📍नई दिल्ली | 22 Dec, 2025, 6:51 PM
Anjadip ASW Shallow Water Craft: चेन्नई में 22 दिसंबर को नौसेना को तीसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट सौंपा गया। खास बात यह है कि इसे पूरी तरह भारत में, कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने डिजाइन और तैयार किया है। जीआरएसई ने इस साल का अपना पांचवां युद्धपोत नौसेना को सौंपा।
‘अंजदीप’ उन आठ शैलो वॉटर वॉरशिप्स में से तीसरा है, जिसे जीआरएसई भारतीय नौसेना के लिए बना रहा है। इसमें 80 फीसदी से ज्यादा कंपोनेंट्स और सिस्टम्स देश में ही बने हैं।
Anjadip ASW: दुश्मन पनडुब्बियों के लिए बड़ी मुश्किल
एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट खासतौर पर उथले समंदर में दुश्मन की पनडुब्बियों को ढूंढकर खत्म करने के लिए डिजाइन किया गया है। आजकल पाकिस्तान और चीन की सबमरीन गतिविधियां तटीय इलाकों में बढ़ रही हैं। ऐसे में ‘अंजदीप’ जैसे जहाज नौसेना के लिए बेहद जरूरी हो गए हैं।
करीब 77 मीटर लंबा ये जहाज वॉटरजेट सिस्टम से चलता है। इसका वजन लगभग 900 टन, और रफ्तार भी 25 नॉट्स तक पहुंच जाती है। जहाज में तीन वॉटर जेट लगे हैं, तो ये उथले पानी में भी बड़ी आसानी से घूम सकता है और दिशा बदल सकता है। यह भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे बड़ा वॉटरजेट वॉरशिप है। इसका डिजाइन भी खास है, यह कम शोर करता है, तो दुश्मन की पनडुब्बियों को इसकी मौजूदगी का पता चलना मुश्किल हो जाता है। (Anjadip ASW)
Anjadip ASW: आधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस
‘अंजदीप’ में लेटेस्ट एंटी-सबमरीन हथियार लगे हैं, जिनमें हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट और खास शैलो वॉटर सोनार सिस्टम शामिल हैं। यह सोनार समंदर के नीचे छिपी पनडुब्बियों को पहचानने में बहुत मदद करता है।
🇮🇳 Indian Navy Receives ‘ANJADIP’ – A Major Boost to Coastal Defence
The Indian Navy has taken delivery of ‘Anjadip’, the third Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW-SWC), indigenously built by GRSE under a PPP model with L&T Shipyard.
Equipped with waterjet propulsion,… pic.twitter.com/UQJdUefN8i— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 22, 2025
इतना ही नहीं, ये जहाज सिर्फ पनडुब्बी रोधी मिशनों तक सीमित नहीं है। ‘अंजदीप’ कोस्टल सर्विलांस, माइन बिछाने और दूसरे कई सुरक्षा मिशनों में भी काम आता है। असल में, यह एक मल्टी-रोल प्लेटफॉर्म है, जो शांति हो या संकट, दोनों में अपनी उपयोगिता साबित करेगा। जहाज पर कुल 57 लोग तैनात रहते हैं, जिनमें से 7 अफसर हैं। (Anjadip ASW)
सरकार और प्राइवेट कंपनियों का साझा कमाल
इस प्रोजेक्ट की एक खासियत यह भी है कि इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर पूरा किया गया है। जीआरएसई ने तमिलनाडु के कट्टुपल्ली के एलएंडटी शिपयार्ड के साथ मिलकर ये जहाज बनाए हैं। इससे साफ है कि अब भारत में सरकारी और निजी कंपनियां मिलकर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स भी आसानी से संभाल रही हैं।
इन जहाजों को इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग के नियमों के हिसाब से डिजाइन और बनाया गया है। यानी क्वालिटी और सेफ्टी को लेकर कोई समझौता नहीं। (Anjadip ASW)
चार एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट डिलीवर
‘अंजदीप’ भारतीय नौसेना की अर्णाला क्लास का तीसरा जहाज है, जिसे जीआरएसई बना रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट में 16 एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट बनाए जा रहे हैं। इनमें अर्णाला क्लास के आठ शिप जीआरएसई बना रहा है और बाकी माहे क्लास के आठ शिप कोचीन शिपयार्ड बना रहा है। अभी तक चार एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अर्णाला, अंद्रोथ, अंजदीप और माहे डिलीवर हो चुके हैं। इनमें से तीन पूरी तरह नौसेना में शामिल हो चुके हैं। ‘अंजदीप’ के जनवरी 2026 में कमीशंड होने की उम्मीद है। (Anjadip ASW)
अंजदीप से पहले जीआरएसई ने 2025 में चार युद्धपोत सौंपे थे। इनमें एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट हिमगिरी, सीरीज के पहले दो एंटी-सबमरीन शेलो वाटर क्राफ्ट और एंड्रॉथ, और सर्वे वेसल (लार्ज) इक्षक शामिल हैं। इन चारों को नौसेना में शामिल किया जा चुका है।
जीआरएसई अभी 12 और युद्धपोत बना रहा है, जिसमें दो पी17ए एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट, पांच एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट, एक सर्वे वेसल (बड़ा) और चार नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल शामिल हैं।
पुराने ‘अंजदीप’ की याद में रखा नाम
नए ‘अंजदीप’ का नाम पुराने आईएनएस अंजदीप के नाम पर रखा गया है, जो पेट्या क्लास का कोरवेट था और 2003 में रिटायर हुआ था। ये नाम कर्नाटक के करवार तट के पास के अंजदीप द्वीप से लिया गया है। (Anjadip ASW)
आत्मनिर्भरता की ओर एक और कदम
‘अंजदीप’ की डिलीवरी भारतीय नौसेना के लिए एक और अहम माइलस्टोन है। ऐसे प्लेटफॉर्म सिर्फ विदेशी चीज़ों पर निर्भरता कम नहीं करते, बल्कि देश के युवाओं को काम, नई टेक्निकल स्किल्स और डिफेंस इंडस्ट्री को भी आगे बढ़ाते हैं।
आगे भी भारतीय नौसेना कई और स्वदेशी जहाज अपने बेड़े में शामिल करने वाली है। ‘अंजदीप’ जैसे मॉडर्न शैलो वॉटर क्राफ्ट से भारत की तटीय सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी ताकत और मजबूत होगी। (Anjadip ASW)




