📍नई दिल्ली | 9 Jan, 2026, 12:28 PM
Indian Navy Operational Readiness: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने समुद्र में ईस्टर्न नेवल कमांड की यूनिट्स के साथ समय बिताकर उनकी ऑपरेशनल रेडीनेस की समीक्षा की। इस दौरान वे नौसेना के पूर्वी बेड़े के जहाजों पर सवार हुए और उनकी ऑपरेशनल रेडीनेस की समीक्षा की।
Indian Navy Operational Readiness: देखीं फ्लीट की तैयारियाां
चीफ ऑफ नेवल स्टाफ का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं और भारतीय नौसेना अपने हर फ्लीट की तैयारी को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रही है। (Indian Navy Operational Readiness)
समुद्र में मौजूद यूनिट्स के साथ रहते हुए नौसेना प्रमुख ने मल्टी-थ्रेट एनवायरनमेंट में कई एडवांस्ड ऑपरेशनल ड्रिल्स देखीं। इन एक्सरसाइज में जटिल फ्लीट मैन्यूवर्स शामिल थे, जहां अलग-अलग वॉरशिप्स ने एक साथ तालमेल बनाकर अपनी मूवमेंट और पोजिशनिंग का प्रदर्शन किया। इसके अलावा विभिन्न हथियार प्रणालियों से वेपन फायरिंग भी की गई। साथ ही फ्लाइंग ऑपरेशंस के तहत हेलिकॉप्टर और अन्य एयर एसेट्स की गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। (Indian Navy Operational Readiness)
नौसेना प्रमुख को प्लेटफॉर्म्स और पर्सनल की ऑपरेशनल प्रिपेयर्डनेस की ब्रीफिंग दी गई। इस ब्रीफिंग में यह बताया गया कि किस तरह ईस्टर्न फ्लीट के जहाज और उनके क्रू फुल स्पेक्ट्रम मैरिटाइम ऑपरेशंस में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार हैं। इसमें निगरानी, समुद्री नियंत्रण, संकट के समय प्रतिक्रिया और जटिल मिशनों को अंजाम देने की क्षमता को प्रमुखता से सामने रखा गया। (Indian Navy Operational Readiness)
Adm Dinesh K Tripathi, #CNS, embarked units of the Eastern Naval Command #PoorviBeda, at Sea on #08Jan 26.
During the embarkation, #CNS witnessed #operational drills in a multi-threat environment, fleet maneuvers, weapon firings, flying operations, and was briefed on the… pic.twitter.com/Uvcb6GBdG7
— SpokespersonNavy (@indiannavy) January 9, 2026
अपने संबोधन में एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने ईस्टर्न नेवल कमांड की यूनिट्स की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार हाई ऑपरेशनल टेम्पो बनाए रखना आसान काम नहीं होता, लेकिन पूर्वी बेड़े की यूनिट्स ने इसे एक नियमित अभ्यास बना लिया है। उन्होंने इस बात की भी तारीफ की कि जहाजों को हमेशा बैटल-रेडी स्थिति में रखा गया है और हथियार प्रणालियों के इस्तेमाल में उच्च स्तर की प्रिसीजन दिखाई देती है। (Indian Navy Operational Readiness)
नौसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि आधुनिक हथियारों, सेंसरों और अनमैन्ड सिस्टम्स का सही इस्तेमाल तभी संभव है, जब नौसैनिक अच्छी तरह प्रशिक्षित और मोटिवेटेड हों। उन्होंने सफेद वर्दी पहनने वाले पुरुषों और महिलाओं को भारतीय नौसेना की असली ताकत बताया, जो फुली नेटवर्क्ड ऑपरेशनल एनवायरनमेंट में सिस्टम्स का प्रभावी उपयोग करते हैं। (Indian Navy Operational Readiness)
ईस्टर्न फ्लीट पूरी तरह फुली नेटवर्क्ड ऑपरेशनल एनवायरनमेंट में काम करने की क्षमता रखता है। यानी जहाज, एयरक्राफ्ट, सेंसर्स और कमांड सिस्टम आपस में जुड़े हुए हैं और रियल टाइम में जानकारी साझा कर सकते हैं। इससे किसी भी चुनौती का जवाब तेजी और सटीकता के साथ दिया जा सकता है। (Indian Navy Operational Readiness)

इससे एक दिन पहले 7 जनवरी को नौसेना प्रमुख ने विशाखापत्तनम में ईस्टर्न नेवल कमांड का दौरा भी किया था। वहां उन्होंने फ्लीट कमांडर वाइस एडमिरल संजय भल्ला और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की और कमांड की कॉम्बैट रेडीनेस की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आगामी फरवरी में होने वाली आईएफआर 2026, एक्सरसाइज मिलन 2026 और आइओएनएस कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। (Indian Navy Operational Readiness)
नौसेना प्रमुख ने दोहराया कि इस तरह की तैयारियां और प्रोफेशनलिज्म भारत के नेशनल मैरिटाइम इंटरेस्ट्स की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना हर परिस्थिति में, हर स्थान पर और हर तरीके से देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। (Indian Navy Operational Readiness)




