📍नई दिल्ली | 26 Dec, 2025, 12:16 PM
Indian Defence Stocks Rise: शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह आज होने वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) की अहम बैठक मानी जा रही है। बाजार में यह उम्मीद है कि इस बैठक में बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी मिल सकती है, जिसका सीधा फायदा देश की डिफेंस कंपनियों को मिलेगा।
सुबह के कारोबार में निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 1 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया। यह बढ़त बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स से ज्यादा रही। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में डिफेंस इंडेक्स में कुल मिलाकर अच्छी मजबूती देखी गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर और बढ़ा है।
डिफेंस से जुड़ी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) का शेयर 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर निफ्टी-50 में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। कंपनी को एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और कम्युनिकेशन इक्विपमेंट से जुड़े नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद है, जिस वजह से निवेशकों ने इसमें खरीदारी की है।
निफ्टी-50 से बाहर की कंपनियों में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, एमटार टेक्नोलॉजीज और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। खास तौर पर मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई, क्योंकि कंपनी को भारतीय नौसेना से जुड़े नए शिपबिल्डिंग और सबमरीन प्रोजेक्ट्स मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डिफेंस सेक्टर में इस तेजी का सबसे बड़ा कारण आज होने वाली डीएसी मीटिंग मानी जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यह साल 2025 की आखिरी डीएसी बैठक है, इसलिए इसे काफी अहम माना जा रहा है। बाजार से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में करीब 80 हजार करोड़ रुपये तक के डिफेंस सौदों को मंजूरी मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इन सौदों में खास फोकस एयर डिफेंस और आईएसआर (इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस) क्षमताओं को मजबूत करने पर रह सकता है। हाल के महीनों में बदले वैश्विक हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश बढ़ा रही है।
संभावना जताई जा रही है कि बैठक में मिसाइल सिस्टम, रडार, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी और निगरानी से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। इन सभी सेक्टर्स में भारतीय डिफेंस कंपनियां पहले से ही सक्रिय हैं, जिसका असर उनके शेयरों पर साफ दिखाई दे रहा है।
डिफेंस शेयरों में तेजी के पीछे सिर्फ घरेलू कारण ही नहीं, बल्कि वैश्विक जियो-पॉलिटिकल टेंशन भी एक बड़ी वजह है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते सैन्य तनाव और संघर्ष की खबरों के बीच निवेशक डिफेंस सेक्टर को एक सुरक्षित और मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
ऐसे माहौल में ज्यादातर देश अपने रक्षा बजट और सैन्य तैयारियों पर ज्यादा खर्च करते हैं। इसका सीधा फायदा हथियार, इलेक्ट्रॉनिक्स, शिपबिल्डिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों को मिलता है। इसी वजह से भारतीय डिफेंस शेयरों में लगातार खरीदारी बनी हुई है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि डिफेंस शेयरों की आगे की चाल काफी हद तक आज की डीएसी बैठक के फैसलों पर निर्भर करेगी। अगर उम्मीद के मुताबिक बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले दिनों में इस सेक्टर में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
हालांकि, कुछ निवेशक साल के अंत को देखते हुए सतर्क भी हैं, क्योंकि इस दौरान मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद डिफेंस सेक्टर को लेकर लंबी अवधि का नजरिया अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में सरकार की आत्मनिर्भर भारत नीति और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर जोर की वजह से भारतीय रक्षा कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत हुई है। डिफेंस एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी, नई तकनीकों का विकास और सरकारी समर्थन ने इस सेक्टर को नई पहचान दी है।
इसी भरोसे के चलते डीएसी बैठक से पहले भी निवेशक डिफेंस शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लगातार पांच दिन की तेजी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि बाजार को इस सेक्टर से आगे भी सकारात्मक खबरों की उम्मीद है।


