📍नई दिल्ली | 11 Dec, 2025, 11:13 AM
Matsya 6000 Submersible: इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2025 में देश की पहली स्वदेशी मानवयुक्त डीप-सी पनडुब्बी मत्स्य 6000 सबमर्सिबल को पेश किया गया है। यह पनडुब्बी समुद्र के अंदर 6,000 मीटर की गहराई तक जा सकती है और इसमें तीन लोग बैठ सकते हैं।
यह पनडुब्बी समुद्रयान प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी ने तैयार किया है। इसका टाइटेनियम हुल बेहद मजबूत है और समुद्र के भीतर पड़ने वाले 600 गुना भारी दबाव को सहन कर सकता है।
इसके साथ ही भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास ऐसी डीप-सी मानवयुक्त तकनीक मौजूद है। इससे पहले यह क्षमता केवल अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन, इटली, स्विट्जरलैंड और डेनमार्क के पास थी।
मत्स्य 6000 सबमर्सिबल का मुख्य उद्देश्य समुद्र तल का अध्ययन करना है। पूर्व नौसेना अधिकारी पीआर श्रीकांत ने बताया कि यह पनडुब्बी समुद्र की सतह के नीचे फैले तेल, खनिज और समुद्री जीवन का सर्वे करेगी। उनके मुताबिक पनडुब्बी में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा और सोनार लगे हैं, जो समुद्र तल का डेटा रिकॉर्ड करेंगे।
Here is India’s ambitious plan to send one human deep sea submersible, providentially around the same time when preparations are in final stage to send a human into the Space.
Meet #Matsya6000,India’s first indigenously developed human deep sea submersible, showcased by Ministry… pic.twitter.com/DE0q6AC4OO
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) December 9, 2025
वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन की औसत गहराई लगभग 3,741 मीटर (370 किमी या 200 नॉटिकल माइल्स) है। ऐसे में मत्स्य 6000 सबमर्सिबल गहरे समुद्र तक पहुंचकर ऐसे संसाधनों की जानकारी देगी, जो अब तक अनछुए थे।
इस साल पनडुब्बी ने 500 मीटर तक कई ड्राई टेस्ट पूरे किए, जिनमें इसके सभी सिस्टम और स्ट्रक्चर की जांच की गई। अब आगे समुद्री परीक्षण और लाइव ट्रायल किए जाएंगे, जिसमें इसे समुद्र में उतारा जाएगा।


