हरेंद्र चौधरी

हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

जोरावर टैंक को लेकर आर्मी चीफ ने दी अहम जानकारी, बताया कब होगा सेना में शामिल

डीआरडीओ चीफ डॉ. समीर वी. कामत ने हाल ही में कहा था कि 2026 में इंडियन आर्मी के यूजर ट्रायल्स शुरू होंगे...

अब लंबी दूरी तक गोला दागेंगी सेना की तोपें, पिनाका में भी लगेगा रैमजेट इंजन, 2026 में मिल सकती है गुड न्यूज

सेना प्रमुख ने यह बात रक्षा समाचार के पूछे सवाल के जवाब में कही। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि रैमजेट टेक्नोलॉजी पर भारतीय संस्थान और डीआरडीओ लगातार काम कर रहे हैं और इसमें अब तक काफी प्रोग्रेस देखने को मिली है...

रूद्र ब्रिगेड और IBG पर सेना प्रमुख का बड़ा बयान, क्या है पूर्वी सीमा पर आर्मी का नया वार प्लान

सेना प्रमुख ने बताया कि आईबीजी के साथ-साथ रूद्र ब्रिगेड पर भी तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि दो रूद्र ब्रिगेड पहले ही लागू की जा चुकी हैं और सात और रूद्र ब्रिगेड की योजना है...

शक्सगाम घाटी पर चीन को सेना प्रमुख का करारा जवाब, 1963 के समझौते को बताया अवैध

चीन ने सार्वजनिक तौर पर यह दावा किया है कि शक्सगाम घाटी उसकी जमीन है और वहां सड़क, पुल और अन्य निर्माण परियोजनाएं पूरी तरह वैध हैं...

Explainer: DRDO की MPATGM मिसाइल ने चलते टैंक पर किया ऊपर से अटैक, जानें पहले के ट्रायल्स से यह टेस्ट क्यों है अलग?

जनवरी 2026 का परीक्षण इन सभी पुराने टेस्टों से इसलिए अलग है, क्योंकि इसमें पहली बार मूविंग टारगेट को निशाना बनाया गया। युद्ध के हालात में टैंक कभी भी एक जगह खड़े नहीं रहते...

Rudra Brigade Vs IBG: रूद्र ब्रिगेड के बाद भारतीय सेना का अगला कदम, पूर्वी भारत में बनाए जाएंगे चार इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि रूद्र ब्रिगेड और आईबीजी क्या अलग-अलग हैं या एक ही सिस्टम के अलग नाम हैं। सच्चाई यह है कि दोनों ही एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं...
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Exclusive: मोदी-मर्ज मुलाकात से पहले भारत-जर्मनी का बड़ा फैसला, देश में तैनात होगा जर्मन लायजन ऑफिसर

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 और 13 जनवरी को भारत यात्रा पर हैं। जर्मनी के चांसलर का पदभार संभालने के आठ महीने बाद यह भारत उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है...

चीन की ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ को काउंटर करने की तैयारी! 73 साल बाद भारतीय नौसेना को चाहिए एम्फीबियस एयरक्राफ्ट, जारी की RFI

एम्फीबियस एयरक्राफ्ट की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि वह समुद्र, झील और रनवे, तीनों जगह से ऑपरेट कर सकता है। नौसेना ने साफ किया है कि विमान को दिन और रात, दोनों समय उड़ान भरने में सक्षम होना चाहिए...

Explainer: हाइपरसोनिक रेस में भारत की बड़ी छलांग, DRDO का 12 मिनट वाला स्क्रैमजेट टेस्ट क्यों है गेमचेंजर?

हाइपरसोनिक मिसाइल वह होती है जो मैक-5 यानी ध्वनि की रफ्तार से पांच गुना या उससे ज्यादा रफ्तार से उड़ान भर सकती है। यह रफ्तार करीब 6,100 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे भी अधिक होती है...

LUH पर नेवी चीफ के बयान का यह है पूरा सच, जानिए किस हेलिकॉप्टर पर दांव लगा रही नौसेना

एक इंटरव्यू में नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा था कि एलयूएच नौसेना की जरूरतों को पूरा नहीं करता। इसी बयान को कुछ जगहों पर इस तरह पेश किया गया कि मानों नौसेना ने एलयूएच को टेस्ट करने के बाद रिजेक्ट कर दिया हो...

Pinaka Vs PULS: इजरायली “सूर्या” के आने बाद क्या होगा पिनाका का? भारतीय सेना को क्यों चाहिए यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर?

पीयूएलएस सिस्टम से 122 एमएम, 160 एमएम और 306 एमएम जैसे रॉकेट फायर किए जा सकते हैं। इसके अलावा 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों को भी इसमें इंटीग्रेट किया जा सकता ...

रूस ने शाहेद ड्रोन पर लगा दी यह घातक मिसाइल, इस नए इनोवेशन से उड़ गए यूक्रेन के होश

Russia Shahed drone MANPADS: रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए 3 साल 10 महीने हो चुके हैं। लेकिन जंग है...