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Saturday, August 30, 2025
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Russia Sukhoi Su-57: क्या अल्जीरिया गुपचुप रूस से खरीद रहा SU-57 स्टील्थ फाइटर जेट? बनेगा पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान खरीदने वाला पहला अफ्रीकी देश!

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📍नई दिल्ली | 25 Nov, 2024, 2:26 PM

Russia Sukhoi Su-57: 13 नवंबर को, रूस की रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Rosoboronexport के प्रमुख, अलेक्जेंडर मिखीव ने रूस के पत्रकारों के सामने एक महत्वपूर्ण एलान किया। उन्होंने बताया कि रूस के Su-57 Felon फाइटर जेट के लिए एक विदेशी ऑपरेटर के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस खबर के बाद से इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि आखिरकार यह पांचवी पीढ़ी का फाइटर जेट किस देश को बेचा जाएगा।

Russia Sukhoi Su-57: Is Algeria secretly buying Russian stealth fighter, becoming Africa’s first fifth-gen buyer?

वहीं, खरीदारों में अल्जीरिया का नाम सबसे ज्यादा उभरकर सामने आ रहा है। अफ्रीका, एशिया और यूरोप से आई रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई जा रही है कि अल्जीरिया Su-57 Felon फाइटर जेट का पहला विदेशी ग्राहक हो सकता है। हालांकि इस बात की कोई स्पष्ट पुष्टि तो नहीं पाई है, लेकिन अंदाजा इस बात से भी लगाया जा रहा है कि हाल ही में अल्जीरिया ने अपनी सेना में शामिल पुराने रूस के MiG-29 विमानों को सूडानी वायुसेना को सौंपे जाने की बात कही थी।

X अकाउंट पर “Kad-Ghani” नामक एक यूजर ने दावा किया कि अल्जीरिया Su-57 का पहला विदेशी ऑपरेटर बन रहा है। “अल्जीरिया फिर से इतिहास बना रहा है! पहले MiG-25 का ग्राहक, अब Su-57 का पहला ग्राहक,” उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा। हालांकि, इस पोस्ट में कोई स्पष्ट स्रोत नहीं दिया गया है, जिससे इस जानकारी की सत्यता पर सवाल उठते हैं।

अल्जीरियाई वायुसेना के लिए Su-57 के भविष्य में उपयोग की संभावना विभिन्न सूत्रों से सामने आई है, लेकिन कोई भी इस दावे की पुष्टि नहीं कर पाया है। डच वेबसाइट Scramble ने भी लिखा है, हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, फिर भी “अफवाहें” अल्जीरिया को पहला निर्यात ग्राहक बताते हुए सामने आ रही हैं।

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क्या हैं अल्जीरिया के Russia Sukhoi Su-57 खरीदने के कयास?

अल्जीरिया को लेकर कयासों की शुरुआत 2020 में हुई थी। उस समय, अल्जीरियाई सेना के प्रमुख सईद चेंगरीहा ने अचानक रूस के डिमिट्री शुगायव, जो कि सैन्य-तकनीकी सहयोग के निदेशक हैं, से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में Su-57 की खरीद को लेकर चर्चा की गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, चेंगरीहा को Su-57 का एक मॉडल भी दिया गया था। उस वक्त अफवाहें सामने आई थीं कि अल्जीरिया को 14 Su-57 विमान लगभग 2 बिलियन डॉलर में बेचे जाएंगे, लेकिन इनकी पुष्टि नहीं हो सकी।

कुछ समय पहले तक, विशेषज्ञों का मानना था कि चीन शायद यह विमान खरीदने वाला देश हो सकता है, लेकिन अब यह संभावना काफी कम नजर आती है। चीन के पास पहले ही Chengdu J-20 जैसा पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो लगभग Su-57 जैसा ही है।

रूस पर निर्भर है अल्जीरिया

अल्जीरिया के लिए Su-57 खरीदने की संभावना कई दृष्टिकोणों से सही नजर आती है। पहली तो यह कि अल्जीरिया और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में पुराने और मजबूत संबंध हैं। अल्जीरिया वायुसेना पहले से ही रूसी उपकरणों पर निर्भर है, जिसमें Su-30 और MiG-29 जैसे विमान शामिल हैं। इस कारण, अल्जीरिया के पास पहले से ही ऐसे विमान रखने का अनुभव है।

वहीं, आर्थिक दृष्टि से भी अल्जीरिया में इस विमान को खरीदने की क्षमता है। रूस से यह विमान खरीदने के लिए अल्जीरिया के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं, खासकर प्राकृतिक गैस और तेल निर्यात से होने वाली आय के कारण।

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सूडान को MiG-29s कर रहा है दान

अरब मीडिया प्लेटफॉर्म ‘डिफेंस अरेबिक’ ने हाल ही में खबर दी थी कि अल्जीरियाई रक्षा मंत्रालय रूस के पुराने MiG-29 विमानों को जल्द ही सूडानी वायुसेना को सौंप सकता है। उस समय कहा गया था अल्जीरिया अपने हवाई बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए Su-57 जेट्स और 70 Su-30 लड़ाकू विमानों की खरीद कर सकता है।

खास बात यह है कि ये MiG-29s अल्जीरिया की वर्तमान युद्धक विमान क्षमता का अहम हिस्सा हैं। अल्जीरियाई वायुसेना कथित तौर पर आगे और अधिक आधुनिकीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है और इस दशक के अंत तक रूस से पांचवी पीढ़ी के Su-57 लड़ाकू विमानों की खरीद की योजना है।

1999 में, अल्जीरियाई रक्षा मंत्रालय ने 31 MiG-29 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए अनुरोध किया था। यह डिलीवरी अगले वर्ष रूस और बेलारूस के साथ कॉन्ट्रैक्ट के तहत हुई थी। हालांकि, 2006 में MiG-29SMT विमानों की खरीद रद्द कर दी गई, जिसके बाद ये विमान रूस को वापस कर दिए गए।

अल्जीरियाई वायुसेना Su-30MKA लड़ाकू विमानों को प्राथमिकता देती है। अल्जीरिया का कहना है कि Su-30MKA वर्तमान में अल्जीरियाई वायुसेना के प्रमुख विमान हैं, MiG-29 से कहीं अधिक प्रभावी है। हालांकि 2020 के बाद से, अल्जीरिया ने अपने पुराने MiG-29 विमानों को सेवा से बाहर करना शुरू कर दिया था। इसके स्थान पर, देश ने 14 MiG-29M विमानों और अतिरिक्त 16 Su-30MKA विमानों की खरीद की। MiG-29M में एक पूरी तरह से नया एयरफ्रेम लगा है, जो किफायती होने के साथ ऑपरेशन में भी अधिक प्रभावी है।

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वहीं, अगर अल्जीरिया Su-57 खरीदता है और सूडान MiG-29 प्राप्त करता है, तो क्षेत्रीय सैन्य और भू-राजनीतिक गतिशीलता में भारी बदलाव हो सकता है। सबसे पहले, अल्जीरिया की सैन्य ताकत में Su-57 के साथ उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मिलिट्री विशेषज्ञों का कहना है कि Su-57 खरीदने के बाद अल्जीरिया उत्तर अफ्रीका में एक प्रमुख सैन्य ताकत बन जाएगा। इससे पड़ोसी देशों जैसे मोरक्को और ट्यूनीशिया को भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ानी होगी।

Russia Sukhoi Su-57: Is Algeria secretly buying Russian stealth fighter, becoming Africa’s first fifth-gen buyer?

उत्तरी अफ्रीका में बढ़ेगी हथियारों की होड़

अल्जीरिया का सुखोई Su-57 खरीदना न केवल उसकी वायुसेना को मजबूत करेगा, बल्कि यह उसे उत्तरी अफ्रीका में सैन्य शक्ति में बढ़त भी दिलाएगा, विशेष रूप से मोरक्को जैसे देशों के मुकाबले। मोरक्को ने हाल ही में अमेरिका और इजराइल के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को बढ़ाया है। ऐसे में, Su-57 अल्जीरिया को सैन्य रूप से एक बड़ा फायदा दे सकता है।

इसके अलावा, यह कदम अल्जीरिया की बाहरी रक्षा नीति को भी मजबूत करेगा। यह संकेत देता है कि अल्जीरिया अपने सैन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। जिसके चलते अल्जीरिया के Su-57 खरीदने की संभावनाएं मजबूत नजर आ रही हैं। इसके साथ ही, अगर अल्जीरिया वास्तव में इस विमान को अपनी वायुसेना में शामिल करता है, तो यह अफ्रीका और मध्य-पूर्व में सैन्य शक्ति के संदर्भ में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

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हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरीhttp://harendra@rakshasamachar.com
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवादों, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। 📍 Location: New Delhi, in 🎯 Area of Expertise: Defence, Diplomacy, National Security

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