📍नई दिल्ली | 5 Dec, 2025, 9:01 PM
Sapperscout RP 2.0: भारतीय सेना के 7 इंजीनियर रेजिमेंट के मेजर राजप्रसाद आरएस ने देश का पहला स्वदेशी मल्टी-यूटिलिटी अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) तैयार किया है। इस यूजीवी का नाम सैपरस्काउट आरपी 2.0 है। इस व्हीकल को इनोयोद्धा-2025 में शोकेस किया गया, जहां कोर कमांडर इन चीफ के समक्ष मेजर राजप्रसाद ने इसका डेमोंस्ट्रेशन दिया। इस आयोजन में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी भी उपस्थित रहे।
मेजर राजप्रसाद के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनका बनाया 12वां मिलिटरी इनोवेशन है। इनमें से चार इनोवेशन पिछले दो वर्षों में भारतीय सेना में शामिल भी किए जा चुके हैं। जिनमें विद्युत रक्षक (IoT आधारित जनरेटर मॉनिटरिंग सिस्टम) और अग्निअस्त्र (मल्टी-टारगेट पोर्टेबल डेटोनेशन सिस्टम) शामिल हैं।
🇮🇳🤖 Major Rajprasad RS Unveils ‘Sapperscout RP 2.0’ UGV at InnoYoddha
Major Rajprasad RS of 7 Engineer Regiment showcased the Sapperscout RP 2.0 Multi-Utility Unmanned Ground Vehicle at the InnoYoddha Annual Innovation Competition in New Delhi – a big step toward soldier-driven,… pic.twitter.com/HjUpvdWjCr— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 5, 2025
राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को मानेकशॉ सेंटर में सर्विस लेवल इनोवेशन कंपटीशन का आयोजन किया गया था। सैपरस्काउंट यूजीवी में माइन डिटेक्शन, सर्विलांस और रिकॉन्सेंस, पेलोड कैरिज, व्हीकल-बेस्ड माइन-स्कैटरिंग और कैजुअल्टी इवैक्यूएशन जैसी खूबियां हैं।
सैपरस्काउट आरपी 2.0 एक मल्टी-रोल अनमैन्ड ग्राउंड सिस्टम है, जिसे बिना किसी जवान को खतरे में डाले कई महत्वपूर्ण मिशन पूरे करने के लिए बनाया गया है। यह एक ऑल-टेरेन प्लैटफॉर्म है, यानी रेगिस्तान, जंगल, पहाड़ और ऊंचाई वाले इलाकों में आसानी से चल सकता है। सैपरस्काउट छह पहियों वाला, अलग-अलग ड्राइव सिस्टम और आर्टिकुलेटेड सस्पेंशन के साथ आता है, जिससे यह ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र में भी स्टैबिलिटी बनाए रखता है।
🇮🇳🛡️ INDIAN ARMY UNVEILS SOLDIER-LED INNOVATIONS AT INNO-YODDHA 2025
The Indian Army showcased groundbreaking, in-house operational solutions at Inno-Yoddha 2025, its annual idea & innovation competition held at Manekshaw Centre, New Delhi.
This year saw a record 89 innovations,… pic.twitter.com/T0xmAW82nl— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 5, 2025
इस व्हीकल में एन्वायर्नमेंटल सेंसिंग और ऑब्स्टेकल डिटेक्शन की भी सुविधा है, जिसे कॉमन-यूएएस सिस्टम जैसे अलग-अलग पेलोड्स इंस्टॉल करने के लिए मॉड्यूलर बनाया गया है। यूजीवी की मदद से टारगेट को दूर से एंगेज करने, सीमावर्ती इलाकों में फ्लैंक प्रोटेक्शन, गोला-बारूद और ईंधन की सप्लाई, साथ ही काउंटर-अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम ग्रिड बनाना काफी आसान हो जाएगा। साथ ही, यह हाई-एल्टीट्यूड रीजन और रेगिस्तान जैसे कठिन इलाकों में भी सेना की बड़ी जरूरतों को पूरी करेगा।
मेजर राजप्रसाद ने बताया कि सैपरस्काउट 2.0 भारत का पहलाा इन-हाउस यूजीवी है, जिसे कई कामों के लिए तैयार किया गया है। सैपरस्काउट का इस्तेमाल उपयोग मैन्ड-अनमैन्ड टीमिंग यानी मैन-यूजीवी टीमिंग में किया जा सकता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह मैकेनाइज्ड और ग्राउंड फोर्सेज खतरनाक जगहों में बिना मानव जोखिम के मिशन पूरे कर सकेंगी। डेमो में व्हीकल ने अलग-अलग इलाकों में अपने सेंसर्स और नेविगेशन सिस्टम से सफल परफॉर्मेंस दिखाई। इस दौरान एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और अन्य इंडस्ट्री पार्टनर्स भी मौजूद थे। मेजर राजप्रसाद ने बताया कि व्हीकल की टेस्टिंग विभिन्न भौगोलिक इलाकों में की गई जहां इसे थर्मल, रेन और रोकी मोड में परखा गया।


