📍नई दिल्ली | 17 Jan, 2026, 2:12 PM
Operation Sagar Bandhu: श्रीलंका में आए भीषण चक्रवात दित्वाह के बाद जनजीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए भारतीय सेना ने एक बार फिर मानवीय सहयोग की मजबूत मिसाल पेश की है। भारतीय सेना के इंजीनियरों ने श्रीलंका के सेंट्रल प्रोविंस में बी-492 हाईवे पर 120 फीट लंबा तीसरा बेली ब्रिज सफलतापूर्वक तैयार कर दिया है। यह पुल केएम-15 पर बनाया गया है, जो कैंडी और नुवारा एलिया जिलों को आपस में जोड़ता है।
चक्रवात दित्वाह के चलते यह इलाका पिछले एक महीने से ज्यादा समय तक सड़क संपर्क से कट गया था। पुल टूटने से स्थानीय लोगों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही थी। अब इस नए बेली ब्रिज के बनने से इलाके की जीवनरेखा दोबारा बहाल हो गई है। (Operation Sagar Bandhu)
Operation Sagar Bandhu: चक्रवात के बाद टूटा संपर्क, अब फिर जुड़ा रास्ता
नवंबर 2025 में आए चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। खासतौर पर पहाड़ी और मध्यवर्ती इलाकों में सड़कों और पुलों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। बी-492 हाईवे पर मौजूद पुराना पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे कैंडी और नुवारा एलिया के बीच यातायात पूरी तरह बंद हो गया था।
इस स्थिति को देखते हुए भारत ने तुरंत राहत और पुनर्निर्माण के लिए आगे कदम बढ़ाया। भारतीय सेना के इंजीनियर टास्क फोर्स को श्रीलंका भेजा गया, जिसने बेहद कम समय में हालात का जायजा लेकर बेली ब्रिज बनाने का काम शुरू किया। (Operation Sagar Bandhu)
🇮🇳🤝🇱🇰 Indian Army Builds Third Bailey Bridge in Sri Lanka
Under #OperationSagarBandhu, Indian Army Engineers have successfully constructed a 120-ft Bailey Bridge at KM-15 on the B-492 Highway, restoring the vital Kandy–Nuwara Eliya link disrupted by Cyclone Ditwah.
This is the… pic.twitter.com/SUxYwCu7mL— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) January 17, 2026
ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तेजी से काम
यह पुल भारत के मानवीय मिशन ऑपरेशन सागर बंधु का हिस्सा है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने श्रीलंका को आपदा राहत और पुनर्वास में हरसंभव मदद दी है। भारतीय सेना ने अपने आधुनिक इंजीनियरिंग संसाधनों और अनुभवी जवानों की मदद से बेहद कठिन परिस्थितियों में भी काम को अंजाम दिया।
पहाड़ी इलाका होने के कारण भारी मशीनरी पहुंचाना आसान नहीं था, लेकिन इसके बावजूद सेना के इंजीनियरों ने चरणबद्ध तरीके से बेली ब्रिज के हिस्सों को जोड़कर समय पर पुल तैयार कर दिया। (Operation Sagar Bandhu)
पहले भी बना चुकी है दो अहम बेली ब्रिज
यह तीसरा बेली ब्रिज है, जिसे भारतीय सेना ने श्रीलंका में चक्रवात के बाद तैयार किया है। इससे पहले जाफना क्षेत्र में एक अहम बेली ब्रिज बनाया गया था, जिससे उत्तरी प्रांत में सड़क संपर्क बहाल हुआ। इसके बाद कैंडी क्षेत्र में दूसरा बेली ब्रिज तैयार किया गया, जिसने वहां की आवाजाही को आसान बनाया।
इन तीनों पुलों के बन जाने से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने और सामान्य यातायात शुरू करने में बड़ी मदद मिली है।
वहीं, नए पुल के शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान अब अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं, छात्र स्कूल-कॉलेज जा पा रहे हैं और जरूरी सेवाओं की सप्लाई सामान्य हो गई है। लंबे समय से बंद रास्ता खुलने से पर्यटन से जुड़े लोग भी दोबारा काम शुरू कर पाए हैं, क्योंकि नुवारा एलिया जैसे इलाकों में पर्यटन आजीविका का बड़ा साधन है। (Operation Sagar Bandhu)
भारत-श्रीलंका दोस्ती की मजबूत मिसाल
यह पूरा प्रयास भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और वसुधैव कुटुंबकम का हिस्सा है। भारत ने न केवल अपने पड़ोसी देश की मुश्किल घड़ी में मदद की, बल्कि जमीन पर उतरकर ठोस काम करके भरोसे को और मजबूत किया है।
भारतीय सेना की इस भूमिका की श्रीलंका सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी सराहना की है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और सहयोग को इस मानवीय प्रयास से और मजबूती मिली है। (Operation Sagar Bandhu)
इंजीनियर टास्क फोर्स की अहम भूमिका
भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स ने श्रीलंकाई सेना और रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ मिलकर यह काम पूरा किया। सीमित समय, कठिन मौसम और दुर्गम इलाके के बावजूद टीम ने पेशेवर तरीके से काम करते हुए पुल को समय पर तैयार किया। (Operation Sagar Bandhu)


