HomeIndian Armyभारत ने नेपाल को सौंपे 50 मिलिट्री व्हीकल्स, इंडिया-नेपाल डिफेंस रिश्तों को...

भारत ने नेपाल को सौंपे 50 मिलिट्री व्हीकल्स, इंडिया-नेपाल डिफेंस रिश्तों को मिलेगी मजबूती

कुल 50 मिलिट्री यूटिलिटी व्हीकल्स नेपाल सेना को दिए गए हैं। इनमें से 20 वाहन 7.5 टन क्षमता के हैं, जबकि बाकी 30 वाहन 2.5 टन क्षमता के हैं...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 10 Feb, 2026, 12:03 PM

India Nepal Defence Cooperation: भारतीय सेना ने नेपाल सेना को 50 मिलिट्री यूटिलिटी व्हीकल्स सौंपे हैं। यह हैंडओवर भारत-नेपाल सीमा पर उत्तर प्रदेश के महाराजगंज इलाके में हुआ। अधिकारियों ने इसे दोनों देशों की सेनाओं के बीच भरोसे और लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों का प्रतीक बताया है।

भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि इन वाहनों को औपचारिक रूप से काठमांडू में एक समारोह के दौरान नेपाल में भारत के राजदूत प्रस्तुत करेंगे। यानी सीमा पर तकनीकी तौर पर सौंपे जाने के बाद इनका औपचारिक कार्यक्रम नेपाल की राजधानी में होगा। (India Nepal Defence Cooperation)

India Nepal Defence Cooperation India Nepal Defence Cooperation

India Nepal Defence Cooperation: कितने और किस प्रकार के वाहन

कुल 50 मिलिट्री यूटिलिटी व्हीकल्स नेपाल सेना को दिए गए हैं। इनमें से 20 वाहन 7.5 टन क्षमता के हैं, जबकि बाकी 30 वाहन 2.5 टन क्षमता के हैं। इस तरह ये वाहन अलग-अलग ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से काम आ सकेंगे। भारी क्षमता वाले वाहन रसद, उपकरण और सैनिकों के परिवहन में उपयोगी होंगे, जबकि हल्के वाहन तेज मूवमेंट और फील्ड सपोर्ट के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

हैंडओवर कार्यक्रम में भारतीय सेना की ओर से कर्नल जपेंद्र सिंह और मेजर अर्जुन चौहान मौजूद थे। नेपाल सेना की ओर से कर्नल हरि प्रसाद भट्टराई ने औपचारिक रूप से वाहनों को रिसीव किया। इस मौके पर शस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी के अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे। (India Nepal Defence Cooperation)

मजबूत होंगे संबंध

अधिकारियों के मुताबिक यह पहल नेपाल सेना की क्षमता निर्माण यानी कैपेसिटी बिल्डिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत लंबे समय से नेपाल को मिलिट्री ट्रेनिंग, उपकरण और तकनीकी सहायता देता रहा है। यह नया सहयोग उसी श्रृंखला की कड़ी माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें:  UNTCC Chiefs Conclave में जनरल उपेंद्र द्विवेदी बोले- ‘ब्लू हैलमेट’ पहने सैनिक शांति का प्रतीक, समझदारी से हासिल किया जा सकता है अमन

भारत और नेपाल के बीच रक्षा संबंध केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच गहरा मानवीय और ऐतिहासिक जुड़ाव भी है। दोनों सेनाएं नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास करती हैं और उच्च स्तरीय यात्राएं भी होती रहती हैं। (India Nepal Defence Cooperation)

भारत-नेपाल सैन्य संबंधों की जड़ें बहुत पुरानी हैं। वर्ष 1816 की सुगौली संधि के बाद गोरखा सैनिकों की भर्ती की परंपरा शुरू हुई थी। आज भी भारतीय सेना में बड़ी संख्या में गोरखा सैनिक सेवा दे रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 तक भारतीय सेना में लगभग 34,000 गोरखा सैनिक सक्रिय सेवा में हैं, जबकि बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक पेंशनभोगी भी हैं।

आजादी के बाद भी भारत ने नेपाल सेना को विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, आधुनिक उपकरणों की सप्लाई और सैन्य शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए। दोनों देशों के सेना प्रमुख एक-दूसरे को मानद जनरल की उपाधि भी प्रदान करते हैं, जो इस रिश्ते की खूबसूरती है। (India Nepal Defence Cooperation)

आर्मी डे परेड में शामिल हुआ था नेपाली सेना बैंड

जनवरी में जयपुर में आयोजित भारतीय सेना दिवस परेड में 33 सदस्यीय नेपाली सेना बैंड ने हिस्सा लिया था। इस भागीदारी को दोनों सेनाओं के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक माना गया। ऐसे सांस्कृतिक और औपचारिक सैन्य कार्यक्रम दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं।

हालांकि वर्ष 2022 में लागू की गई अग्निपथ योजना के बाद नेपाल से गोरखा भर्ती को लेकर कुछ असहमति भी सामने आई थी। नेपाल ने कम अवधि की सेवा, पेंशन व्यवस्था और सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई थी। इसके कारण गोरखा भर्ती प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है। फिर भी दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को पूरी तरह रुकने नहीं दिया है। (India Nepal Defence Cooperation)

यह भी पढ़ें:  IMA POP 2025: आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी बोले- सेना की वर्दी नौकरी नहीं, आजीवन कर्तव्य, 559 कैडेट बने भारतीय सेना के अफसर

पहले भी करते रहे हैं मदद

यह पहली बार नहीं है जब भारत ने नेपाल को सैन्य वाहन दिए हों। पहली भी भारत समय-समय पर वाहन और अन्य रक्षा उपकरण नेपाल को सौंपता रहा है। अगस्त 2025 में भारत ने नेपाल सेना को हल्के स्ट्राइक वाहन, मेडिकल उपकरण, सैन्य कुत्ते और घोड़े भी सौंपे थे। इससे पहले 2011 में भी बड़ी संख्या में वाहन नेपाल सेना को उपहार स्वरूप दिए गए थे। (India Nepal Defence Cooperation)

रणनीतिक दृष्टि से अहम रिश्ता

भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा है और दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ सामाजिक संबंध हैं। ऐसे में रक्षा सहयोग केवल सैन्य जरूरत नहीं, बल्कि रणनीतिक स्थिरता का भी हिस्सा है। हिमालयी क्षेत्र की सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आपदा राहत जैसे मुद्दों पर दोनों देशों की सेनाएं अक्सर साथ काम करती हैं।

नेपाल के लिए ये वाहन उसके पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में संचालन क्षमता बढ़ाने में मददगार होंगे। वहीं भारत के लिए यह कदम पड़ोसी देश के साथ भरोसे को मजबूत करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (India Nepal Defence Cooperation)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

यह भी पढ़ें:  India ASEAN Summit 2025: भारतीय डिप्लोमेसी की बड़ी परीक्षा! क्वाड-ब्रिक्स के बीच कूटनीतिक संतुलन साधने कुआलालंपुर जाएंगे पीएम मोदी
रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular