हरेंद्र चौधरी

हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

राफेल के Source Code पर क्यों मचा बवाल, क्या भारत लगा पाएगा अस्त्र और रूद्रम जैसी स्वदेशी मिसाइलें?

राफेल फाइटर जेट का सोर्स कोड उसके सॉफ्टवेयर सिस्टम का मूल हिस्सा होता है। यही सॉफ्टवेयर जेट के रडार, सेंसर, हथियार और मिशन कंप्यूटर को कंट्रोल करता है। आसान भाषा में समझें तो यह जेट का “दिमाग” होता है...

हेलीकॉप्टर की भारी कमी के बीच नौसेना का बड़ा फैसला! प्राइवेट सेक्टर से लीज पर लेने के लिए हुई मजबूर!

ईस्टर्न नेवल कमांड और वेस्टर्न नेवल कमांड ने टेंडर जारी किया था। इसमें दो भारतीय कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। प्रतिस्पर्धा के बाद लियोनार्डो कंपनी के AW139 हेलीकॉप्टर को चुना गया...

भारतीय सेना को चाहिए नया ‘ड्रोन इंटरसेप्शन सिस्टम’, स्वॉर्म अटैक से निपटने की है तैयारी, जारी की RFI

इस प्रस्तावित सिस्टम को ड्रोन इंटरसेप्शन सिस्टम यानी डीआईएस कहा गया है। यह एक ऐसा सिस्टम होगा जो दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही रोक सके और उन्हें नष्ट कर सके...

समंदर में ‘क्लोज-इन डिफेंस’ को मजबूत करने तैयारी कर रही भारतीय नौसेना, स्वदेशी 30एमएम नेवल गन के लिए मांगे प्रस्ताव

इस गन के साथ एक खास सिस्टम जोड़ा जाएगा, जिसे इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल फायर कंट्रोल सिस्टम (EOFCS) कहा जाता है। यह सिस्टम कैमरा, सेंसर और कंप्यूटर की मदद से टारगेट को पहचानता है और सटीक निशाना लगाने में मदद करता है...

Tejas Mk1A की डिलीवरी शुरू करने को लेकर HAL को मिली बड़ी राहत, वायुसेना ने दी शर्तों में दी ‘विशेष’ छूट

सरकार और वायुसेना ने यह फैसला लिया है कि कुछ गैर-जरूरी या कम अहम काम बाद में भी पूरे किए जा सकते हैं, लेकिन जरूरी क्षमताओं के साथ ही विमान को शामिल किया जाएगा...

जानें क्या है भारतीय नौसेना की कंटीन्यूटी ड्रिल? MILAN 2026 में जीता विदेशी मेहमानों का दिल

कंटीन्यूटी ड्रिल में आम तौर पर 24 या उससे अधिक नाविक एक साथ शामिल होते हैं। वे .22 राइफल राइफल के साथ बेयोनेट लगाकर अभ्यास करते हैं...
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MILAN 2026: 74 देशों के बीच रक्षा मंत्री का बड़ा संदेश, समुद्री चुनौतियों से अकेला नहीं निपट सकता कोई देश

नौसेना प्रमुख ने पिछले साल हुए ‘अफ्रीका–इंडिया की मैरीटाइम एंगेजमेंट’ अभ्यास का भी जिक्र किया। इस अभ्यास में पूर्वी अफ्रीका के देशों के साथ मिलकर व्यावहारिक सहयोग किया गया। इससे यह संदेश गया कि अगर इरादा मजबूत हो तो दूरी कोई बाधा नहीं बनती...

IFR-Milan 2026: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार साथ दिखे भारत के स्ट्रेटेजिक वॉरशिप, INS विक्रांत से अन्वेष तक दुनिया ने देखा भारत का...

आईएफआर में भारतीय नौसना ने पहली बार अपने स्ट्रेटेजिक शिप आईएनएस अन्वेष (A41) को भी शोकेस किया। यह भारतीय नौसेना का एक बेहद खास और रणनीतिक जहाज है। इसे बैलास्टिक मिसाइल रेंज इंस्ट्रूमेंटेशन शिप कहा जाता है...

क्यों कहा जाता है विशाखापत्तनम को ‘सबमरींस की कब्रगाह’? IFR-Milan 2026 के बीच गूंजेगी 1971 की जंग की कहानी

पीएनएस गाजी पाकिस्तान की सबसे पुरानी और लंबी दूरी की सबमरीन थी। उसका डूबना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका था। इसलिए हर बार जब विशाखापत्तनम में बड़ा नौसैनिक आयोजन होता है, तो 1971 की यादें फिर ताजा हो जाती हैं...

406 करोड़ की लागत से मेरठ से होगी पाकिस्तान-चीन सीमा की निगरानी! पहला ड्रोन एयरबेस बनाने के पीछे यह है वजह

इस प्रोजेक्ट को बीआरओ के प्रोजेक्ट शिवालिक के चीफ इंजीनियर लीड करेंगे। एक बार पूरा होने पर, यह भारतीय सेना के लिए बॉर्डर रीजन पर निगरानी का हॉक आई बनेगा...

चीन सीमा से 300 किमी दूर भारत की नई एयरस्ट्रिप रणनीति, जानें डुअल फ्रंट वार को देखते हुए कितनी है जरूरी

इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी कोई साधारण सड़क का हिस्सा नहीं होता। इसके लिए हाईवे का एक सीधा और लंबा हिस्सा चुना जाता है, जो आमतौर पर चार किलोमीटर से ज्यादा लंबा होता है...

IFR 2026 में पहली बार पूरे ‘लाव-लश्कर’ के साथ दिखेगा INS विक्रांत, जानें कैरियर बैटल ग्रुप में कौन-कौन से जंगी जहाज होते हैं शामिल

18 फरवरी को होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के मुख्य कार्यक्रम में भारतीय सेनाओं की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समुद्र में तैनात युद्धपोतों की समीक्षा करेंगी। इस अवसर पर आईएनएस विक्रांत भारतीय नौसेना के “सेंटर ऑफ अट्रैक्शन” के रूप में रहेगा...