📍कोच्चि | 29 Mar, 2026, 12:37 PM
IONS IMEX 2026: भारतीय नौसेना ने हाल ही में कोच्चि स्थित सदर्न नेवल कमांड के मैरीटाइम वॉरफेयर सेंटर में एक अहम अंतरराष्ट्रीय अभ्यास का आयोजन किया। इस अभ्यास का नाम आईओएनएस मैरीटाइम एक्सरसाइज (IMEX) टेबल-टॉप एक्सरसाइज (TTX) 2026 रखा गया था। इसमें हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े कई देशों की नौसेनाओं के अधिकारी शामिल हुए।
इस आयोजन में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम यानी आईओएनएस के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ आईओएस सागर के अंतरराष्ट्रीय अधिकारी और भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर समुद्री सुरक्षा से जुड़े नए और बदलते खतरों पर चर्चा की।
IONS IMEX 2026: कई देशों ने मिलकर किया अभ्यास
इस एक्सरसाइज में बांग्लादेश, फ्रांस, इंडोनेशिया, केन्या, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, तंजानिया और तिमोर-लेस्ते जैसे देशों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग देशों की भागीदारी से यह साफ दिखा कि समुद्री सुरक्षा को लेकर सभी देश एक साथ काम करना चाहते हैं।
यह अभ्यास ऐसे समय पर हुआ जब भारत 2026 से 2028 तक आईओएनएस की चेयरमैनशिप संभालने जा रहा है। करीब 16 साल बाद भारत को यह जिम्मेदारी मिली है, इसलिए यह एक्सरसाइज काफी अहम मानी जा रही है।
🌊 IONS IMEX 2026: Indian Navy Leads High-Level Maritime Security Exercise in Kochi
The Indian Navy successfully hosted the IONS Maritime Exercise (IMEX) Table-Top Exercise (TTX) 2026 at the Maritime Warfare Centre, Southern Naval Command in Kochi on 27 March 2026.
This… pic.twitter.com/WK8cVY82CJ— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) March 29, 2026
बिना असली तैनाती के किया गया अभ्यास
यह एक टेबल-टॉप एक्सरसाइज थी, यानी इसमें असली जहाज या हथियारों की तैनाती नहीं की गई। इसकी जगह एक सिमुलेटेड एनवायरनमेंट में अलग-अलग हालात बनाए गए, जिन पर अधिकारियों ने मिलकर काम किया।
इस तरीके से कई तरह के संभावित समुद्री खतरों को समझने और उनसे निपटने की रणनीति तैयार करने का मौका मिला। इसमें सूचना साझा करना, फैसले लेना और अलग-अलग देशों के बीच तालमेल कैसे बेहतर किया जाए, इन सभी बातों पर ध्यान दिया गया।
समुद्री सुरक्षा के नए खतरों पर चर्चा
इस अभ्यास में पारंपरिक युद्ध के अलावा उन खतरों पर ज्यादा फोकस रहा, जो आज के समय में तेजी से बढ़ रहे हैं। जिनमें समुद्री डकैती, तस्करी, अवैध मछली पकड़ना, आपदा की स्थिति और समुद्री रास्तों की सुरक्षा शामिल है।
हिंद महासागर क्षेत्र दुनिया के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति होती है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत बनाना सभी देशों के लिए जरूरी है।
यह एक्सरसाइज आईओएस सागर पहल से भी जुड़ी हुई थी, जिसमें कई देशों के नौसैनिक अधिकारी पहले से ही कोच्चि में ट्रेनिंग ले रहे थे। इन अधिकारियों ने भी इस टेबल-टॉप एक्सरसाइज में हिस्सा लिया, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों के करीब अनुभव मिला।
इससे सिर्फ वरिष्ठ स्तर पर ही नहीं, बल्कि ऑपरेशनल स्तर पर भी सहयोग और समझ को मजबूत करने का मौका मिला।
इस अभ्यास के दौरान कई तरह के सीनारियो बनाए गए, जिनमें अलग-अलग तरह की परिस्थितियों को शामिल किया गया। इन पर चर्चा करके यह समझने की कोशिश की गई कि किसी संकट के समय किस तरह जल्दी और सही फैसला लिया जाए।
इस प्रक्रिया में सभी देशों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और एक-दूसरे के काम करने के तरीके को समझा।
सहयोग और तालमेल पर रहा जोर
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य यही था कि अलग-अलग देशों की नौसेनाएं एक साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें। इसके लिए जानकारी साझा करने, एक जैसी प्रक्रिया अपनाने और आपसी भरोसा बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया।

