📍महू, मध्य प्रदेश | 29 Nov, 2025, 8:33 PM
Malnad Ultra 2025 में भारतीय सेना के अधिकारी ब्रिगेडियर संजय दिखित ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति उम्र से कहीं ज्यादा ताकतवर होती है। 60 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी सेना से रिटायर्ड ब्रिगेडियर दिखित ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली 100 किलोमीटर अल्ट्रा-ट्रेल रन को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस कैटेगरी में सबसे उम्रदराज फिनिशर बने।
ब्रिगेडियर दिखित मध्य प्रदेश के महू से कर्नाटक के चिकमंगलूर तक लगभग 3,100 किलोमीटर की मोटरसाइकिल राइड करके पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सीधे पश्चिमी घाटों की चुनौतीपूर्ण पहाड़ियों में आयोजित इस रन में हिस्सा लिया, जिसे आयोजकों ने “माउंटेन लेवल 4” की कैटेगरी में रखा है। (Malnad Ultra 2025)
यह 100 किलोमीटर की रेस दो 50 किलोमीटर लूप में बंटी थी, जिसमें लगभग 95 फीसदी रास्ता जंगलों और कॉफी प्लांटेशनों की ट्रेल्स पर था। पूरे कोर्स में करीब 3,801 मीटर चढ़ाई और उतनी ही उतराई शामिल थी। रास्ते में घना जंगल, तीखे ढलान और फिसलन भरी पगडंडियां थीं। (Malnad Ultra 2025)
ब्रिगेडियर दिखित के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गई जब 70 किलोमीटर के बाद तेज बारिश शुरू हो गई और ऊंचाई वाले हिस्सों में घना कोहरा छा गया। रात के अंधेरे में केवल एक हेडलैम्प के सहारे रास्ता तलाशते हुए वे कई बार फिसल कर गिरे भी। गिरने से उनका जूता तक टूट गया और उन्हें एक हेल्प सेंटर पर जूते बदलने पड़े। (Malnad Ultra 2025)
लगभग 38वें किलोमीटर पर गलती से गलत रास्ते पर चले जाने के चलते उन्हें अपना रूट वापस पकड़ने में करीब एक घंटे का नुकसान हुआ। लेकिन उनकी जीपीएस डिवाइस ने अंत में कुल दूरी 103 किलोमीटर दर्ज की। ब्रिगेडियर संजय दिखित बता दिया कि नुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी दौड़ कठिन नहीं है, चाहे उम्र कुछ भी हो। (Malnad Ultra 2025)
128 प्रतिभागियों में से केवल 79 ही रेस पूरी कर पाए, और ब्रिगेडियर दिखित उनमें सबसे वरिष्ठ फिनिशर थे। रेस पूरी करने के बाद उन्होंने कहा कि यह अनुभव “सुंदर लेकिन बेहद मुश्किल” था। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश, कोहरा, अंधेरा और थकान के बावजूद जंगल के बीच अकेले दौड़ना उनके लिए एक चुनौती थी। (Malnad Ultra 2025)
मलनाड अल्ट्रा में देश-विदेश के अनुभवी ट्रेल-रनर्स हिस्सा लेते हैं और इसे पूरी तरह वालंटियर्स द्वारा आयोजित किया जाता है। इस प्रतियोगिता का मकसद रेसर्स की शारीरिक क्षमता, मानसिक धैर्य और साहस को परखना होता है। (Malnad Ultra 2025)
