📍कीव, यूक्रेन | 19 Mar, 2026, 12:21 PM
AI Guided Drone Munitions: रूस-यूक्रेन वॉर में कई तरह के इनोवेशन देखे को मिल रहे हैं। इंटरसेप्टर ड्रोन के बाद यूक्रेन की डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी डेफ्टाक ने एक नई तरह की ड्रोन मुनिशन टेक्नोलॉजी पेश की है। खास बात यह है कि यह बिना जीपीएस के भी अपने टारगेट को सटीक तरीके से निशाना बना सकती है। इस नई तकनीक को “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गाइडेड ड्रोन मुनिशन्स” कहा जा रहा है। हाल ही में इसे बार “आर्सेनल ऑफ टैलेंट्स” डिफेंस एग्जिबिशन में शोकेस किया गया।
इसे बनाने वाली कंपनी डेफ्टाक के मुताबिक यह सिस्टम मौजूदा ड्रोन हथियारों से अलग है, क्योंकि इसमें ऐसा गाइडेंस सिस्टम लगाया गया है जो उड़ान के दौरान अपने रास्ते को खुद बदल सकता है और टारगेट को सटीक निशाना बना सकता है। (AI Guided Drone Munitions)
AI Guided Drone Munitions: कैसे काम करता है यह नया सिस्टम
इस नई मुनिशन में एक कैमरा, ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स और एक वॉरहेड यानी विस्फोटक हिस्सा शामिल है। इसके साथ ही इसमें कंप्यूटर विजन आधारित सॉफ्टवेयर लगाया गया है। यह तकनीक ड्रोन को उड़ान के दौरान लक्ष्य की पहचान करने और उसी के अनुसार अपनी दिशा बदलने की क्षमता देती है।
सामान्य तौर पर पारंपरिक बम या प्रोजेक्टाइल एक तय रास्ते पर चलते हैं और लॉन्च होने के बाद उनका रास्ता बदला नहीं जा सकता। लेकिन डेफ्टाक का यह सिस्टम उड़ान के दौरान अपने ट्रैजेक्टरी यानी रास्ते को एडजस्ट कर सकता है, जिससे टारगेट पर सटीकता बढ़ जाती है। (AI Guided Drone Munitions)
बिना जीपीएस के भी काम करने की क्षमता
इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि यह जीपीएस के बिना भी काम कर सकती है। मौजूदा समय में युद्ध के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के जरिए जीपीएस सिग्नल को जाम किया जाता है, जिससे कई ड्रोन और मिसाइल सिस्टम प्रभावित हो जाते हैं।
ऐसे माहौल में डेफ्टाक की यह टेक्नोलॉजी कंप्यूटर विजन के जरिए टारगेट को पहचानती है और उसी के आधार पर हमला करती है। इससे यह सिस्टम जीपीएस जामिंग के बावजूद भी काम करता रहता है। (AI Guided Drone Munitions)
कई तरह के ड्रोन पर इस्तेमाल की तैयारी
कंपनी ने बताया कि शुरुआत में इस मुनिशन को मल्टीरोटर ड्रोन यानी क्वाडकॉप्टर पर इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह रिकॉन्सेप्ट क्वाडकॉप्टर्स को प्रिसिजन किलिंग मशीन्स में बदल देता है, इलैक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में भी काम करता है अब इसे फिक्स्ड-विंग यूएवी यानी लंबे समय तक उड़ने वाले ड्रोन प्लेटफॉर्म पर भी लगाने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा कंपनी एक लेजर-गाइडेड वर्जन पर भी काम कर रही है, जिसमें टारगेट पर लेजर से निशान लगाकर उसे और ज्यादा सटीक तरीके से हिट किया जा सकेगा। (AI Guided Drone Munitions)
रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्टम की कॉम्बैट टेस्टिंग पहले ही की जा चुकी है। अब कंपनी यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के साथ औपचारिक कॉन्ट्रैक्ट और कोडिफिकेशन प्रक्रिया की तैयारी कर रही है। कोडिफिकेशन एक प्रक्रिया होती है, जिसमें किसी नए हथियार या सिस्टम को आधिकारिक रूप से मिलिट्री इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी जाती है। (AI Guided Drone Munitions)
कम लागत में ज्यादा असर
डेफ्टाक को 2025 में यूरोप के डिफेंस फंड डार्कस्टार से करीब 6.5 लाख डॉलर का निवेश मिला था। निवेशकों के अनुसार, यह सिस्टम पारंपरिक गाइडेड मुनिशन्स की तुलना में काफी सस्ता है।
बताया गया है कि इसकी लागत पारंपरिक सिस्टम की तुलना में लगभग 10 गुना तक कम हो सकती है, जबकि इसकी सटीकता काफी उच्च स्तर की बनी रहती है। (AI Guided Drone Munitions)
डिफेंस टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव
यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच डिफेंस टेक्नोलॉजी में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। खास तौर पर ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम्स का उपयोग बढ़ रहा है। इसी दिशा में कई कंपनियां नए प्रयोग कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर कुछ ड्रोन को अब काउंटर-यूएवी यानी दुश्मन के ड्रोन को रोकने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे FP-1 ड्रोन, जिसे पहले लंबी दूरी के हमलों के लिए बनाया गया था, अब उसे इस तरह बदला जा रहा है कि वह एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार ले जा सके और साथ ही इंटरसेप्टर FPV ड्रोन लॉन्च कर सके, ताकि दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही रोका जा सके।
“आर्सेनल ऑफ टैलेंट्स” नाम के डिफेंस इवेंट में इस सिस्टम को पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया गया। इस कार्यक्रम में कई नई डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनियों ने अपने उत्पाद पेश किए। डेफ्टाक के इस सिस्टम को खास तौर पर इसलिए ध्यान मिला क्योंकि यह आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है, जहां जीपीएस जामिंग और इलेक्ट्रॉनिक हमले आम हो गए हैं। (AI Guided Drone Munitions)

