Explainers

AMCA प्रोजेक्ट से बाहर कर क्या सरकार तोड़ रही HAL का दबदबा, कैसे एक नियम ने बदली 5th जेनरेशन फाइटर की कहानी

अब तक न तो रक्षा मंत्रालय, न ही डीआरडीओ या एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) की तरफ से एचएएल के बाहर होने का कोई औपचारिक एलान किया है...

रीजनल विमानों से बदलेगा एविएशन सेक्टर का नक्शा, क्या है एम्ब्रेयर-अदाणी डील का पूरा मतलब?

भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन बाजार है, लेकिन इसके बावजूद कई छोटे शहर अभी भी सीधे हवाई नेटवर्क से नहीं जुड़े हैं। बड़े विमानों को हर रूट पर चलाना व्यावहारिक नहीं होता...
spot_img

क्या है रीआर्म इनिशिएटिव? क्यों यूरोप फिर से हथियारों पर झोंक रहा है अरबों यूरो और कैसे भारत बन रहा है बड़ा पार्टनर

जनवरी 2026 में अमेरिका ने अपनी नई नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी जारी की, जिसमें चीन को सबसे बड़ा रणनीतिक चुनौती बताया गया। इस दस्तावेज में साफ किया गया कि अमेरिका की प्राथमिकता अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र है...

Explainer: क्या है मिलिटरी क्वांटम मिशन? सेना के लिए क्यों अहम है CDS का नया फ्रेमवर्क

आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों और सैनिकों तक सीमित नहीं रह गया है। संचार, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रोसेसिंग और सटीक निगरानी आज युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं...

Explainer: DRDO की MPATGM मिसाइल ने चलते टैंक पर किया ऊपर से अटैक, जानें पहले के ट्रायल्स से यह टेस्ट क्यों है अलग?

जनवरी 2026 का परीक्षण इन सभी पुराने टेस्टों से इसलिए अलग है, क्योंकि इसमें पहली बार मूविंग टारगेट को निशाना बनाया गया। युद्ध के हालात में टैंक कभी भी एक जगह खड़े नहीं रहते...

Explainer: हाइपरसोनिक रेस में भारत की बड़ी छलांग, DRDO का 12 मिनट वाला स्क्रैमजेट टेस्ट क्यों है गेमचेंजर?

हाइपरसोनिक मिसाइल वह होती है जो मैक-5 यानी ध्वनि की रफ्तार से पांच गुना या उससे ज्यादा रफ्तार से उड़ान भर सकती है। यह रफ्तार करीब 6,100 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे भी अधिक होती है...

K-4 Missile Test: पांच प्वाइंट्स में समझें भारत के लिए यह मिसाइल टेस्ट क्यों है खास, पढ़ें कैट-एंड-माउस गेम की पूरी कहानी

शुरुआत में के-4 मिसाइल के ज्यादातर टेस्ट समुद्र में बनाए गए अंडरवाटर प्लेटफॉर्म यानी सबमर्सिबल पॉन्टून से किए जाते थे। लेकिन अब ऑपरेशनल न्यूक्लियर सबमरीन आने के बाद से सभी टेस्ट इसी से हो रहे हैं...

Akash NG Missile को क्यों कहा जा रहा है “पुअर मैंस पैट्रियट”! कम रडार क्रॉस सेक्शन वाले ड्रोन को भी करेगी ढेर

आकाश-एनजी मिसाइल का डिजाइन पहले के मुकाबले ज्यादा हल्का और स्लीक बनाया गया है। इसका मतलब है कि मिसाइल का आकार और वजन दोनों कम किए गए हैं, जिससे इसकी तैनाती और ऑपरेशन आसान हो गया है...