📍गुरुग्राम/नई दिल्ली | 1 Nov, 2025, 5:31 PM
MISW 2025: अगले सप्ताह दुनिया भर के मैरीटाइम सिक्युरिटी स्पेशलिस्ट भारत में एकत्र हो रहे हैं, जहां इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर– इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) की तरफ से मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग वर्कशॉप 2025 का तीसरा एडिशन आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन 3 से 5 नवंबर 2025 तक चलेगा और इसका विषय है- “हिंद महासागर क्षेत्र में रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन और इन्फॉर्मेशन शेयरिंग को बढ़ाना।”
यह वर्कशॉप भारत की “महासागर” नीति का हिस्सा है, जिसका पूरा नाम है “म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्युरिटी एंड ग्रोथ अक्रोस रीजंस” यानी साझा सुरक्षा और विकास के लिए सामूहिक प्रगति। इस नीति का मकसद हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच भरोसेमंद सहयोग और इन्फॉर्मेशन शेयरिंग को मजबूती देना है।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का उद्घाटन डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल तरुण सोबती करेंगे। इस आयोजन में डीजी शिपिंग के एडिशनल डायरेक्टर जनरल आईपीएस सुशील मानसिंग खोपड़े मुख्य अतिथि होंगे। इस आयोजन में हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए), जिबूती कोड ऑफ कंडक्ट/जेद्दा अमेंडमेंट और बिम्सटेक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। कुल मिलाकर 30 देशों के समुद्री सुरक्षा अधिकारी इस वर्कशॉप में हिस्सा ले रहे हैं।
मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग वर्कशॉप 2025 (MISW) की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। तब से यह कार्यक्रम समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में एक अहम मंच बन गया है, जो ऑपरेशनल स्तर पर देशों के बीच बेहतर संवाद, साझेदारी और इनफॉरमेशन एक्सचेंज को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य समुद्री खतरों जैसे पाइरेसी, ड्रग स्मगलिंग, मानव तस्करी और गैरकानूनी मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों को नियंत्रित करना है।
पहले के एडिशंस के मुकाबले वर्कशॉप 2025 में कई अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इनमें यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम, रीकेप इंफॉर्मेशन शेयरिंग सेंटर, रीजनल मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर, इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर सिंगापुर और कई प्रमुख शिपिंग कंपनियां शामिल हैं।
वर्कशाप में इस बात पर चर्चा होगी कि कैसे नई टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम्स के इस्तेमाल से समुद्री सुरक्षा को कैसे मजबूत किया जा सकता है। भारत इस दौरान अपने नेशनल मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग सेंटर्स की भूमिका की भी जानकारी देगा, जो विभिन्न देशों के साथ मिलकर समुद्री घटनाओं, जहाजों की गतिविधियों और आपात स्थितियों की जानकारी साझा करते हैं।
गुरुग्राम में भारतीय नौसेना के नेवल बेस आईएनएस अरावली में इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर– इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) की स्थापना 22 दिसंबर 2018 को की गई थी। इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और मित्र देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान करना है। यहां 25 देशों के 43 मल्टीनैशनल सेंटर की लाइव फीड उपलब्ध होती है। इस सेंटर ने 28 देशों के साथ 76 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संपर्क स्थापित किए हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, फ्रांस, जापान और यूनाइटेड किंगडम समेत 15 देशों के इंटरनेशनल लाइजन ऑफिसर्स तैनात हैं, जो 57 समुद्री सुरक्षा संगठनों और 25 साझेदार देशों के साथ लगातार सहयोग कर रहे हैं।
हाल ही में चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग 2025 कहा था कि गुरुग्राम में स्थित इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर– इंडियन ओशन रीजन (एएफसी-एओआर) को अंतरराष्ट्रीय सूचना केंद्र के तौर पर तैयार किया गया है। यह केंद्र अब समुद्री सूचनाओं को साझा करने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। यहां इस समय 15 अंतरराष्ट्रीय लायजन अधिकारी काम कर रहे हैं और 2028 तक इसकी संख्या 50 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
वर्कशॉप के अंतिम दिन एक टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी प्रतिभागी देश एक सिमुलेटिंग मैरीटाइम क्राइसेस पर संयुक्त रूप से काम करेंगे। इसका उद्देश्य है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को व्यावहारिक रूप में लागू किया सके।


