📍नई दिल्ली/गुंटूर | 29 Mar, 2026, 12:01 PM
Archery championship: भारतीय सेना से जुड़े एक प्रशिक्षण संस्थान के दो युवा तीरंदाजों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर में आयोजित एनटीपीसी ओपन नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में इन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का दम दिखाया और सेना के साथ-साथ महाराष्ट्र का नाम भी रोशन किया।
यह प्रतियोगिता देशभर के उभरते तीरंदाजों के लिए एक बड़ा मंच मानी जाती है, जहां कड़ी चुनौती के बीच खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करनी होती है।
Archery championship: जीविशा अग्रवाल ने जीता गोल्ड
इस प्रतियोगिता में जीविशा अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन किया। अहिल्यानगर के मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री सेंटर एंड स्कूल से जुड़ी जीविशा ने अंडर-13 गर्ल्स कैटेगरी के इंडियन राउंड एलिमिनेशन इवेंट में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने काफी संयम और आत्मविश्वास के साथ तीर चलाए। हर राउंड में उनका प्रदर्शन स्थिर रहा, जिसकी वजह से वह फाइनल तक पहुंचीं और जीत हासिल की।
इंडिविजुअल रैंकिंग प्रतियोगिता में भी जीविशा ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन वह सिर्फ एक अंक से पोडियम में जगह बनाने से चूक गईं। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन लगातार शानदार बना रहा।
निधि महतो को राष्ट्रीय रैंकिंग में नौवां स्थान
जीविशा के साथ ही निधि महतो ने भी इस प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने राष्ट्रीय रैंकिंग में नौवां स्थान हासिल किया।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच टॉप-10 में जगह बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान मेहनत और धैर्य के साथ मुकाबला किया और अपनी पहचान बनाई।
राज्य स्तर से नेशनल तक का सफर
इन दोनों युवा तीरंदाजों के इस शानदार सफर के पीछे लगातार मेहनत और कई प्रतियोगिताओं का अनुभव रहा है। महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित मिनी सब-जूनियर स्टेट लेवल आर्चरी प्रतियोगिता में इनके प्रदर्शन के आधार पर ही इनका चयन नेशनल चैंपियनशिप के लिए हुआ था।
उस प्रतियोगिता में जीविशा ने इंडिविजुअल कैटेगरी में दूसरा स्थान हासिल किया था। वहीं टीम इवेंट में अहिल्यानगर की टीम ने गोल्ड मेडल जीता था, जिसमें जीविशा और निधि दोनों शामिल थीं।
सेना के ट्रेनिंग सिस्टम की अहम भूमिका
इन खिलाड़ियों की सफलता के पीछे सेना के प्रशिक्षण सिस्टम की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। अहिल्यानगर स्थित मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री सेंटर एंड स्कूल में बच्चों की प्रतिभा को शुरुआती स्तर पर ही पहचाना जाता है और उन्हें सही दिशा में ट्रेनिंग दी जाती है।
यहां खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन मिलता है, जिससे वे बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो पाते हैं।
कोच की अहम भूमिका
इस सफलता में कोच हवलदार राकेश निनामा का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को लगातार ट्रेनिंग दी और उनके खेल को बेहतर बनाने पर काम किया।
उनकी देखरेख में खिलाड़ियों ने न केवल तकनीक सीखी, बल्कि दबाव में खेलने का तरीका भी समझा। यही वजह रही कि राष्ट्रीय स्तर पर भी दोनों ने आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया।
पहले भी दिखा चुकी हैं दम
यह पहली बार नहीं है जब इन खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया हो। इससे पहले भी 2025 में आयोजित सीबीएसई आर्चरी नेशनल प्रतियोगिता में अहिल्यानगर की टीम ने हिस्सा लिया था। उस समय भी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था और व्यक्तिगत स्तर पर भी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया था।
गुंटूर में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। हर कैटेगरी में मुकाबला काफी कड़ा रहा, खासकर अंडर-13 वर्ग में जहां कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मैदान में थे।


