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Indian Army Op Sagar Bandhu: श्रीलंका में बाढ़ के बीच भारतीय सेना बनी मददगार, तैयार किया फुल फील्ड हॉस्पिटल, 5000 से ज्यादा मरीजों का किया इलाज

सेना के मुताबिक, जाफना और कैंडी के पास बनाए पैरा फील्ड हॉस्पिटल ने कुछ ही दिनों में अपनी क्षमता साबित कर दी। यहां अब तक 5000 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है...

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📍कोलंबो, श्रीलंका | 11 Dec, 2025, 12:16 PM

Indian Army Op Sagar Bandhu: श्रीलंका में आई भीषण बाढ़ और चक्रवात दित्वाह ने जिस तरह तबाही मचाई, उसके बाद कई इलाके पूरी तरह से पानी में डूब गए। ऐसे मुश्किल समय में ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारतीय सेना की तरफ से भेजी गई मेडिकल और इंजीनियरिंग टीमें सबसे बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई हैं। भारतीय सेना का यह मिशन 2 दिसंबर को शुरू हुआ और कुछ ही दिनों में इसने हजारों लोगों तक राहत पहुंचाई।

भारत की “नेबरहुड फर्स्ट” नीति और दोनों देशों के मजबूत मानवीय संबंधों की गहरी मिसाल भी बन गई है। श्रीलंका के संकट के समय भारत एक बार फिर पहले और सबसे भरोसेमंद मददगार के रूप में सामने आया है। (Indian Army Op Sagar Bandhu)

Indian Army Op Sagar Bandhu

Indian Army Op Sagar Bandhu: खाली पार्किंग लॉट में बनाया अस्पताल

चक्रवात दित्वाह से भारी तबाही मचने के बाद जब भारतीय सेना का दस्ता जब कोलंबो पहुंचा, तो उन्हें बाढ़ प्रभावित इलाके तक पहुंचने में लगभग 18 घंटे की लंबी और बेहद चुनौतीपूर्ण यात्रा करनी पड़ी। रास्ते टूटे हुए थे, कई जगह पानी भरा था और कम्युनिकेशन सिस्टम लगभग बंद था। अस्पताल बनाने के लिए मात्र एक खाली पार्किंग लॉट उपलब्ध था, जहां बिजली और पानी की व्यवस्था भी नहीं थी।

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न बिजली न पानी की व्यवस्था

स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इंजीनियर और मेडिकल टीम ने रातभर काम किया और फील्ड हॉस्पिटल को तैयार किया। पोर्टेबल जेनसेट लगाकर लगातार बिजली की व्यवस्था की गई, ताकि सर्जरी, इमरजेंसी केयर और अन्य महत्वपूर्ण मेडिकल सेवाएं रुकें नहीं। पानी की सप्लाई बहाल करने में भी टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया और कम्युनिकेशन नेटवर्क को भी री-एक्टिवेट किया, जिससे भारत और श्रीलंका की एजेंसियों के साथ रियल-टाइम संपर्क संभव हो पाया।

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ड्रोन की मदद से इलाके का एरियल सर्वे

सेना ने बताया कि अस्पताल तैयार करने के दौरान नई तकनीक का भी पूरा उपयोग किया गया। ड्रोन की मदद से इलाके का एरियल सर्वे किया गया, जिससे हॉस्पिटल का लेआउट तय करने में आसानी हुई। हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग ये युक्त टेंट (तापमान नियंत्रित मेडिकल टेंट) में ऑपरेशन थिएटर बनाया गया, जहां मरीजों की सर्जरी सुरक्षित माहौल में की जा सकती थी। सैंपल और ब्लड मूवमेंट के लिए विशेष टूल्स का उपयोग किया गया, जिससे डायग्नोस्टिक रिपोर्ट फटाफट मिल सके। (Indian Army Op Sagar Bandhu)

कुछ ही दिनों में यह फील्ड हॉस्पिटल मल्टी-स्पेशियलिटी सेंटर में बदल गया। यहां एक्स-रे, लैब, डेंटल केयर, फैमिली मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गईं।

Indian Army Op Sagar Bandhu

5000 से अधिक मरीजों का इलाज

सेना के मुताबिक, जाफना और कैंडी के पास बनाए पैरा फील्ड हॉस्पिटल ने कुछ ही दिनों में अपनी क्षमता साबित कर दी। यहां अब तक 5000 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है। 8 दिसंबर को अकेले 1,128 मरीज पहुंचे, जिनमें 73 छोटी और 4 सर्जरी की गईं। कुल मिलाकर 5 इमरजेंसी सर्जरी और 67 माइनर प्रक्रियाएं यहां पूरी की जा चुकी हैं। बाढ़ से तबाह लोगों को न सिर्फ इलाज मिला, बल्कि उनसे बातचीत कर सेना के जवानों ने उनका मनोबल भी बढ़ाया।स्थानीय लोगों ने इस हॉस्पिटल की काफी सराहना की है। वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति भी यहां बने इस अस्पताल का जल्द दौरा कर सकते हैं। (Indian Army Op Sagar Bandhu)

मेडिकल टास्क फोर्स में 85 विशेषज्ञ शामिल

भारतीय सेना की मेडिकल टास्क फोर्स में 85 विशेषज्ञ शामिल हैं जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्सिंग स्टाफ, इंजीनियर, सिग्नलर्स और लॉजिस्टिक टीमें मौजूद हैं। यह टीम 24 घंटे काम कर रही है। इसी दौरान सिग्नल टीम ने एक क्षतिग्रस्त ऑप्टिकल फाइबर केबल भी ठीक किया, जिससे इलाके में मोबाइल नेटवर्क वापस चालू हो गया। यह स्थानीय लोगों के लिए बड़े राहत की बात थी। वहीं, सेना ने पीने का साफ पानी भी उपलब्ध कराया और जरूरत के मुताबिक मानव सेवा के अन्य कार्य किए। (Indian Army Op Sagar Bandhu)

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Indian Army Op Sagar Bandhu
Lt Col Jagneet Gill, Contingent Commander of the Indian Army team deployed under Operation Sagar Bandhu in Sri Lanka

ठीक किए टूटे पुल

इसके साथ ही भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स ने श्रीलंका के कई हिस्सों में क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत शुरू की। जाफना के पुलियाम्पोककनई ब्रिज से टूटी पैनलों को हटाकर रास्ता खोलने का काम किया गया। परंथन–कराच्ची–मुल्लैतिवु (ए35) रोड पर स्थित एक बड़े ब्रिज को हटाने और बदलने का काम भी शुरू हो चुका है। जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से बैली ब्रिज के पुर्जे एयरलिफ्ट किए गए, ताकि यातायात जल्द बहाल हो सके। (Indian Army Op Sagar Bandhu)

नौसेना और वायुसेना भी राहत में जुटीं

राहत सामग्री वितरण में भी भारतीय टीम ने बड़ी भूमिका निभाई। तमिलनाडु सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से भेजी गई दवाइयां, भोजन, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई गईं। अब तक लगभग 1,050 टन राहत सामग्री श्रीलंका को दी जा चुकी है। भारतीय नौसेना के जहाजों आईएनएस विक्रांत, उदयगिरि, सुकन्या, घड़ियाल और एलसीयू जहाजों ने लगातार सप्लाई पहुंचाई। हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ से कटे क्षेत्रों में सामान और पुल के पार्ट्स गिराकर राहत पहुंचाई। एनडीआरएफ, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त कार्रवाई से 450 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी। (Indian Army Op Sagar Bandhu)

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