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Exercise MaruJwala: थार मरुस्थल में थल सेना और वायुसेना ने दिखाई जॉइंटनेस की ताकत, पैराट्रूपर्स ने आसमान से लगाई छलांग

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने बताया कि यह अभ्यास साउदर्न कमांड की स्ट्राइक कोर सुदर्शन चक्र कोर की युद्धक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है...

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📍जैसलमेर | 12 Nov, 2025, 11:40 AM

Exercise MaruJwala: जैसलमेर के थार मरुस्थल में भारतीय सेना के दक्षिणी कमान ने अपनी जबरदस्त ताकत और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया। यह एक्सरसाइज मुरुज्वाला का हिस्सा है, जो ट्राई सर्विस एक्सरसाइज त्रिशूल के तहत आयोजित की गई है। इस अभ्यास में भारतीय सेना, वायुसेना और पैराट्रूपर्स ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया और अपने ऑपरेशनल कौशल का प्रदर्शन किया।

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इस मौके पर साउदर्न कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने अभ्यास का निरीक्षण किया। उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर और शाहबाज डिवीजन की ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में साउदर्न कमांड की सुदर्शन चक्र कोर ने बेहद मेहनत से ट्रेनिंग की है, जिसकी झलक परिणाम आज एक्सरसाइज मुरुज्वाला में देखने को मिली है।

Exercise MaruJwala
Exercise MaruJwala: Lieutenant General Dhiraj Seth,General Officer Commanding-in-Chief of the Indian Army’s Southern Command

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने बताया कि यह अभ्यास साउदर्न कमांड की स्ट्राइक कोर सुदर्शन चक्र कोर की युद्धक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें शाहबाज डिवीजन, एविएशन ब्रिगेड, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ब्रिगेड और पैरास्पेशल फोर्सेज बटालियन ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इन सभी ने मिलकर पिछले दो महीनों में जिस समर्पण और दक्षता के साथ काम किया, वह भारतीय सेना के प्रोफेशनलिज्म को दर्शाता है।

थार मरुस्थल में आयोजित इस अभ्यास में आधुनिक युद्ध तकनीकों का परीक्षण किया गया। इसमें देश में बने ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम, नई पीढ़ी के हथियारों और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। युद्धाभ्यास के दौरान मेकनाइज्ड और इन्फैंट्री कॉलम्स के साथ थार रैप्टर्स की एविएशन यूनिट और भारतीय वायुसेना ने भी हिस्सा लिया। यह अभ्यास वास्तविक युद्ध जैसे माहौल में किया गया, जिससे सैनिकों की तैयारी और सहयोग का स्तर परखा जा सके।

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लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने कहा कि इस तरह के अभ्यास भारतीय सेना की “नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशन” और “मल्टी-डोमेन वॉरफेयर” क्षमता को और मजबूत बनाते हैं। उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर के सभी अधिकारियों और सैनिकों को उनके शानदार प्रदर्शन और अनुशासन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि सेना की नई पीढ़ी के उपकरण और स्वदेशी तकनीक भारतीय रक्षा तैयारियों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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