक हेलिकॉप्टर
इस डील का सबसे बड़ा हिस्सा भारतीय कोस्ट गार्ड के लिए है। करीब 2,901 करोड़ रुपये की लागत से 6 ट्विन-इंजन एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर एमके-III (MR) हेलिकॉप्टर खरीदे जाएंगे। ये हेलिकॉप्टर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड से खरीदे जा रहे हैं और “बॉय (इंडियन-आईडीडीएम)” कैटेगरी के तहत आते हैं, जिसका मतलब है कि इनमें ज्यादातर तकनीक भारत में ही डिजाइन और विकसित की गई है।
ये हेलिकॉप्टर समुद्र से जुड़े कई अहम मिशनों के लिए इस्तेमाल होंगे। इनमें सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, समुद्री निगरानी, मछुआरों की सुरक्षा, ऑफशोर इंस्टॉलेशन की सुरक्षा और पर्यावरण निगरानी जैसे काम शामिल हैं। इनकी खास बात यह है कि ये जमीन के एयरफील्ड के साथ-साथ समुद्र में जहाजों से भी ऑपरेट कर सकते हैं। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)
तकनीकी रूप से ये हेलिकॉप्टर काफी आधुनिक हैं। इनमें दो शक्तिशाली “शक्ति” इंजन लगे हैं, जो इन्हें बेहतर परफॉर्मेंस देते हैं। इनकी अधिकतम उड़ान गति करीब 275 किलोमीटर प्रति घंटा है और ये एक बार में लगभग 3.5 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं। इनका अधिकतम वजन करीब 5,750 किलोग्राम तक जा सकता है।
MoD signs Rs 5,083 crore deals for 6 ALH Mk-III (Maritime Role) helicopters for Indian Coast Guard & VL-Shtil air defence missiles for Indian Navy.
Boost to maritime security, indigenous defence manufacturing & Aatmanirbhar Bharat. #IndianCoastGuard #IndianNavy… pic.twitter.com/rMpWn51YNf— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) March 3, 2026
इन हेलिकॉप्टरों में ग्लास कॉकपिट, एडवांस्ड रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इंफ्रारेड सेंसर, हाई-इंटेंसिटी सर्चलाइट और मशीन गन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा इनमें रेस्क्यू विंच, मेडिकल आईसीयू सेटअप और ऑटोमैटिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं, जिससे ये आपात स्थितियों में बेहद उपयोगी साबित होते हैं। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)
इन हेलिकॉप्टरों की डिलीवरी 2027 से शुरू होकर 2029 तक पूरी होने की संभावना है। इसके साथ ही कंपनी इंजीनियरिंग सपोर्ट और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी देगी, जिससे इनकी ऑपरेशनल उपलब्धता उच्च स्तर पर बनी रहेगी। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)
200 से ज्यादा छोटे-मझोले उद्योगों को मिलेगा काम
इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा पहलू यह भी है कि इसमें देश की 200 से ज्यादा एमएसएमई कंपनियां शामिल होंगी। इससे करीब 65 लाख मैन-आवर का रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यह डील ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती देती है।
कोस्ट गार्ड के लिए ये हेलिकॉप्टर इसलिए भी जरूरी हैं क्योंकि उसके पास मौजूद कई पुराने हेलिकॉप्टर अब तकनीकी रूप से पुराने हो चुके हैं। ऐसे में ये नए प्लेटफॉर्म उनकी जगह लेंगे और ऑपरेशन की क्षमता को बढ़ाएंगे। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)
भारतीय नौसेना को मिलेंगी श्टिल मिसाइलें
इस डील का दूसरा हिस्सा भारतीय नौसेना से जुड़ा है। करीब 2,182 करोड़ रुपये की लागत से वर्टिकल लॉन्च श्टिल (VL-Shtil) मिसाइल सिस्टम खरीदे जाएंगे। यह कॉन्ट्रैक्ट रूस की कंपनी जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया गया है।
वर्टिकल लॉन्च श्टिल एक आधुनिक सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन और क्रूज मिसाइल जैसे हवाई खतरों से निपटने के लिए बनाया गया है। यह सिस्टम वर्टिकल लॉन्च तकनीक का इस्तेमाल करता है, जिससे यह तेजी से जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
इस मिसाइल की रेंज करीब 50 किलोमीटर तक है और यह मैक 4.5 की रफ्तार से टारगेट को निशाना बना सकती है। इसमें एडवांस्ड गाइडेंस सिस्टम लगा होता है, जो लक्ष्य को ट्रैक कर उसे सटीक तरीके से मारने में मदद करता है। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)
नेवी की एयर डिफेंस क्षमता होगी मजबूत
इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन युद्धपोतों पर लगाया जाएगा। इसमें दिल्ली क्लास, कोलकाता क्लास और तलवार क्लास के जहाज शामिल हैं। ये सिस्टम पुराने श्टिल मिसाइल सिस्टम की जगह लेगा और नौसेना की एयर डिफेंस क्षमता को नई मजबूती देगा।
वर्टिकल लॉन्च श्टिल सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह हर मौसम में काम कर सकता है और तेजी से बदलते हालात में तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है। इससे समुद्र में तैनात भारतीय युद्धपोतों की सुरक्षा और बढ़ जाएगी।
यह सिस्टम भारतीय नौसेना की लेयर्ड एयर डिफेंस रणनीति का हिस्सा होगा, जिसमें पहले से मौजूद अन्य मिसाइल सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगा। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)
समुद्री सुरक्षा को मिलेगा बड़ा सहारा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन दोनों डील्स का सीधा असर भारत की समुद्री सुरक्षा पर पड़ेगा। भारतीय कोस्ट गार्ड को जहां नए हेलिकॉप्टरों से निगरानी और बचाव कार्यों में मदद मिलेगी, वहीं नौसेना को नई मिसाइल प्रणाली से अपने युद्धपोतों की सुरक्षा बढ़ाने में सहायता मिलेगी। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)
भारत का समुद्री क्षेत्र बहुत बड़ा है, जिसमें ऑफशोर इंस्टॉलेशन, व्यापारिक मार्ग और मछुआरों की सुरक्षा जैसी कई जिम्मेदारियां शामिल हैं। ऐसे में इन नई क्षमताओं से इन सभी क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा मजबूत होगी।
इसके अलावा वर्टिकल लॉन्च श्टिल मिसाइल डील भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को भी दर्शाती है। दोनों देशों के बीच पहले भी कई बड़े रक्षा समझौते हो चुके हैं और यह नया समझौता उसी कड़ी का हिस्सा है। (ALH Mk-III and VL-Shtil Deal)

