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Kashmir in the Line of Fire: मेजर जनरल महाजन ने अपनी नई किताब में साझा की कश्मीर के जाबांजों की अनसुनी दास्तानें

मेजर जनरल महाजन ने किताब में कश्मीर की कहानी को सिर्फ ऑपरेशन के नजरिए से नहीं, बल्कि इंसानियत की दृष्टि से लिखा है। कई अध्याय ऐसे हैं, जहां गोलीबारी और घुसपैठ की घटनाओं के बीच सैनिकों की हंसी, डर, दोस्ती और उम्मीद साथ-साथ चलती दिखती है...

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📍नई दिल्ली | 29 Nov, 2025, 7:36 PM

Kashmir in the Line of Fire: मेजर (रि.) जनरल रंजन महाजन की नई किताब “कश्मीर इन द लाइन ऑफ फायर” कश्मीर घाटी में कठिन परिस्थितियों में सेवा करने वाले भारतीय सैनिकों को समर्पित है। किताब में उन्होंने सैनिकों के जीवन की उन अनकही कहानियों को शामिल किया है, जो सिर्फ ऑपरेशन नहीं बल्कि साहस, दोस्ती, बलिदान और संघर्ष के बीच मानवीय जज्बातों की सच्ची तस्वीर पेश करती हैं। मेजर जनरल महाजन ने घाटी में अपने लंबे अनुभवों के आधार पर यह भी बताया है कि कैसे आतंकवाद के शुरुआती वर्षों से लेकर आज तक कश्मीर का माहौल बदला और कैसे भारतीय सेना ने अपने काउंटर-टेररिज्म ग्रिड को मजबूत करते हुए हालात का सामना किया।

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हाल ही में नई दिल्ली में उनकी नई किताब का विमोचन हुआ। कार्यक्रम को “सेरेमनी ऑफ ग्रैटिट्यूड” का नाम दिया गया, जिसका उद्देश्य उन वीर जवानों को सम्मान देना था, जिन्होंने घाटी में आतंकवाद और हिंसा के बीच ड्यूटी निभाई। यह आयोजन राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट के स्मरण दिवस के साथ आयोजित किया गया। किताब का विमोचन अशोक चक्र (मरणोपरांत) सम्मानित नायक नीरज कुमार सिंह की वीर नारियों और उनके दो बेटों ने किया। (Kashmir in the Line of Fire)

मेजर जनरल महाजन को 1987 में राजपूताना राइफल्स में ही कमीशन मिला था, और पांच बार कश्मीर में सेवा देते हुए उन्होंने घाटी के संघर्ष, सैनिकों के बलिदान और स्थानीय लोगों की बहादुरी को बेहद नजदीक से देखा।

Kashmir in the Line of Fire Book Launch

मेजर जनरल महाजन ने किताब में कश्मीर की कहानी को सिर्फ ऑपरेशन के नजरिए से नहीं, बल्कि इंसानियत की दृष्टि से लिखा है। कई अध्याय ऐसे हैं, जहां गोलीबारी और घुसपैठ की घटनाओं के बीच सैनिकों की हंसी, डर, दोस्ती और उम्मीद साथ-साथ चलती दिखती है। वे बताते हैं कि कैसे सैनिक रात-रात भर बर्फ में बैठकर घाटी की सुरक्षा करते हैं, कैसे हर ऑपरेशन के बाद शहीद साथियों की यादें दिल में घर कर लेती हैं, और कैसे स्थानीय नागरिक कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर सेना की मदद करते हैं। (Kashmir in the Line of Fire)

किताब में मच्छल सेक्टर के 2014 ऑपरेशन का विस्तार से वर्णन है। इसमें उन्होंने उस रात का जिक्र किया है जब भारतीय जवानों ने नौ घुसपैठियों को रोका था। भोर होते-होते 8 ढेर थे, 1 पकड़ा गया। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन एक 24 साल के जवान, लांस नाइक राजेश कुमार ने अपनी जान गंवाई। मेजर जनरल महाजन इस घटना को बताते हुए कहते हैं, “वह सिर्फ एक सैनिक नहीं था, किसी का बेटा था, जिसका सपना वहीं बर्फ में दफन हो गया।” (Kashmir in the Line of Fire)

मेजर जनरल महाजन ने कश्मीर में आतंकवाद के बढ़ने, घुसपैठ की बदलती रणनीतियों और काउंटर-टेररिज्म ग्रिड के मजबूत होने की पूरी यात्रा को सरल भाषा में समझाया है। वे बताते हैं कि कैसे 1980 के दशक के अंत में कश्मीर का माहौल अचानक बदल गया और कैसे भारत ने इन चुनौतियों का मुकाबला करते हुए धीरे-धीरे हालात को संभाला। किताब में उन्होंने कुछ प्रमुख ऑपरेशंस, जैसे 2014 का मशाल ऑपरेशन, और शहीद कैप्टन तुषार महाजन के शौर्य की कहानी भी लिखी है।

मेजर जनरल महाजन के मुताबिक असली जंग सिर्फ हथियारों से नहीं जीती जाती, बल्कि भरोसे, संवाद और एकजुटता से जीती जाती है। उन्होंने किताब में घाटी के आम लोगों की भूमिका और उनकी हिम्मत को भी बराबर स्थान दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि कैसे कई बार स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेना को महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। किताब उन मनोवैज्ञानिक दबावों को भी सामने लाती है जिनका सामना सैनिक हर दिन करते हैं।

मेजर जनरल महाजन वर्ष 1987 में चार राजपूताना राइफल्स में कमीशंड हुए थे। 35 से अधिक वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने पूरे भारत में अहम कमांड संभाली, जिनमें राष्ट्रीय राइफल्स, लाइन ऑफ कंट्रोल पर इन्फैंट्री ब्रिगेड, और पश्चिमी सीमा पर एक डिवीजन का नेतृत्व शामिल है। वे डीएसएसस, सीडीएम और एनडीसी के पूर्व छात्र भी रहे हैं और सेना मेडल व विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित हैं।

“Kashmir in the Line of Fire” कश्मीर को सिर्फ एक संघर्ष के तौर पर नहीं, बल्कि उन असली लोगों की नजर से दिखाती है जिन्होंने वहां सालों तक “लाइन ऑफ फायर” में रहकर देश की रक्षा की।

The book is now available on Amazon and FaujiDays (Signed Copy).

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    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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